आंध्र प्रदेश

Andhra: आंध्र प्रदेश सरकार ने शहरी स्थानीय निकायों में BC आरक्षण को लेकर आदेश जारी किए

Tulsi Rao
11 Oct 2026 3:48 PM IST
Andhra: आंध्र प्रदेश सरकार ने शहरी स्थानीय निकायों में BC आरक्षण को लेकर आदेश जारी किए
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आंध्र प्रदेश सरकार ने शहरी स्थानीय निकायों (जैसे नगर पालिकाओं, नगर पंचायतों और नगर निगमों) में पिछड़े वर्गों (BCs) के लिए आरक्षण को अंतिम रूप देते हुए एक सरकारी आदेश जारी किया है।

सरकार ने एक विशेष आयोग की सिफारिशों को मंज़ूरी दी और कहा कि अनुसूचित जनजातियों (STs), अनुसूचित जातियों (SCs) और पिछड़े वर्गों (BCs) के लिए कुल आरक्षण 50% से ज़्यादा नहीं होना चाहिए। यह आवंटन सुप्रीम कोर्ट और आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट के निर्देशों के अनुसार लागू किया जाएगा।

शहरी क्षेत्रों के लिए आरक्षण 'यूनिफाइड फ़ैमिली सर्वे' और SGSW के डेटा का इस्तेमाल करके तय किया गया। सीटों का आवंटन प्राथमिकता के क्रम में किया गया: पहले STs को, फिर SCs को और आखिर में BCs को। BC कोटा पूरी तरह से विशेष आयोग की रिपोर्ट और सिफारिशों पर आधारित था, जिसे सुप्रीम कोर्ट के 'ट्रिपल टेस्ट' के अनुसार तैयार किया गया था।

गठबंधन सरकार ने रोटेशन सिस्टम के ज़रिए मेयर, नगर पालिका अध्यक्ष और वार्ड सदस्यों के लिए आरक्षण को अंतिम रूप दिया है। भविष्य में सीटों का आवंटन 2021 में इस्तेमाल किए गए आरक्षण चक्र के अनुसार होगा। अगर वार्डों का परिसीमन (सीमाओं का पुनर्निर्धारण) किया जाता है, तो वार्ड सदस्यों के लिए एक नया आरक्षण चक्र लागू किया जाएगा।

नगर प्रशासन विभाग को आवंटन को लागू करने के लिए आगे के कदम उठाने का निर्देश दिया गया है। प्रधान सचिव एस. सुरेश कुमार ने GO MS नंबर 251 जारी किया।

यह नया आदेश हाई कोर्ट के उन निर्देशों के बाद आया है जो पहले के उस सरकारी आदेश से संबंधित थे जिसमें BCs के लिए 33.33% आरक्षण का प्रावधान था। इस आयोग के प्रमुख सेवानिवृत्त IAS अधिकारी राजीव रंजन मिश्रा थे।

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