आंध्र प्रदेश

विशाखापत्तनम स्टील प्लांट में CISF फायर विंग ने शुरू किया फायर सर्विस वीक

Harrison
14 April 2026 6:59 PM IST
विशाखापत्तनम स्टील प्लांट में CISF फायर विंग ने शुरू किया फायर सर्विस वीक
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Andhra Pradesh आंध्र प्रदेश: विशाखापत्तनम में मंगलवार को CISF फायर विंग द्वारा विशाखापत्तनम स्टील प्लांट में फायर सर्विस वीक की शुरुआत की गई। यह कार्यक्रम 20 अप्रैल तक चलेगा, जिसमें आग से सुरक्षा, आपातकालीन प्रतिक्रिया और बचाव कार्यों से जुड़े विभिन्न प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
कार्यक्रम में RINL के डायरेक्टर (प्रोजेक्ट्स) अरुण कांति बागची मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने फायर सर्विस कर्मियों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि आपात स्थिति में सबसे पहले मदद पहुंचाने वाले लोग फायर सर्विस के जवान होते हैं। उन्होंने कहा कि आग, सड़क दुर्घटना और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान बचाव कार्यों में समय सबसे महत्वपूर्ण होता है।
अरुण कांति बागची ने अपने संबोधन में “गोल्डन आवर” की अहमियत पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी दुर्घटना या आपदा के बाद शुरुआती एक घंटा यानी गोल्डन आवर जीवन बचाने में सबसे निर्णायक भूमिका निभाता है। यदि इस समय में त्वरित और सही कार्रवाई की जाए तो कई जिंदगियों को बचाया जा सकता है।
फायर सर्विस वीक के दौरान विभिन्न डेमोंस्ट्रेशन, मॉक ड्रिल और ट्रेनिंग सेशन आयोजित किए जाएंगे, जिनमें स्टील प्लांट के कर्मचारी और CISF कर्मी भाग लेंगे। इन गतिविधियों का उद्देश्य आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता को बढ़ाना और सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूकता फैलाना है।
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना बेहद जरूरी है, क्योंकि यहां बड़े पैमाने पर उत्पादन और भारी मशीनरी का उपयोग होता है, जिससे किसी भी छोटी लापरवाही से बड़ा हादसा हो सकता है। ऐसे में प्रशिक्षित फायर फाइटर्स की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
CISF फायर विंग के अधिकारियों ने कहा कि इस सप्ताह के दौरान कर्मचारियों को आग बुझाने के आधुनिक उपकरणों और तकनीकों के बारे में भी जानकारी दी जाएगी। साथ ही आपातकालीन स्थिति में बचाव और निकासी की प्रक्रिया का अभ्यास कराया जाएगा।
स्थानीय स्तर पर इस कार्यक्रम को सुरक्षा जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि इस तरह के आयोजन न केवल कर्मचारियों की दक्षता बढ़ाते हैं, बल्कि किसी भी आपदा के समय नुकसान को कम करने में भी मदद करते हैं।
कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों को सुरक्षा नियमों का पालन करने और कार्यस्थल पर सतर्क रहने की शपथ भी दिलाई गई। पूरे आयोजन का उद्देश्य एक सुरक्षित औद्योगिक वातावरण तैयार करना है, जहां आपात स्थिति में तेजी से और प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
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