आंध्र प्रदेश

कल के MPTC, ZPTC चुनाव चयन पर चक्रवात के बादल मंडरा रहे हैं

Tulsi Rao
4 Nov 2026 3:32 PM IST
कल के MPTC, ZPTC चुनाव चयन पर चक्रवात के बादल मंडरा रहे हैं
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अमरावती: आंध्र प्रदेश के कई जिलों में चक्रवात 'मुरासु' के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त है, जिससे 5 नवंबर को होने वाले MPTC और ZPTC चुनावों पर अनिश्चितता के बादल छा गए हैं। भारी बारिश, नदियों-नालों में बाढ़ और सड़कों के क्षतिग्रस्त होने से ग्रामीण इलाकों पर बुरा असर पड़ा है। इसे देखते हुए राज्य चुनाव आयोग (SEC) यह आकलन कर रहा है कि क्या तय कार्यक्रम के अनुसार मतदान कराया जा सकता है या इसे स्थगित करना होगा।

चक्रवात का असर कृष्णा, गुंटूर, प्रकाशम और नेल्लोर जिलों (अविभाजित), तिरुपति क्षेत्र के कुछ हिस्सों और पूर्वी गोदावरी के इलाकों में काफी गंभीर रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति विशेष रूप से खराब है; कई जगहों पर लगातार बारिश हो रही है और नदियों-नालों के उफान पर होने से गांवों में लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कुछ जगहों पर तो सड़क संपर्क पूरी तरह से टूट गया है। अगर मंगलवार रात तक बारिश रुक भी जाती है, तो भी बुधवार सुबह तक हालात सामान्य होना मुश्किल लग रहा है। जिला प्रशासन इस समय नुकसान का आकलन करने, आपातकालीन राहत कार्य चलाने और जरूरी सेवाओं को बहाल करने में व्यस्त है। चुनाव ड्यूटी के लिए कर्मचारियों की उपलब्धता भी एक बड़ी चिंता का विषय बन गई है।

इस स्थिति के कारण मतदान कर्मियों को लाने-ले जाने और मतदान केंद्रों तक चुनाव सामग्री व मतपत्र पहुंचाने में व्यावहारिक चुनौतियां आ रही हैं, खासकर उन गांवों में जहां रास्ते बंद हो गए हैं। प्रभावित जिलों के कलेक्टर पहले से ही राहत और बहाली के कामों में जुटे हुए हैं। SEC स्थिति की स्पष्ट तस्वीर पाने के लिए कलेक्टरों से लगातार संपर्क में है, ताकि सड़कों की हालत, मतदान केंद्रों तक पहुंच और कर्मचारियों की उपलब्धता के बारे में जानकारी मिल सके। आयोग यह देख रहा है कि क्या गुरुवार को होने वाले मतदान के लिए हालात सामान्य हो पाएंगे या फिर चुनावों को टाल देना चाहिए। अंतिम फैसला कलेक्टरों द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट और तैयारियों के आकलन पर निर्भर करेगा।

आयोग स्थानीय निकाय चुनावों की प्रक्रिया में आ रही दिक्कतों को भी ध्यान में रख रहा है। चक्रवात के कारण बनी खराब मौसम की स्थिति को देखते हुए चिराला नगर पालिका में वोटों की गिनती 6 नवंबर तक के लिए टाल दी गई है। MPTC और ZPTC चुनावों के कार्यक्रम में भी पहले बदलाव किया जा चुका है। 28 अक्टूबर को SEC ने मतदान की तारीख बदलकर 5 नवंबर कर दी थी, जिसमें जरूरत पड़ने पर 6 नवंबर को दोबारा मतदान (रीपोलिंग) और 7 नवंबर को मतगणना होनी है। यह बदलाव शहरी स्थानीय निकाय चुनावों के कार्यक्रम में हुए फेरबदल के बाद किया गया था। सुप्रीम कोर्ट द्वारा ULB चुनावों का रास्ता साफ करने के बाद, मतदान की तारीख 1 नवंबर और मतगणना की तारीख 3 नवंबर तय की गई। इससे पहले से तय MPTC और ZPTC चुनावों के साथ लॉजिस्टिक (व्यवस्था संबंधी) टकराव की स्थिति बन गई, खासकर पुलिसकर्मियों और मतदान कर्मचारियों की तैनाती को लेकर। इसलिए, SEC ने ग्रामीण स्थानीय निकाय चुनावों को आगे खिसका दिया, ताकि नगरपालिका चुनावों की मतगणना के बाद कर्मचारियों और संसाधनों को फिर से तैनात किया जा सके। अब, संशोधित कार्यक्रम के करीब आते ही 'मुरासु' चक्रवात ने एक नई बाधा खड़ी कर दी है।

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