आंध्र प्रदेश

रामायपट्टनम पोर्ट के निजीकरण में घोटाले का आरोप, जगन मोहन रेड्डी ने नायडू सरकार को घेरा

SHIDDHANT
19 July 2026 9:48 PM IST
रामायपट्टनम पोर्ट के निजीकरण में घोटाले का आरोप, जगन मोहन रेड्डी ने नायडू सरकार को घेरा
x
Andhra Pradesh आंध्र प्रदेश: पूर्व मुख्यमंत्री और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) के अध्यक्ष वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी ने रविवार को रामायपट्टनम बंदरगाह (पोर्ट) के निजीकरण को लेकर चंद्रबाबू नायडू सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस परियोजना को घोटाले में बदलकर तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के शीर्ष नेताओं को फायदा पहुंचाने की कोशिश कर रही है। जगन मोहन रेड्डी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा कि सरकार 4,929 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किए जा रहे रामायपट्टनम पोर्ट को केवल 1,500 करोड़ रुपये की अग्रिम राशि पर निजी कंपनियों को सौंपने की तैयारी कर रही है। इससे राज्य के खजाने को भारी नुकसान होगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि निजीकरण के बाद भी राज्य सरकार को 3,500 करोड़ रुपये से अधिक के कर्ज का बोझ उठाना पड़ेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू से सवाल किया, "यह कैसी अर्थव्यवस्था है? वाईएसआरसीपी प्रमुख ने कहा कि बंदरगाह आधारित विकास आंध्र प्रदेश की आर्थिक प्रगति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार ने रामायपट्टनम, मछलीपट्टनम और मुलापेटा बंदरगाहों के विकास में उल्लेखनीय प्रगति की थी। उन्होंने कहा कि जून 2024 से पहले उनकी सरकार ने इन परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण, वैधानिक मंजूरियां, वित्तीय समापन (फाइनेंशियल क्लोजर) और ईपीसी अनुबंध जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रियाएं पूरी कर ली थीं, जिससे परियोजनाओं में पर्याप्त भौतिक प्रगति हुई थी।
जगन ने कहा कि रामायपट्टनम पोर्ट से जुड़े कई बड़े औद्योगिक निवेश प्रस्ताव राज्य के आर्थिक विकास में अहम भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि बीपीसीएल यहां 9 से 12 एमएमटीपीए क्षमता वाली ग्रीनफील्ड रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स स्थापित करने जा रही है, जिसमें एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश प्रस्तावित है। यह परियोजना कच्चे तेल के आयात के लिए बंदरगाह की गहरे पानी की क्षमता का उपयोग करेगी। उन्होंने बताया कि इंडोसोल सोलर भी यहां एकीकृत "क्वार्ट्ज-टू-मॉड्यूल" विनिर्माण संयंत्र स्थापित कर रही है, जहां कच्चे माल के आयात और तैयार सौर मॉड्यूल के निर्यात के लिए बंदरगाह की निकटता बेहद महत्वपूर्ण होगी।
जगन ने यह भी कहा कि जेएसडब्ल्यू स्टील रामायपट्टनम पोर्ट पर दो बर्थ विकसित कर रही है, जिनका उपयोग वाईएसआर कडप्पा जिले में बन रहे एकीकृत इस्पात संयंत्र के लिए लौह अयस्क और कोकिंग कोयले जैसे कच्चे माल की ढुलाई में किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि ये सभी परियोजनाएं राज्य में बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित करेंगी और कर एवं गैर-कर राजस्व बढ़ाने में मददगार साबित होंगी। वाईएसआरसीपी प्रमुख ने आरोप लगाया कि इतने बड़े आर्थिक लाभ की संभावनाओं के बावजूद टीडीपी सरकार का ध्यान केवल रामायपट्टनम पोर्ट को कथित घोटाले में बदलकर अपने नेताओं के लिए धन जुटाने पर केंद्रित है।
Next Story