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आंध्र प्रदेश में MPTC-ZPTC चुनाव की मतगणना शुरू, 365 केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा

अमरावती। आंध्र प्रदेश में मंडल परिषद क्षेत्रीय निर्वाचन क्षेत्रों (MPTC) और जिला परिषद क्षेत्रीय निर्वाचन क्षेत्रों (ZPTC) के दूसरे आम चुनावों की मतगणना शनिवार सुबह 8 बजे शुरू होने का कार्यक्रम निर्धारित किया गया है। राज्य चुनाव आयोग ने मतगणना के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। प्रदेशभर में बनाए गए 365 मतगणना केंद्रों पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। मतगणना प्रक्रिया को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए 19,885 पुलिसकर्मियों की तैनाती के साथ सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन से निगरानी की व्यवस्था की गई है।
राज्य चुनाव आयुक्त अनिल चंद्र पुनेथा ने बताया कि सभी मतगणना केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। आयोग ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मतगणना प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार पूरी की जाए और किसी भी तरह की अव्यवस्था से बचने के लिए पर्याप्त सावधानी बरती जाए।
आयोग के अनुसार, इस चुनाव में कुल 77 ZPTC और 2,051 MPTC सीटों पर उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। शेष 577 ZPTC और 7,707 MPTC सीटों के लिए 5 नवंबर को मतदान कराया गया था।
इन सीटों पर मतदाताओं ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की और कुल 70.72 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। यह आंकड़ा वर्ष 2021 में हुए चुनावों के मुकाबले अधिक है।
राज्य चुनाव आयोग के अनुसार, 2021 के चुनावों में 60.91 प्रतिशत मतदान हुआ था, जबकि इस बार मतदान प्रतिशत बढ़कर 70.72 तक पहुंच गया। इस प्रकार पिछले चुनाव की तुलना में मतदान में 9.81 प्रतिशत अंक की वृद्धि दर्ज की गई है।
मतदान के दौरान कुछ स्थानों पर बूथ कैप्चरिंग और मतपेटियों को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं भी सामने आई थीं। इन घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए राज्य चुनाव आयोग ने सात मतदान केंद्रों पर दोबारा मतदान कराने का आदेश दिया था।
आयोग के निर्देश के बाद 6 नवंबर को अनंतपुर, कुरनूल, श्रीकाकुलम, मरकापुरम और पलनाडु जिलों के संबंधित मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान कराया गया। अधिकारियों के अनुसार, इन सभी केंद्रों पर दोबारा मतदान सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
मतगणना के लिए राज्यभर में कुल 9,062 मेजों की व्यवस्था की गई है। इन मेजों पर अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्रों के मतपत्रों की गिनती की जाएगी। आयोग ने मतगणना प्रक्रिया को व्यवस्थित रखने के लिए मेजों का समान रूप से विभाजन किया है।
कुल मतगणना मेजों में से 50 प्रतिशत ZPTC निर्वाचन क्षेत्रों के मतों की गिनती के लिए निर्धारित की गई हैं। शेष 50 प्रतिशत मेजों पर MPTC निर्वाचन क्षेत्रों के मतपत्र गिने जाएंगे।
आयोग के अनुसार, प्रत्येक मतगणना मेज पर एक राउंड में 1,000 मतपत्रों की गिनती की जाएगी। इससे मतगणना प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से पूरा करने में मदद मिलेगी।
मतगणना की शुरुआत पोस्टल बैलेट की गिनती से होगी। इसके बाद MPTC और ZPTC निर्वाचन क्षेत्रों की मतपेटियों से निकाले गए मतपत्रों की गणना की जाएगी।
इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया को पूरा कराने के लिए बड़ी संख्या में अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। राज्य चुनाव आयोग ने कुल 11,002 मतगणना पर्यवेक्षकों और 28,692 मतगणना सहायकों को तैनात किया है।
इनके अलावा अन्य सहायक कर्मचारियों को भी मतगणना केंद्रों पर आवश्यक जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। अधिकारियों का उद्देश्य मतपत्रों की गिनती को व्यवस्थित ढंग से पूरा करना और चुनाव परिणाम तैयार करने की प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना है।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी राज्य चुनाव आयोग ने विशेष तैयारियां की हैं। प्रदेश के सभी 365 मतगणना केंद्रों और उनके आसपास के क्षेत्रों में कुल 19,885 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।
आयोग ने मतगणना केंद्रों पर त्रि-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। इसके तहत मतगणना केंद्रों के भीतर और आसपास पुलिस बल तैनात रहेगा, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके।
संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी की व्यवस्था की गई है। यहां सीसीटीवी कैमरों के साथ ड्रोन और पुलिसकर्मियों द्वारा पहने जाने वाले बॉडी कैमरों का उपयोग किया जाएगा।
इन तकनीकी व्यवस्थाओं का उद्देश्य मतगणना केंद्रों के आसपास की गतिविधियों पर नजर रखना और किसी भी संदिग्ध परिस्थिति की तत्काल पहचान करना है।
राज्य चुनाव आयोग ने अधिकारियों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। मतगणना के दौरान सुरक्षा व्यवस्था की लगातार निगरानी की जाएगी।
आयोग का कहना है कि सभी केंद्रों पर मतगणना की प्रक्रिया को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध करा दिए गए हैं। सुरक्षा बलों और चुनाव अधिकारियों के बीच समन्वय बनाए रखने पर भी विशेष जोर दिया गया है।
MPTC और ZPTC चुनाव स्थानीय स्तर पर प्रतिनिधित्व तय करने की महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। इन चुनावों के माध्यम से मंडल और जिला परिषद स्तर पर जनप्रतिनिधियों का निर्वाचन किया जाता है।
इस बार मतदान प्रतिशत में बढ़ोतरी दर्ज होने के कारण चुनाव परिणामों को लेकर राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों की दिलचस्पी बनी हुई है। हालांकि, मतगणना पूरी होने और आधिकारिक परिणाम घोषित होने के बाद ही विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों की स्थिति स्पष्ट होगी।
राज्य चुनाव आयुक्त अनिल चंद्र पुनेथा ने भरोसा जताया कि व्यापक तैयारियों और सुरक्षा इंतजामों के बीच मतगणना शांतिपूर्ण तरीके से पूरी की जा सकेगी।
फिलहाल राज्य चुनाव आयोग की प्राथमिकता सभी 365 केंद्रों पर मतगणना को निर्धारित नियमों के अनुसार संपन्न कराना और चुनाव परिणामों की आधिकारिक घोषणा सुनिश्चित करना है।





