आंध्र प्रदेश

Andhra Pradesh: शराब की बिक्री में 6.11% का उछाल, लेकिन राजस्व वृद्धि रही सुस्त

Harrison
2 April 2026 8:25 PM IST
Andhra Pradesh: शराब की बिक्री में 6.11% का उछाल, लेकिन राजस्व वृद्धि रही सुस्त
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Vijayawada: आंध्र प्रदेश में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए आबकारी विभाग के आंकड़े जारी कर दिए गए हैं। इन आंकड़ों के अनुसार, राज्य में शराब की खपत और बिक्री मूल्य में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, हालांकि सरकारी खजाने में आने वाले कुल राजस्व की वृद्धि दर उम्मीद के मुताबिक मामूली रही है।
बिक्री मूल्य में ₹1,797 करोड़ की बढ़ोतरी
राज्य में शराब की कुल बिक्री वैल्यू पिछले वित्त वर्ष के ₹29,440 करोड़ से बढ़कर इस वर्ष ₹31,237 करोड़ तक पहुंच गई है। यह सीधे तौर पर बिक्री मूल्य में 6.11 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। विशेष रूप से उत्सवों और नए साल के दौरान बिक्री में जबरदस्त उछाल देखा गया, जिसने वार्षिक आंकड़ों को मजबूती दी।
IML और बीयर की मांग में रिकॉर्ड तेजी
रिपोर्ट के अनुसार, इंडियन मेड लिकर (IML) और बीयर दोनों ही श्रेणियों में खपत बढ़ी है:
IML बिक्री: पिछले साल के 362 लाख केस के मुकाबले इस साल 414 लाख केस बेचे गए, जो लगभग 14.59% की वृद्धि है।
बीयर बिक्री: बीयर की मांग में सबसे अधिक उछाल देखा गया। पिछले साल के 136 लाख केस की तुलना में इस बार 232 लाख केस की बिक्री हुई, जो 70% से अधिक की भारी बढ़ोतरी है।
राजस्व वृद्धि मामूली रहने के मुख्य कारण
बिक्री में बड़ी बढ़ोतरी के बावजूद, कुल राजस्व वृद्धि केवल 0.68% के करीब रही। इसके पीछे विशेषज्ञों ने निम्नलिखित कारण बताए हैं:
कम कीमत वाले उत्पादों की ओर झुकाव: बाजार में ₹99 वाले 180ml पैक की लोकप्रियता काफी बढ़ी है। कम कीमत वाले इन ब्रांडों के कारण बिक्री की मात्रा (Volume) तो बढ़ी, लेकिन प्रति यूनिट मिलने वाला लाभ कम हो गया।
औसत कीमतों में गिरावट: पिछली नीति की तुलना में 180ml की बोतल की औसत एमआरपी (MRP) ₹180 से घटकर ₹160 रह गई है।
लाइसेंस शुल्क में कमी: पिछले साल की तुलना में गैर-वापसी योग्य आवेदन शुल्क और अन्य शुल्कों से प्राप्त होने वाली आय में गिरावट आई है, जिससे कुल आबकारी आय प्रभावित हुई।
क्षेत्रीय प्रदर्शन: रायलसीमा और तटीय आंध्र आगे
बिक्री के मामले में विशाखापत्तनम, तिरुपति और एनटीआर जिले शीर्ष पर रहे। रायलसीमा क्षेत्र के जिलों ने भी अपने वार्षिक लक्ष्यों को प्राप्त करने में बेहतर प्रदर्शन किया। विशेष रूप से दिसंबर महीने के अंतिम तीन दिनों में राज्य भर में ₹543 करोड़ से अधिक की शराब बेची गई, जो एक रिकॉर्ड है।
आंकड़े बताते हैं कि आंध्र प्रदेश में शराब की खपत का पैटर्न बदल रहा है। जहाँ एक ओर बीयर और किफायती शराब की मांग बढ़ रही है, वहीं सरकार के लिए राजस्व के मोर्चे पर चुनौतियां बनी हुई हैं। नई आबकारी नीति और मूल्य निर्धारण के बीच संतुलन बनाना भविष्य के लिए महत्वपूर्ण होगा।
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