- Home
- /
- राज्य
- /
- आंध्र प्रदेश
- /
- आवास योजनाओं पर अंबाती...

x
आंध्र प्रदेश : गरीब परिवारों के लिए आवास निर्माण को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। पोन्नूर निर्वाचन क्षेत्र के समन्वयक अंबाती मुरली कृष्णा ने रविवार को राज्य की TDP गठबंधन सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी के कार्यकाल में शुरू किए गए लाखों मकानों का निर्माण मौजूदा सरकार पूरा नहीं कर पाई है। उन्होंने कहा कि गरीबों को घर उपलब्ध कराने का श्रेय लेने से पहले सरकार को उन मकानों का निर्माण पूरा करना चाहिए, जिनकी शुरुआत पिछली सरकार के दौरान हुई थी।
अंबाती मुरली कृष्णा ने एक विज्ञप्ति के माध्यम से आवास योजनाओं से जुड़े आंकड़े पेश करते हुए मौजूदा सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि जगन मोहन रेड्डी के नेतृत्व वाली पिछली सरकार ने गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बड़े स्तर पर आवास कार्यक्रम शुरू किया था। इसके तहत लाखों परिवारों को मकान बनाने के लिए जमीन उपलब्ध कराई गई और प्रदेशभर में नई आवासीय कॉलोनियां विकसित करने की प्रक्रिया शुरू की गई।
मुरली कृष्णा के अनुसार, जगन सरकार के कार्यकाल में 31.19 लाख परिवारों को मकान निर्माण के लिए जमीन उपलब्ध कराई गई थी। इसके साथ ही राज्यभर में 17,005 वाईएसआर जगनन्ना कॉलोनियां स्थापित की गईं। उनका कहना है कि इन कॉलोनियों का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को अपना घर उपलब्ध कराना और उनके लिए बुनियादी आवासीय सुविधाएं विकसित करना था।
उन्होंने दावा किया कि पिछली सरकार ने कुल 22,80,358 मकानों को मंजूरी दी थी। इनमें से नौ लाख से अधिक मकानों का निर्माण पूरा किया जा चुका था। वहीं बड़ी संख्या में मकान निर्माण के अलग-अलग चरणों में थे। मुरली कृष्णा ने आरोप लगाया कि सरकार बदलने के बाद इन निर्माणाधीन मकानों की गति प्रभावित हुई और लाखों परिवार आज भी अपने घर पूरे होने का इंतजार कर रहे हैं।
अंबाती मुरली कृष्णा ने मौजूदा TDP गठबंधन सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले ढाई वर्षों में सरकार ने एक भी नया मकान नहीं बनाया है। यह दावा राजनीतिक आरोप का हिस्सा है और सरकार की ओर से इस पर प्रतिक्रिया सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि निर्माण के विभिन्न चरणों में मौजूद करीब 11 लाख मकान अधूरे पड़े हैं।
मुरली कृष्णा ने कहा कि गरीब परिवारों के लिए आवास केवल राजनीतिक घोषणा का विषय नहीं होना चाहिए। जिन लाभार्थियों को जमीन आवंटित की गई और जिनके मकानों का निर्माण शुरू हो चुका है, उन्हें जल्द से जल्द उनका घर मिलना चाहिए। उन्होंने सरकार से अधूरे निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने की मांग की।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब पिछली सरकार के दौरान लाखों परिवारों के लिए आवास परियोजनाएं शुरू की गई थीं, तो मौजूदा सरकार ने उन्हें समय पर पूरा करने के लिए क्या कदम उठाए। उनका कहना है कि आवास योजना से जुड़े लाभार्थियों को लंबे समय तक इंतजार कराने से उन परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता है, जो पहले से ही सीमित संसाधनों में अपना जीवन चला रहे हैं।
आवास का मुद्दा आंध्र प्रदेश की राजनीति में लंबे समय से महत्वपूर्ण रहा है। गरीब और निम्न आय वर्ग के परिवारों को जमीन तथा पक्का मकान उपलब्ध कराने को लेकर अलग-अलग सरकारें अपनी योजनाओं और उपलब्धियों का दावा करती रही हैं। ऐसे में मुरली कृष्णा के ताजा आरोपों के बाद राज्य में आवास योजनाओं को लेकर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है।
मुरली कृष्णा ने TDP गठबंधन सरकार से कहा कि वह पिछली सरकार की योजनाओं को केवल राजनीतिक नजरिए से न देखे, बल्कि लाभार्थियों के हित को प्राथमिकता दे। उन्होंने कहा कि अगर किसी गरीब परिवार के मकान का निर्माण पहले ही शुरू हो चुका है तो उसे पूरा करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने दावा किया कि अधूरे मकानों के कारण बड़ी संख्या में परिवारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि गरीबों को घर देने का दावा करने से पहले निर्माणाधीन मकानों की वास्तविक स्थिति सार्वजनिक की जानी चाहिए। साथ ही यह भी बताया जाना चाहिए कि कितने मकान पूरे किए गए, कितने निर्माणाधीन हैं और बाकी मकानों को पूरा करने के लिए क्या समयसीमा तय की गई है।
फिलहाल मुरली कृष्णा की ओर से लगाए गए आरोपों पर TDP गठबंधन सरकार की प्रतिक्रिया का उल्लेख उपलब्ध जानकारी में नहीं है। ऐसे में उनके दावों और आंकड़ों को राजनीतिक आरोप के रूप में देखा जाना चाहिए। सरकार की ओर से आधिकारिक जवाब आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि निर्माणाधीन आवासों की वर्तमान स्थिति क्या है और उन्हें पूरा करने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
Next Story





