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आंध्र प्रदेश की 'स्वयं AP' पहल: 5 लाख महिलाओं को जोड़ने का प्लान
Tara Tandi
6 Oct 2026 12:10 PM IST

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अमरावती: आंध्र प्रदेश सरकार ने 5 लाख महिला उद्यमी बनाने का लक्ष्य रखा है। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने सोमवार को अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे स्वयं सहायता समूह (SHG) की सदस्यों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए ठोस प्रयास करें।
उन्होंने 'सोसाइटी फॉर एलिमिनेशन ऑफ रूरल पॉवर्टी' (SERP) और 'मिशन फॉर एलिमिनेशन ऑफ पॉवर्टी इन म्युनिसिपल एरियाज़' (MEPMA) के अधिकारियों से कहा कि वे इस पहल को पूरा समर्थन दें और कॉर्पोरेट संगठनों से मदद लें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जो महिलाएं स्वरोज़गार में रुचि रखती हैं, उन्हें फ्रैंचाइज़ी-आधारित बिज़नेस के मौकों को अपनाने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।
नायडू ने कैंप ऑफिस में SERP और MEPMA के अधिकारियों के साथ 5 लाख महिला उद्यमी तैयार करने के कार्यक्रमों और 'स्वयं AP' पहल की समीक्षा की।
उन्होंने कहा कि देश के किसी भी अन्य राज्य में आंध्र प्रदेश जैसा बड़ा SHG नेटवर्क नहीं है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि DWCRA महिलाओं द्वारा बनाए गए उत्पाद वैश्विक बाज़ारों तक पहुँचने चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे DWCRA महिलाओं द्वारा बनाए गए हज़ारों उत्पादों को एक कॉमन ब्रांड के तहत लाकर 'स्वयं AP' को विकसित करें। इसमें स्टैंडर्ड क्वालिटी, आधुनिक पैकेजिंग, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, सिग्नेचर स्टोर और एक इंटीग्रेटेड मार्केटिंग सिस्टम का समर्थन हो।
नायडू ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि विजयवाड़ा में 15 से 31 अक्टूबर तक पहली बार आयोजित होने वाले 'नेशनल सारस मेला 2026' को महिला सशक्तिकरण के एक बड़े प्रदर्शन के रूप में आयोजित किया जाए।
उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए देश भर की महिला उद्यमियों और महिला सांसदों को आमंत्रित किया जाना चाहिए।
अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि सारस मेले में देश भर के SHG 600 स्टॉल लगाएंगे और हर दिन लगभग एक लाख लोगों के आने की उम्मीद है।
उन्होंने यह भी बताया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू इस कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन करेंगी।
अधिकारियों ने कहा कि सिग्नेचर स्टोर और फ्लिपकार्ट प्लेटफॉर्म के ज़रिए 'स्वयं AP' उत्पादों की बिक्री 15 अक्टूबर से शुरू होगी।
उन्होंने मुख्यमंत्री को 5 लाख महिला उद्यमी बनाने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए पहले से शुरू किए गए कार्यक्रमों के बारे में भी जानकारी दी, जिनमें मार्केट लिंकेज, वित्तीय सहायता, प्रशिक्षण और क्वालिटी स्टैंडर्ड शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि पांच मुख्य क्षेत्रों पर एक व्यापक योजना बनाई गई है: गाँव से लेकर ग्लोबल मार्केट तक महिलाओं के लिए एक मज़बूत सपोर्ट सिस्टम बनाना; मौकों की पहचान करना और उन्हें कामयाब बिज़नेस में बदलना; 68,585 करोड़ रुपये के लोन के ज़रिए आर्थिक मदद देना; बड़े संस्थानों के साथ मिलकर क्षमता-निर्माण और बिज़नेस-मैनेजमेंट की ट्रेनिंग देना; और 60 से ज़्यादा संगठनों की भागीदारी के साथ एक इंटीग्रेटेड एंटरप्रेन्योरशिप प्लान तैयार करना।
उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि जो महिलाएँ पहली बार बिज़नेस में आ रही हैं, उन्हें मेंटर के तौर पर पहले से ही सफल महिला उद्यमियों से जोड़ा जा रहा है।
5 लाख महिला उद्यमियों को तैयार करने का लक्ष्य हासिल करने में मदद के लिए ज़िला स्तर पर खास कैंप भी लगाए जाएँगे।
अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को यह भी बताया कि ग्रामीण महिलाओं के बिज़नेस को छोटी आजीविका गतिविधियों से बदलकर धन-सृजन करने वाले उद्यमों में बदलने के लिए इनक्यूबेशन प्रोग्राम चलाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि IIM विशाखापत्तनम और सेंचुरियन यूनिवर्सिटी जैसे संस्थानों के सहयोग से महिला उद्यमियों को मेंटरशिप, मार्केट, क्रेडिट, संसाधन और बिज़नेस स्किल्स उपलब्ध कराई जा रही हैं।
अधिकारियों ने यह भी बताया कि महिलाओं पर केंद्रित बैंकिंग संस्थान 'स्त्री निधि' ने 4.73 लाख महिलाओं को 4,800 करोड़ रुपये का लोन दिया है।
उन्होंने आगे कहा कि SHG महिलाएँ अभी फ़ूड, हैंडीक्राफ्ट और टेक्सटाइल समेत कई सेक्टर में 23,000 से ज़्यादा प्रोडक्ट बना रही हैं।
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