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अमरावती 100 और जन्मों के बाद भी पूरा नहीं होगा: Ambati Rambabu

Amaravati अमरावती: आंध्र प्रदेश के पूर्व मंत्री और टीडीपी नेता अम्बाती रामबाबू ने मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू की सरकार पर राज्य की स्थायी राजधानी अमरावती को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। रामबाबू ने कहा कि 12 सालों बाद भी राज्य की स्थायी राजधानी का निर्माण नहीं हो पाया और इसके बजाय केवल भ्रष्टाचार और कमीशन के लिए अमरावती का उपयोग किया जा रहा है।
रामबाबू ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार द्वारा प्रदान किए गए फंड का सही इस्तेमाल नहीं किया गया और अस्थायी संरचनाओं के निर्माण में समय बर्बाद किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि यह प्रक्रिया ऐसे ही चलती रही तो अमरावती का निर्माण न केवल इस जीवन में, बल्कि अगले 100 जीवनों में भी पूरा नहीं हो पाएगा।
पूर्व मंत्री ने कहा कि जब वह सत्ता में थे, तब उन्होंने ‘तीन राजधानी’ योजना के माध्यम से विकास को विकेंद्रीकृत करने की कोशिश की, लेकिन मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने उस प्रक्रिया में बाधा डाली। रामबाबू ने नायडू पर आरोप लगाया कि उन्होंने अमरावती के मुद्दे का राजनीतिक लाभ उठाने के लिए इसका गलत इस्तेमाल किया।
अम्बाती ने कहा कि स्थायी राजधानी का निर्माण राज्य के विकास और प्रशासनिक सुधार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस मुद्दे पर उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो यह केवल प्रशासनिक अड़चन ही नहीं बल्कि जनता के विश्वास को भी चोट पहुंचाएगा।
रामबाबू ने यह भी कहा कि अमरावती का निर्माण एक लंबी और कठिन प्रक्रिया है, लेकिन यदि उचित योजना और पारदर्शिता के साथ काम किया जाए तो इसे पूरा किया जा सकता है। उन्होंने वर्तमान सरकार से अपील की कि वह राज्य की स्थायी राजधानी के मुद्दे को राजनीतिक हित से ऊपर रखते हुए इसे शीघ्र पूरा करें।
पूर्व मंत्री ने कहा, “अमरावती केवल एक भवन या योजना नहीं है, बल्कि यह हमारे राज्य की पहचान और भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है। इसे भ्रष्टाचार और राजनीतिक खेल का हिस्सा नहीं बनाना चाहिए।” उन्होंने यह भी कहा कि जनता इस मुद्दे पर गंभीर नजर रख रही है और इसे लेकर सवाल उठाना उनका अधिकार है।
रामबाबू के बयान ने राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। उनकी टिप्पणी से यह स्पष्ट हो गया है कि राज्य में स्थायी राजधानी के निर्माण को लेकर विरोध और चिंता लगातार बढ़ रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह बयान आगामी चुनावों में एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन सकता है।





