आंध्र प्रदेश

एपीपीएससी ग्रुप-I मूल्यांकन घोटाला: ईडी ने छापेमारी के दौरान दस्तावेज, डिजिटल उपकरण जब्त किए

Tulsi Rao
6 Nov 2026 5:34 PM IST
एपीपीएससी ग्रुप-I मूल्यांकन घोटाला: ईडी ने छापेमारी के दौरान दस्तावेज, डिजिटल उपकरण जब्त किए
x

अमरावती: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आंध्र प्रदेश लोक सेवा आयोग (APPSC) की ग्रुप-I मुख्य परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में कथित अनियमितताओं के सिलसिले में हैदराबाद, सिकंदराबाद और गुंटूर में सात जगहों पर तलाशी ली है। यह तलाशी 4 नवंबर को 'प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट' (PMLA), 2002 की धारा 17 के तहत ली गई।

गुरुवार को जारी एक बयान में, ED ने कहा कि तलाशी के दौरान उसने आपत्तिजनक दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और अन्य रिकॉर्ड जब्त किए हैं। यह जांच विजयवाड़ा के सूर्यरावपेट पुलिस स्टेशन में भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 420 और 120-B के तहत दर्ज एक FIR पर आधारित है, जो परीक्षा मूल्यांकन प्रक्रिया में कथित धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश से जुड़ी है।

ED के अनुसार, यह विवाद तब शुरू हुआ जब आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय ने W.P. संख्या 10805/2021 के तहत, 28 अप्रैल 2021 को घोषित ग्रुप-I मुख्य परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के डिजिटल मूल्यांकन को रद्द कर दिया। अदालत ने निर्देश दिया कि उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन मैन्युअल (हाथ से) तरीके से किया जाए।

ED ने बताया कि 27 नवंबर 2021 से 19 फरवरी 2022 के बीच, जब APPSC में कोई नियमित अध्यक्ष नहीं था, तब आयोग के तत्कालीन सचिव ने मैन्युअल मूल्यांकन का काम 'कैमसाइन मीडिया प्राइवेट लिमिटेड' को सौंप दिया। उत्तर पुस्तिकाओं को गुंटूर जिले के चिन्नाकाकानी गांव स्थित 'हाइलैंड रिसॉर्ट्स' में ले जाया गया और दिसंबर 2021 से फरवरी 2022 के बीच 84 दिनों तक वहीं रखा गया।

एजेंसी का आरोप है कि वास्तव में कोई मैन्युअल मूल्यांकन नहीं किया गया। इसके बजाय, 'स्टोन मीडिया एडवाइजरी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड' के एक डिवीजन 'ट्रूग्रेडर सर्विसेज' द्वारा पहले किए गए डिजिटल मूल्यांकन में दिए गए अंकों को ही, मैन्युअल मूल्यांकन के अंक बताकर दर्ज कर दिया गया।

ED ने आगे बताया कि 1 जनवरी 2022 को सार्वजनिक रूप से यह घोषणा की गई थी कि यह प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में है। इसके बाद, 16 फरवरी 2022 को चेक नंबर 197469 के जरिए 'कैमसाइन मीडिया' (Camsign Media) को 1,14,32,312 रुपये का भुगतान किया गया। इस चेक पर तत्कालीन APPSC सचिव के हस्ताक्षर थे।

19 फरवरी 2022 को उत्तर पुस्तिकाओं (answer scripts) को वापस लाया गया और आधिकारिक परिसर में CCTV निगरानी के तहत उनका दोबारा मूल्यांकन किया गया। इसी दोबारा मूल्यांकन के आधार पर अंतिम परिणाम और चयन सूची जारी की गई।

ED को संदेह है कि 1.14 करोड़ रुपये का यह भुगतान ऐसी सेवा के लिए किया गया, जो असल में कभी दी ही नहीं गई थी। ED ने इस रकम को प्रथम दृष्टया PMLA की धारा 2(1)(u) के तहत 'अपराध से प्राप्त आय' (proceeds of crime) माना है।

इस तलाशी अभियान में तत्कालीन APPSC सचिव पी. सीताराम आंजनेयुलु, 'कैमसाइन मीडिया' और इसके प्रबंध निदेशक पी. मधुसूदन राव के परिसरों के साथ-साथ, उत्तर पुस्तिकाओं के भंडारण और मूल्यांकन से जुड़े स्थानों तथा पहले काम करने वाली डिजिटल मूल्यांकन एजेंसी से जुड़े परिसरों की भी जांच की गई। ED ने बताया कि मामले की आगे की जांच जारी है।

Next Story