- Home
- /
- राज्य
- /
- आंध्र प्रदेश
- /
- Andhra प्रदेश हाई...

चीफ़ जस्टिस लिसा गिल और जस्टिस निनाला जयसूर्या की बेंच ने चीफ़ सेक्रेटरी, स्कूल शिक्षा के प्रिंसिपल सेक्रेटरी, स्कूल इंफ्रास्ट्रक्चर कमिश्नर और समग्र शिक्षा के प्रोजेक्ट डायरेक्टर को नोटिस जारी कर विस्तृत जवाब (काउंटर एफिडेविट) दाखिल करने का निर्देश दिया। मामले की सुनवाई छह हफ़्ते के लिए टाल दी गई।
यह PIL 'हेल्प द पीपल चैरिटेबल ट्रस्ट' के मैनेजिंग ट्रस्टी कीथिनिदी अखिल श्री गुरुतेजा ने दायर की थी। उनका तर्क था कि कंपाउंड वॉल न होने से स्कूल की संपत्तियों पर कब्ज़े का ख़तरा बढ़ गया है और छात्रों, खासकर लड़कियों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं पैदा हो गई हैं।
याचिकाकर्ता के वकील अरुण शौरी ने बताया कि आंध्र प्रदेश में लगभग 8,000 सरकारी स्कूलों में कंपाउंड वॉल नहीं हैं।
उन्होंने तर्क दिया कि सुरक्षात्मक बाउंड्री न होने से छात्रों को ख़तरा है और स्कूल परिसर की सुरक्षा प्रभावित होती है।
राज्य की ओर से पेश सरकारी वकील ने कोर्ट को बताया कि केंद्र से जारी फंड की उपलब्धता के आधार पर कंपाउंड वॉल बनाई जा रही हैं।
दोनों पक्षों को सुनने के बाद, बेंच ने राज्य सरकार को विस्तृत जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। साथ ही, याचिकाकर्ता से कहा कि वह अगली सुनवाई से पहले केंद्र सरकार को इस मामले में प्रतिवादी (रेस्पोंडेंट) के तौर पर शामिल करे।





