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आंध्र प्रदेश में शिपबिल्डिंग हब बनाने की तैयारी, नारा लोकेश ने HD KOSE को निवेश का दिया न्योता

Andhra Pradesh आंध्र प्रदेश: समुद्री उद्योग और शिपबिल्डिंग सेक्टर को नई गति देने की दिशा में राज्य सरकार ने कदम तेज कर दिए हैं। आंध्र प्रदेश के आईटी मंत्री नारा लोकेश ने शुक्रवार को दक्षिण कोरिया के सियोल में HD कोरिया शिपबिल्डिंग एंड ऑफशोर इंजीनियरिंग (HD KOSE) के शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात की और कंपनी को राज्य में विश्वस्तरीय शिपबिल्डिंग और मरीन इंजीनियरिंग सुविधाएं स्थापित करने के लिए आमंत्रित किया।
मंत्री नारा लोकेश अपने दक्षिण कोरिया दौरे के छठे दिन HD KOSE के नेतृत्व से मिले। इस दौरान उन्होंने आंध्र प्रदेश की समुद्री क्षमता, औद्योगिक माहौल और निवेश की संभावनाओं को कंपनी के सामने रखा। राज्य सरकार की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, बैठक में आंध्र प्रदेश को शिपबिल्डिंग और समुद्री इंजीनियरिंग के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की संभावनाओं पर चर्चा हुई।
आंध्र प्रदेश की समुद्री ताकत पर दिया जोर
बैठक के दौरान नारा लोकेश ने आंध्र प्रदेश की करीब 1,000 किलोमीटर लंबी समुद्री तटरेखा को राज्य की सबसे बड़ी ताकतों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि भारत के पूर्वी तट पर आंध्र प्रदेश की रणनीतिक स्थिति इसे समुद्री व्यापार और जहाज निर्माण के लिए बेहद उपयुक्त बनाती है।
उन्होंने कंपनी के प्रतिनिधियों को राज्य में मौजूद और विकसित हो रहे डीप-वॉटर पोर्ट, बेहतर लॉजिस्टिक्स नेटवर्क और औद्योगिक ढांचे की जानकारी दी। मंत्री ने बताया कि आंध्र प्रदेश में निवेशकों के लिए अनुकूल नीतियां बनाई गई हैं, जिससे बड़े उद्योगों को स्थापित करने में आसानी होगी।
HD KOSE को निवेश के अवसर तलाशने का न्योता
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, नारा लोकेश ने सियोल में HD KOSE के ग्लोबल बिजनेस डायरेक्टर क्वोन यंगहून और टीम लीडर हांग सनजून सहित कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की।
बैठक में उन्होंने कंपनी को आंध्र प्रदेश के समुद्री और शिपबिल्डिंग सेक्टर में निवेश के अवसर तलाशने का न्योता दिया। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि आंध्र प्रदेश में आधुनिक तकनीक से लैस शिपबिल्डिंग और मरीन इंजीनियरिंग सुविधाएं विकसित की जाएं।
रोजगार और औद्योगिक विकास को मिलेगा बढ़ावा
राज्य सरकार का मानना है कि बड़े शिपबिल्डिंग प्रोजेक्ट आने से न केवल औद्योगिक विकास को गति मिलेगी, बल्कि बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
शिपबिल्डिंग सेक्टर में इंजीनियरिंग, मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स, डिजाइन और तकनीकी सेवाओं से जुड़े कई क्षेत्रों में रोजगार की संभावनाएं बनती हैं। इससे स्थानीय उद्योगों और छोटे एवं मध्यम उद्यमों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है।
समुद्री अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की योजना
आंध्र प्रदेश सरकार समुद्री अर्थव्यवस्था (Maritime Economy) को मजबूत करने पर लगातार जोर दे रही है। राज्य में पहले से मौजूद बंदरगाहों और औद्योगिक क्षेत्रों को जोड़कर एक मजबूत समुद्री व्यापार नेटवर्क तैयार करने की योजना है।
सरकार का उद्देश्य है कि राज्य को केवल बंदरगाह आधारित व्यापार तक सीमित न रखते हुए शिपबिल्डिंग, जहाज मरम्मत, मरीन इंजीनियरिंग और समुद्री तकनीक के क्षेत्र में भी अग्रणी बनाया जाए।
दक्षिण कोरिया दौरे में निवेश आकर्षित करने पर फोकस
नारा लोकेश का दक्षिण कोरिया दौरा राज्य में विदेशी निवेश आकर्षित करने के अभियान का हिस्सा है। इस दौरान वह कई बड़ी कंपनियों और औद्योगिक समूहों के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर रहे हैं।
दक्षिण कोरिया शिपबिल्डिंग और समुद्री तकनीक के क्षेत्र में दुनिया के अग्रणी देशों में शामिल है। ऐसे में आंध्र प्रदेश सरकार वहां की कंपनियों के साथ साझेदारी कर राज्य में आधुनिक सुविधाएं विकसित करना चाहती है।
निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल का दावा
मंत्री ने बैठक में राज्य की निवेश नीतियों और औद्योगिक सुविधाओं की जानकारी देते हुए कहा कि आंध्र प्रदेश सरकार उद्योगों को हर संभव सहयोग देने के लिए तैयार है।
सरकार का दावा है कि तेज मंजूरी प्रक्रिया, बेहतर बुनियादी ढांचा और कुशल मानव संसाधन राज्य को निवेश के लिए आकर्षक स्थान बनाते हैं।
भविष्य में बड़ी परियोजनाओं की उम्मीद
HD KOSE जैसी अंतरराष्ट्रीय कंपनी के साथ संभावित साझेदारी को आंध्र प्रदेश के समुद्री क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अगर कंपनी राज्य में निवेश करती है तो यह शिपबिल्डिंग क्षेत्र में एक बड़ा कदम साबित हो सकता है।
फिलहाल बातचीत शुरुआती चरण में है, लेकिन राज्य सरकार को उम्मीद है कि आने वाले समय में आंध्र प्रदेश में बड़े समुद्री उद्योगों की स्थापना को बढ़ावा मिलेगा और राज्य भारत के प्रमुख शिपबिल्डिंग केंद्रों में शामिल हो सकेगा।





