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आंध्र प्रदेश
APSEC की सफाई: आंध्र में नहीं टलेंगे स्थानीय निकाय चुनाव
Tara Tandi
29 Sept 2026 2:38 PM IST

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विजयवाड़ा: आंध्र प्रदेश राज्य चुनाव आयोग ने मंगलवार को उन खबरों को गलत बताया जिनमें कहा गया था कि राज्य में स्थानीय निकाय चुनावों का शेड्यूल घोषित करने में अभी दो महीने और लगेंगे। राज्य चुनाव आयुक्त अनिल चंद्र पुनेथा ने कहा कि सोशल मीडिया और अन्य कम्युनिकेशन प्लेटफॉर्म पर गलत और बिना पुष्टि वाली जानकारी फैलाई जा रही थी, जिसमें कहा गया था कि चुनाव शेड्यूल की घोषणा में दो महीने और लगेंगे।
राज्य चुनाव आयुक्त ने कहा, "इस जानकारी में यह भी दावा किया गया है कि आयोग वोटर लिस्ट और आरक्षण से जुड़े अदालती मामलों में मंज़ूरी मिलने के बाद ही चुनाव प्रक्रिया आगे बढ़ाएगा। यह भी कहा जा रहा है कि भले ही चुनाव में देरी हो, लेकिन चुनाव कराने के लिए आंतरिक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।"
उन्होंने साफ़ किया कि यह जानकारी गलत है और न तो असली है और न ही आयोग द्वारा जारी की गई है। उन्होंने कहा कि इसलिए जनता, राजनीतिक दलों और अन्य सभी संबंधित लोगों को सलाह दी जाती है कि वे ऐसी बिना पुष्टि वाली और बिना प्रमाण वाली जानकारी पर विश्वास न करें, उस पर निर्भर न रहें और न ही उसे आगे फैलाएं।
आयोग ने चेतावनी दी कि आयोग के नाम पर मनगढ़ंत, गुमराह करने वाली या बिना अधिकार वाली जानकारी फैलाने पर लागू कानून के तहत उचित कार्रवाई की जा सकती है।
चुनाव शेड्यूल के बारे में कोई भी घोषणा आयोग द्वारा आधिकारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस या प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से की जाएगी। इसलिए, सभी से अनुरोध है कि वे केवल आयोग द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें। चुनाव आयोग ने कहा कि व्हाट्सएप, सोशल मीडिया या किसी अन्य अनौपचारिक कम्युनिकेशन प्लेटफॉर्म से मिली जानकारी पर भरोसा करने या उसे आगे फैलाने से पहले आयोग की आधिकारिक वेबसाइट या अधिकृत सूचनाओं से उसकी पुष्टि कर लेनी चाहिए।
इससे पहले इस महीने, आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट ने नगर पालिकाओं और नगर निगमों में वार्डों और डिवीजनों के परिसीमन को चुनौती देने वाली कई याचिकाओं को खारिज कर दिया था। इससे स्थानीय निकाय चुनाव कराने में आ रही एक बड़ी कानूनी बाधा दूर हो गई थी।
कोर्ट के आदेश के बाद, राज्य सरकार ने वार्डों के पुनर्गठन की प्रक्रिया फिर से शुरू कर दी।
राज्य चुनाव आयोग ग्रामीण स्थानीय निकाय चुनाव कराने की तैयारियां भी जारी रखे हुए है।
मौजूदा मंडल प्रजा परिषदों का पांच साल का कार्यकाल 23 सितंबर को खत्म हो गया, जबकि ज़िला प्रजा परिषदों का कार्यकाल 24 सितंबर को समाप्त हुआ।
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