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Andhra: 3,100 गर्भवती महिलाओं को अस्पतालों में स्थानांतरित किया गया

अमरावती: चक्रवात के दौरान स्वास्थ्य और चिकित्सा विभाग ने आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं जारी रखीं। एहतियात के तौर पर 3,100 गर्भवती महिलाओं को अस्पतालों में पहुंचाया गया। इनमें से कुल 367 महिलाओं की डिलीवरी हुई। वहीं, चक्रवात के कारण 64 अस्पतालों की इमारतों और अन्य ढांचों को नुकसान पहुंचा है।
गुरुवार को जारी एक बयान के अनुसार, विभाग ने चिकित्सा सेवाएं बिना किसी रुकावट के जारी रखने के लिए कई कदम उठाए। उन्होंने उन गर्भवती महिलाओं की पहचान की जिनकी डिलीवरी की तारीख नजदीक थी या जिन्हें 'हाई-रिस्क' (उच्च जोखिम वाली) श्रेणी में रखा गया था। आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए एम्बुलेंस, 'थल्ली बिड्डा एक्सप्रेस' वाहन और मोबाइल मेडिकल यूनिट्स को तैयार रखा गया था।
विभाग ने 4,228 ऐसी गर्भवती महिलाओं की पहचान की, जिनकी डिलीवरी की तारीख दो सप्ताह के भीतर थी या जो 'हाई-रिस्क' श्रेणी में आती थीं। इनमें से 3,100 महिलाओं को चिकित्सा देखभाल के लिए अस्पतालों में पहुंचाया गया।
इन महिलाओं को अलग-अलग स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती कराया गया, जिनमें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में 690, शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में 83, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में 430, क्षेत्रीय अस्पतालों में 442, जिला अस्पतालों में 132, सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में 456 और निजी अस्पतालों में 762 महिलाएं शामिल थीं। अस्पताल पहुंचाई गई महिलाओं में से 367 ने बच्चों को जन्म दिया। चक्रवात की तैयारियों के तहत, विभाग ने 485 एम्बुलेंस उपलब्ध रखीं, जिनके जरिए 43 लोगों को अस्पतालों तक पहुंचाया गया। इसके अलावा, 196 'थल्ली बिड्डा एक्सप्रेस' वाहन तैनात किए गए, जिनकी मदद से 15 लोगों को अस्पतालों में पहुंचाया गया।
इसके अतिरिक्त, 549 मोबाइल मेडिकल वाहन तैयार रखे गए और चक्रवात से प्रभावित लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए 50 मेडिकल कैंप लगाए गए।
चक्रवात के कारण 64 अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों की इमारतों, छतों, बिजली के उपकरणों, जनरेटरों और जल आपूर्ति प्रणालियों को नुकसान पहुंचा है। कैकालुरु, बरुवा, टेक्काली, अगनमपुडी, पेंडुर्थी, नक्कापल्ली, नरसीपटनम, रेपाल्ले, अमलापुरम, रामपाचोडावरम, मुम्मीदिवरम, अल्लावरम, कोथापेटा और नेल्लीमारला के अस्पतालों में नुकसान की सूचना मिली है। पेनुमंत्रा और देवपुडी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की चारदीवारी भी क्षतिग्रस्त हो गई।
एलुरु, गुंटूर और विजयवाड़ा के सरकारी अस्पतालों में बिजली की वायरिंग, जनरेटर, उपकरणों और अन्य बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचने की खबर है। विशाखापत्तनम के सरकारी विक्टोरिया अस्पताल में, ऑपरेशन थिएटर और पुरानी इमारत के कई हिस्सों की छत से पानी रिसने लगा। खिड़कियां और दरवाजे भी क्षतिग्रस्त हो गए। बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान के बावजूद, विभाग ने चक्रवात के दौरान आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को चालू रखने और लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए।





