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मुफ़्त बस यात्रा के 87 करोड़ ट्रिप पूरे होने पर CM चंद्रबाबू नायडू लाभार्थियों से मुलाक़ात करेंगे

अमरावती: आंध्र प्रदेश में 'स्त्री शक्ति' मुफ़्त बस यात्रा योजना की पहली सालगिरह मनाई जा रही है। इस मौके पर मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू शनिवार को योजना का लाभ उठाने वाली महिलाओं से मिलेंगे। सरकार का दावा है कि इस प्रोग्राम ने पूरे राज्य में महिलाओं के लिए आने-जाने के तरीके को बदल दिया है।
अमरावती के परेड ग्राउंड में स्वतंत्रता दिवस समारोह के बाद 'स्त्री शक्ति का एक साल - दोगुना आत्म-सम्मान' (A Year of Stree Shakti-Doubled Self-Respect) नाम का एक राज्य-स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। नायडू कार्यक्रम स्थल से मुख्यमंत्री कैंप ऑफिस तक 'स्त्री शक्ति' योजना का लाभ उठाने वाली महिलाओं के साथ बस में यात्रा करेंगे और उनके लिए 'हाई टी' (चाय-नाश्ते) का आयोजन करेंगे। उम्मीद है कि वे इस योजना और रोज़मर्रा की ज़िंदगी पर इसके असर के बारे में महिलाओं से फीडबैक लेंगे।
पिछले साल 15 अगस्त को शुरू की गई 'स्त्री शक्ति' योजना के तहत, महिलाएं तय APSRTC बसों में मुफ़्त यात्रा कर सकती हैं। इसमें यात्रा की संख्या या दूरी की कोई पाबंदी नहीं है, बस योजना के पात्रता नियमों का पालन करना होता है।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, हर दिन लगभग 24 लाख महिलाएं इस सुविधा का इस्तेमाल करती हैं। योजना शुरू होने के बाद से महिलाओं ने इसके तहत लगभग 87 करोड़ यात्राएं की हैं। सरकार हर दिन औसतन 8.53 करोड़ रुपये की सब्सिडी देती है, जिससे पहले साल में इसका कुल खर्च 3,095 करोड़ रुपये हो गया है।
यह योजना APSRTC की पांच तरह की बसों में लागू है - एक्सप्रेस, अल्ट्रा पल्ले वेलुगु, पल्ले वेलुगु, मेट्रो एक्सप्रेस और सिटी ऑर्डिनरी। बेड़े में शामिल 9,978 RTC बसों में से 7,631 यानी 76 प्रतिशत बसें इस योजना में शामिल हैं। सरकार ने मंदिरों तक चलने वाली स्पेशल बसों में भी यह सुविधा दी है।
इसका असर यात्रियों की संख्या में दिखता है। योजना शुरू होने से पहले RTC यात्रियों में महिलाओं की हिस्सेदारी लगभग 40 प्रतिशत थी। तब से यह बढ़कर 62 प्रतिशत हो गई है, जबकि रोज़ाना यात्रा करने वाली महिला यात्रियों की संख्या 9.47 लाख से बढ़कर 24 लाख हो गई है। अधिकारियों के मुताबिक, इस योजना में शामिल बसों में ऑक्यूपेंसी रेट (सीट भरने की दर) 93 प्रतिशत है।
सरकार का कहना है कि इस योजना से महिलाओं को शिक्षा, रोज़गार, स्वास्थ्य सेवा, छोटे-मोटे व्यापार और धार्मिक यात्राओं के लिए आने-जाने में मदद मिली है और उन पर रोज़ाना यात्रा का खर्च उठाने का बोझ नहीं पड़ता। महिलाएं योजना के नियमों के अनुसार अपना आधार कार्ड दिखाकर इस सुविधा का लाभ उठा सकती हैं।





