आंध्र प्रदेश

Andhra: NDRF की 14 टीमें तैनात, कोई हताहत नहीं

Tulsi Rao
4 Nov 2026 3:30 PM IST
Andhra: NDRF की 14 टीमें तैनात, कोई हताहत नहीं
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अमरावती: नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF) ने मंगलवार को बताया कि चक्रवात 'मुरासु' के तट से टकराने (लैंडफॉल) के बाद, उन्होंने आंध्र प्रदेश में 14 टीमें तैनात की हैं। इनमें से छह जिलों को सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों के रूप में चिह्नित किया गया है।

अधिकारियों के अनुसार, अभी तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। NDRF के उप महानिरीक्षक (DIG) मोहसिन शहीदी ने बताया कि भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) से मिली ताजा जानकारी के मुताबिक, चक्रवात के तट से टकराने की प्रक्रिया मंगलवार तड़के शुरू हुई और सुबह करीब 9 बजे पूरी हो गई।

DIG शहीदी ने कहा, "चक्रवात 'मुरासु' के तट से टकराने की प्रक्रिया आज तड़के करीब 1:00 बजे शुरू हुई। IMD से मिली ताजा जानकारी के अनुसार, यह प्रक्रिया सुबह करीब 9 बजे पूरी हो गई। चक्रवात को देखते हुए आंध्र प्रदेश में NDRF की 14 टीमें तैनात की गई हैं, जिनमें से तीन टीमों को तमिलनाडु से बुलाया गया है।" उन्होंने बताया कि आंध्र प्रदेश के छह जिलों को सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले इलाकों के रूप में पहचाना गया है। यहाँ NDRF के जवान, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) और स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर राहत और बचाव कार्य चला रहे हैं।

NDRF के DIG ने बताया कि चक्रवात का असर जिन अन्य राज्यों में होने की संभावना थी, वहां भी बल ने जरूरी इंतजाम किए हैं। उन्होंने कहा कि तेज हवाओं और भारी बारिश के कारण एक बड़े भौगोलिक क्षेत्र पर इसका असर पड़ सकता है।

"तेज हवाओं और बारिश की वजह से चक्रवात का असर आमतौर पर काफी बड़े इलाके में होता है। चक्रवात से प्रभावित हो सकने वाले संभावित राज्यों में पांच राज्य शामिल थे।"

DIG शहीदी ने कहा, "आंध्र प्रदेश के अलावा, ओडिशा, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और उत्तरी तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में भी असर पड़ने की संभावना थी। इसी को देखते हुए इन सभी राज्यों में NDRF की टीमें तैनात की गई थीं।" चक्रवात की संभावित दिशा और तीव्रता के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि यह सिस्टम धीरे-धीरे कमजोर हो सकता है, जिससे आंध्र प्रदेश के बाहर इसके बड़े असर की संभावना कम हो जाएगी।

उन्होंने कहा, "अब तक मिली जानकारी के अनुसार, यह चक्रवात जल्द ही एक 'साइक्लोनिक स्टॉर्म' (चक्रवाती तूफान) में बदल जाएगा और आधी रात तक एक 'डीप डिप्रेशन' (गहरे दबाव के क्षेत्र) में तब्दील हो जाएगा। इसलिए, आंध्र प्रदेश के बाहर इस चक्रवात का असर कम रहने की उम्मीद है।" डीआईजी शहीदी ने भी पुष्टि की कि अब तक किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है, जबकि अधिकारी स्थिति पर नज़र रखे हुए हैं और प्रभावित इलाकों में राहत व बचाव कार्य चला रहे हैं।

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