आंध्र प्रदेश

आंध्र CID का एक्शन: अंतरराष्ट्रीय क्रिप्टो फ्रॉड का पर्दाफाश

Tara Tandi
5 Nov 2026 12:31 PM IST
आंध्र CID का एक्शन: अंतरराष्ट्रीय क्रिप्टो फ्रॉड का पर्दाफाश
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हैदराबाद: आंध्र प्रदेश अपराध जांच विभाग (CID) ने लगभग 1.5 मिलियन डॉलर (करीब 15 करोड़ रुपये) से जुड़े एक बड़े अंतरराष्ट्रीय क्रिप्टोकरेंसी निवेश घोटाले का पर्दाफाश किया है। CID ने अंतरराष्ट्रीय क्रिप्टोकरेंसी प्लेटफॉर्म्स पर पैसों के लेन-देन को ट्रैक किया और पीड़ित को उसकी ठगी गई रकम वापस दिलाने के लिए अदालत से आदेश प्राप्त किया।
CID की एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, तेनाली के एक पीड़ित को क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करने पर भारी रिटर्न का लालच देकर 15 करोड़ रुपये की ठगी की गई थी। इस मामले में मंगलगीरी स्थित CID पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया गया था।
जांच में एक संगठित अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराध गिरोह का पता चला है, जिसने पैसों के स्रोत और उनके आवागमन को छिपाने के लिए कई क्रिप्टोकरेंसी वॉलेट और अंतरराष्ट्रीय प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल किया।
जांचकर्ताओं ने पाया कि पीड़ित ने शुरुआत में अपने बैंक खातों से 13 नॉन-कस्टोडियल क्रिप्टोकरेंसी वॉलेट में पैसे ट्रांसफर किए, जिनमें रॉबिनहुड (Robinhood) का एक वॉलेट और 12 ऑन-चेन वॉलेट शामिल थे। आरोपियों के बहकावे में आकर, पीड़ित ने इन निवेशों को असली मानकर 'Honeycombapi.org' और 'Alibarbit.bit' जैसे फर्जी निवेश प्लेटफॉर्म्स पर क्रिप्टोकरेंसी ट्रांसफर कर दी। इन फर्जी प्लेटफॉर्म्स पर बिटकॉइन, सोलाना और डॉजकॉइन के जरिए कुल 27 क्रिप्टोकरेंसी ट्रांजैक्शन किए गए, जिनकी कीमत लगभग 1.5 मिलियन डॉलर थी।
CID ने बताया कि ठगी गई रकम को कई चरणों (लेयरिंग) और कई 'म्यूल अकाउंट्स' (धोखाधड़ी के लिए इस्तेमाल होने वाले खाते) के जरिए घुमाया गया, और अंत में यह केमैन आइलैंड्स स्थित क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज 'गेट ग्लोबल कॉरपोरेशन' (Gate Global Corporation) तक पहुंच गई। ब्लॉकचेन ट्रांजैक्शन के विस्तृत विश्लेषण, तकनीकी जांच और अंतरराष्ट्रीय समन्वय के जरिए, CID ने ठगी गई क्रिप्टोकरेंसी के रास्ते का पता लगाया और आरोपियों से जुड़ी संपत्तियों की पहचान की।
विशेष रूप से, 15 बिटकॉइन ट्रांजैक्शन का पता चला, जो इस संगठित अपराध गिरोह से जुड़े 'Gate.io' एक्सचेंज के चार खातों में गए थे। न्यायिक प्रक्रिया के जरिए इन संपत्तियों को फ्रीज (जब्त) कर दिया गया। यह जांच गृह मंत्रालय के तहत 'इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर' (I4C) की तकनीकी सहायता और समन्वय से पूरी की गई।
CID ने इस संगठित साइबर अपराध गिरोह से जुड़े आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें से दो हैदराबाद के, दो महाराष्ट्र के, एक मलेशिया का, दो चीन के और एक पुर्तगाल का रहने वाला है। इस गिरोह के खिलाफ संबंधित अदालत में चार्जशीट भी दाखिल कर दी गई है। CID के अनुसार, गुंटूर की एक अदालत ने 'गेट ग्लोबल कॉर्प' को निर्देश दिया कि वह चार चिह्नित खातों में मौजूद क्रिप्टोकरेंसी एसेट्स को मौजूदा बाजार मूल्य पर USDT में बदल दे और पूरी राशि पीड़ित के क्रिप्टोकरेंसी वॉलेट में ट्रांसफर कर दे। CID ने इसे एक बड़ी उपलब्धि बताया है। यह मामला जटिल अंतरराष्ट्रीय साइबर धोखाधड़ी की जांच, विभिन्न अंतरराष्ट्रीय क्रिप्टोकरेंसी प्लेटफॉर्मों पर अपराध से जुड़ी रकम का पता लगाने और पीड़ित की संपत्ति वापस दिलाने से जुड़ा है।
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