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आंध्र प्रदेश
10वीं की छात्रा पर हमले से हड़कंप, जगन रेड्डी ने कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल
Ratna Netam
31 Oct 2026 8:48 PM IST

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अमरावती। आंध्र प्रदेश में दसवीं कक्षा के एक छात्र पर चेन-सॉ से हमले की खबर के बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने इस घटना को लेकर राज्य की तेलुगु देशम पार्टी (TDP) के नेतृत्व वाली सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए स्थिति को 'जंगल राज' बताया है।एक स्कूली छात्र पर इस तरह के हमले की घटना ने बच्चों की सुरक्षा और सार्वजनिक स्थानों पर हिंसक वारदातों की रोकथाम को लेकर चिंता बढ़ाई है। जगन रेड्डी ने घटना को लेकर राज्य सरकार से जवाबदेही की मांग की है। हालांकि, घटना की परिस्थितियों और हमले के पीछे के कारणों को लेकर पुलिस की आधिकारिक जांच के निष्कर्ष सामने आना आवश्यक है।पुलिस के अनुसार, घटना अनंतपुर जिले के राप्ताडु स्थित जिला परिषद हाई स्कूल में हुई। शनिवार सुबह करीब 10:30 बजे कक्षा दसवीं की पढ़ाई चल रही थी। इसी दौरान एक युवक कथित तौर पर बिजली से चलने वाली चेन-सॉ लेकर कक्षा में पहुंचा और एक छात्रा पर हमला कर दिया। बीच-बचाव करने आई दूसरी छात्रा भी घायल हो गई। दोनों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
कक्षा में घुसकर छात्रा पर किया हमला
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आरोपी के कक्षा में प्रवेश करते ही छात्रों और शिक्षकों के बीच अफरातफरी मच गई। अचानक हुई वारदात से कई बच्चे घबरा गए और अपनी सुरक्षा के लिए कक्षा से बाहर भागने लगे।हमले में 15 वर्षीय छात्रा के गले, पेट और हाथ पर गंभीर चोटें आईं। दूसरी छात्रा ने अपनी सहपाठी को बचाने की कोशिश की, लेकिन वह भी घायल हो गई। दोनों छात्राओं को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई।घटना के बाद विद्यालय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे। अभिभावकों ने चिंता जताई कि आखिर एक व्यक्ति खतरनाक उपकरण लेकर स्कूल की कक्षा तक कैसे पहुंच गया।
पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस ने आरोपी की पहचान 21 वर्षीय हेमंत उर्फ डुम्मू के रूप में की है। बताया जा रहा है कि वह श्री सत्य साईं जिले के धर्मावरम क्षेत्र का रहने वाला है।हमले के बाद आरोपी घटनास्थल से फरार हो गया था। पुलिस ने तलाश शुरू की और बाद में उसे धर्मावरम रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया।प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आरोपी पीड़ित छात्रा का दूर का रिश्तेदार बताया जा रहा है। हालांकि, हमले का वास्तविक कारण और घटनाक्रम के सभी पहलू जांच के अधीन हैं। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी ने वारदात की योजना पहले से बनाई थी या नहीं।
जगन रेड्डी ने सरकार को बताया जिम्मेदार
पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर घटना की निंदा करते हुए मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व वाली सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।उन्होंने आरोप लगाया कि टीडीपी गठबंधन के शासन में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ गई है। जगन रेड्डी ने इसे 'जंगल राज' बताते हुए कहा कि सरकारी स्कूल की कक्षा में एक छात्रा पर हमला होना बेहद चिंताजनक है।पूर्व मुख्यमंत्री ने सवाल किया कि कोई हमलावर बिना रोक-टोक विद्यालय में कैसे प्रवेश कर सकता है। उन्होंने इसे बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में प्रशासन की गंभीर चूक बताया।जगन रेड्डी ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार राजनीतिक प्रतिशोध पर अधिक ध्यान दे रही है। हालांकि, यह विपक्षी नेता का राजनीतिक आरोप है, न कि किसी जांच में स्थापित निष्कर्ष।
घायल छात्राओं को बेहतर इलाज देने की मांग
वाईएसआरसीपी प्रमुख ने दोनों घायल छात्राओं को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवारों को भरोसे में लिया जाना चाहिए और उनकी हर संभव सहायता की जानी चाहिए।जगन रेड्डी ने मामले की पारदर्शी जांच, आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और पूरे प्रदेश के विद्यालयों की सुरक्षा व्यवस्था की तत्काल समीक्षा करने की मांग भी उठाई।उन्होंने मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू और शिक्षा मंत्री नारा लोकेश से जवाबदेही तय करने को कहा। विपक्षी नेता के अनुसार, स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने जताया दुख
दूसरी ओर मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने भी घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने छात्रा पर हुए हमले को अमानवीय बताते हुए अधिकारियों से पूरे मामले की जानकारी ली।मुख्यमंत्री ने कहा कि वह घायल छात्रा के स्वास्थ्य और उपचार की स्थिति पर व्यक्तिगत रूप से नजर रख रहे हैं। उन्होंने चिकित्सकों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।नायडू ने पुलिस को मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।राज्य के शिक्षा मंत्री नारा लोकेश ने भी घटना पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि विद्यालय बच्चों के लिए सुरक्षित स्थान होने चाहिए और छात्राओं की सुरक्षा एवं सम्मान से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता।
स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
घटना के बाद विद्यालय में बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश को लेकर भी सवाल सामने आए हैं। रिपोर्टों के अनुसार, स्कूल परिसर में कुछ मरम्मत कार्य चल रहा था। ऐसे में कर्मचारियों को शुरुआत में आशंका नहीं हुई कि उपकरण लेकर आने वाला व्यक्ति हमला कर सकता है।यह परिस्थिति विद्यालयों में प्रवेश नियंत्रण और बाहरी व्यक्तियों की पहचान सुनिश्चित करने की आवश्यकता को सामने लाती है।विशेषज्ञों के अनुसार, स्कूलों में आगंतुकों का पंजीकरण, प्रवेश द्वार पर निगरानी, कर्मचारियों को आपातकालीन प्रशिक्षण और संदिग्ध गतिविधियों की तत्काल सूचना देने जैसी व्यवस्थाएं बच्चों की सुरक्षा में मददगार हो सकती हैं।हालांकि, इस विशेष मामले में सुरक्षा संबंधी जिम्मेदारी किस स्तर पर तय होगी, यह पुलिस और प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
घटना के बाद राजनीतिक विवाद तेजराप्ताडु स्कूल की घटना ने आंध्र प्रदेश में कानून-व्यवस्था और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर राजनीतिक बहस तेज कर दी है।जहां जगन मोहन रेड्डी ने सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया है, वहीं मुख्यमंत्री नायडू और शिक्षा मंत्री लोकेश ने घटना की निंदा करते हुए कार्रवाई तथा उपचार सुनिश्चित करने की बात कही है।इस मामले में अब पुलिस जांच के निष्कर्ष, आरोपी के खिलाफ न्यायिक कार्रवाई और विद्यालयों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा महत्वपूर्ण होंगी।फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता दोनों घायल छात्राओं का उपचार और उनके परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना है।
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