आंध्र प्रदेश

Andhra : विशाखापत्तनम में फिशिंग बोट हादसा, 6 लापता

Kavita2
5 July 2026 1:05 PM IST
Andhra : विशाखापत्तनम में फिशिंग बोट हादसा, 6 लापता
x

Andhra Pradesh आंध्र प्रदेश: तटीय शहर Visakhapatnam में रविवार को एक बड़ा समुद्री हादसा सामने आया, जब खराब मौसम के कारण एक फिशिंग बोट समुद्र में पलट गई। इस नाव में कुल सात मछुआरे सवार थे। हादसे के बाद छह मछुआरे लापता हो गए, जबकि एक मछुआरे को मौके से गुजर रहे एक क्रूज़ शिप ने सुरक्षित बचा लिया। घटना के बाद इलाके में चिंता का माहौल है और मछुआरों के परिवार सदमे में हैं।

फिशिंग एसोसिएशन के नेताओं के अनुसार, समुद्र में अचानक मौसम बिगड़ने के कारण यह हादसा हुआ। तेज हवाओं और ऊंची लहरों के चलते नाव संतुलन खो बैठी और पलट गई। विजाग फिशिंग बोट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष लक्ष्मण राव ने बताया कि हादसे के तुरंत बाद राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया, लेकिन अब तक केवल एक मछुआरे को ही सुरक्षित बाहर निकाला जा सका है।

लक्ष्मण राव ने कहा, “एक मछुआरे को क्रूज़ शिप ने बचा लिया है, जबकि बाकी छह के लिए सर्च ऑपरेशन चल रहा है।” उन्होंने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन और संबंधित एजेंसियों को सूचित किया गया।

घटना के बाद तटीय सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं। लापता मछुआरों की तलाश के लिए भारतीय तटरक्षक बल (Indian Coast Guard) और मरीन पुलिस ने संयुक्त रूप से सर्च ऑपरेशन शुरू किया है। समुद्र में लगातार खराब मौसम और ऊंची लहरों के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में कठिनाई आ रही है, लेकिन टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं कि जल्द से जल्द लापता लोगों का पता लगाया जा सके।

परिवार वालों ने बताया कि हादसे के बाद से उनका अपने परिजनों से संपर्क पूरी तरह टूट गया है। जैसे ही बोट के पलटने की खबर मिली, तटीय इलाकों में लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई और कई परिवारों ने समुद्र किनारे पहुंचकर अपने परिजनों की तलाश शुरू कर दी।

स्थानीय मछुआरा समुदाय के अनुसार, समुद्र में मौसम में अचानक बदलाव के कारण अक्सर इस तरह की घटनाएं हो जाती हैं। कई बार चेतावनी के बावजूद मछुआरों को समुद्र में जाना पड़ता है क्योंकि यह उनकी आजीविका का मुख्य साधन है। इस हादसे ने एक बार फिर समुद्री सुरक्षा और मौसम पूर्वानुमान की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

राहत और बचाव कार्य में लगे अधिकारियों ने बताया कि समुद्र में दृश्यता कम होने और तेज हवाओं के कारण खोज अभियान में बाधा आ रही है। इसके बावजूद ड्रोन और अन्य तकनीकी सहायता के जरिए इलाके की निगरानी की जा रही है ताकि लापता मछुआरों का जल्द पता लगाया जा सके।

स्थानीय प्रशासन ने मछुआरा संगठनों से अपील की है कि वे मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें और खराब मौसम में समुद्र में न जाएं। हालांकि, कई मछुआरा नेताओं का कहना है कि समुद्र की अनिश्चित परिस्थितियों के बावजूद उन्हें रोजी-रोटी के लिए जाना पड़ता है।

घटना के बाद तटीय इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई है। बंदरगाह क्षेत्र में निगरानी कड़ी कर दी गई है और आने-जाने वाली नावों पर नजर रखी जा रही है।

विशाखापत्तनम तट आंध्र प्रदेश का एक प्रमुख मछली पकड़ने वाला क्षेत्र है, जहां हजारों मछुआरे अपनी आजीविका के लिए समुद्र पर निर्भर हैं। यहां अक्सर छोटे-बड़े हादसे सामने आते रहते हैं, लेकिन इस बार का हादसा अधिक गंभीर माना जा रहा है क्योंकि इसमें कई लोग लापता हैं।

रेस्क्यू टीमों का कहना है कि जैसे-जैसे मौसम में सुधार होगा, सर्च ऑपरेशन को और तेज किया जाएगा। फिलहाल समुद्र में लगातार तलाशी अभियान चलाया जा रहा है और हर संभावित क्षेत्र को खंगाला जा रहा है।

परिजनों की उम्मीदें अभी भी बनी हुई हैं और वे तटीय इलाकों में रेस्क्यू टीमों से लगातार संपर्क बनाए हुए हैं। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि सभी संसाधनों का उपयोग कर लापता मछुआरों को खोजने का प्रयास जारी रहेगा।

इस घटना ने एक बार फिर समुद्री सुरक्षा उपायों, मौसम चेतावनी प्रणाली और मछुआरों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर ध्यान देने की आवश्यकता को उजागर किया है।

Next Story