आंध्र प्रदेश

आंध्र प्रदेश चुनाव में धांधली का आरोप, जगन मोहन रेड्डी ने की दोबारा मतदान की मांग

Ratna Netam
1 Nov 2026 6:51 PM IST
आंध्र प्रदेश चुनाव में धांधली का आरोप, जगन मोहन रेड्डी ने की दोबारा मतदान की मांग
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अमरावती। आंध्र प्रदेश में शहरी स्थानीय निकाय चुनावों के दौरान राजनीतिक तनाव बढ़ गया है। वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) ने 1 नवंबर 2026 को राज्य में लोकतंत्र के लिए काला दिन बताते हुए चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पार्टी ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ तेलुगु देशम पार्टी (TDP) के कार्यकर्ताओं ने कई मतदान केंद्रों पर कब्जा करने, मतदाताओं को डराने और विपक्षी पोलिंग एजेंटों को बूथों में प्रवेश करने से रोकने की कोशिश की। इन कथित अनियमितताओं के विरोध में YSRCP ने दोबारा मतदान कराने की मांग की है।पूर्व मुख्यमंत्री और YSRCP प्रमुख वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने कडप्पा जिले के पुलिवेंदुला में चुनावी अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए रिटर्निंग ऑफिसर (RO) के कार्यालय के बाहर धरना दिया। उन्होंने मांग की कि पुलिवेंदुला नगरपालिका के सभी 80 मतदान केंद्रों पर मतदान रद्द कर नए सिरे से चुनाव कराया जाए। पार्टी ने इस संबंध में चुनाव अधिकारी को लिखित शिकायत भी सौंपी।
70 मतदान केंद्रों पर एजेंटों को रोकने का आरोप
जगन मोहन रेड्डी ने आरोप लगाया कि पुलिवेंदुला नगरपालिका के कुल 80 मतदान केंद्रों में से 70 केंद्रों पर YSRCP के अधिकृत पोलिंग एजेंटों को प्रवेश नहीं करने दिया गया। उनके मुताबिक, पार्टी के एजेंटों को मतदान केंद्रों से बाहर कर दिया गया और कुछ स्थानों पर उनके प्राधिकरण संबंधी दस्तावेज भी कथित तौर पर फाड़ दिए गए।उन्होंने सवाल उठाया कि जब किसी राजनीतिक दल के अधिकृत प्रतिनिधियों को मतदान प्रक्रिया पर नजर रखने का अवसर ही नहीं दिया जाएगा, तो चुनाव को निष्पक्ष कैसे माना जा सकता है। जगन ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल के कार्यकर्ताओं ने सुबह लगभग चार बजे से ही मतदान केंद्रों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया था।YSRCP प्रमुख ने जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप था कि पार्टी कार्यकर्ताओं और पोलिंग एजेंटों की शिकायतों के बावजूद प्रशासन ने प्रभावी कार्रवाई नहीं की। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो।
रिटर्निंग ऑफिसर के कार्यालय के बाहर दिया धरना
जगन मोहन रेड्डी चुनावी अनियमितताओं की शिकायत लेकर पुलिवेंदुला के रिटर्निंग ऑफिसर से मिलने पहुंचे थे। हालांकि, अधिकारियों ने उन्हें कार्यालय के भीतर प्रवेश की अनुमति नहीं दी। इसके बाद उन्होंने कार्यालय के बाहर ही धरना शुरू कर दिया।इस दौरान कडप्पा के सांसद वाईएस अविनाश रेड्डी और YSRCP के अन्य नेता भी उनके साथ मौजूद रहे। जगन ने चुनाव अधिकारी को दिए गए ज्ञापन में पुलिवेंदुला नगरपालिका के सभी 80 मतदान केंद्रों पर दोबारा मतदान कराने की मांग की।उन्होंने यह भी मांग की कि मतदान केंद्रों की सीसीटीवी फुटेज, मतदान संबंधी रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों को सुरक्षित रखा जाए। प्रभावित पोलिंग एजेंटों और पीठासीन अधिकारियों के बयान दर्ज किए जाएं, ताकि कथित अनियमितताओं की वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
पत्रकारों पर हमले और हिंसा की घटनाओं से बढ़ा तनाव
चुनाव के दौरान पुलिवेंदुला में केवल राजनीतिक कार्यकर्ताओं के बीच ही तनाव नहीं देखा गया, बल्कि मीडिया कर्मियों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठे। स्थानीय चुनावों की कवरेज कर रहे कुछ पत्रकारों और कैमरापर्सन पर हमले की घटनाएं सामने आईं।रिपोर्टों के मुताबिक, इंडिया टुडे और एनटीवी के पत्रकारों को निशाना बनाया गया तथा उनके कैमरों को नुकसान पहुंचाया गया। एक वीडियो पत्रकार के साथ मारपीट किए जाने और कैमरे से मेमोरी कार्ड तथा बैटरी निकालने की भी जानकारी सामने आई।YSRCP ने इन घटनाओं को चुनावी प्रक्रिया में बाधा डालने की कोशिश बताया। पार्टी का आरोप है कि मतदाताओं को मतदान केंद्रों तक पहुंचने से रोका गया और कुछ स्थानों पर महिलाओं को भी डराया गया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और जांच का परिणाम सामने आना बाकी है।
TDP ने भी YSRCP पर लगाए आरोप
दूसरी ओर, सत्तारूढ़ तेलुगु देशम पार्टी ने YSRCP के आरोपों को खारिज करते हुए विपक्षी कार्यकर्ताओं पर ही हिंसा और अव्यवस्था फैलाने का आरोप लगाया है। TDP नेताओं का कहना है कि YSRCP कार्यकर्ताओं ने मतदान प्रक्रिया को बाधित करने की कोशिश की।TDP विधायक वरला रमैया ने आरोप लगाया कि इंडिया टुडे के कैमरापर्सन पर हमला YSRCP कार्यकर्ताओं ने किया था। पार्टी ने इस संबंध में राज्य चुनाव आयोग से शिकायत भी की।इस प्रकार दोनों राजनीतिक दल एक-दूसरे पर चुनावी हिंसा और मतदान प्रक्रिया में बाधा डालने के आरोप लगा रहे हैं। ऐसे में पूरे मामले में चुनाव अधिकारियों की जांच और आधिकारिक रिपोर्ट महत्वपूर्ण हो गई है।
कई अन्य इलाकों में भी गड़बड़ी का दावा
जगन मोहन रेड्डी ने दावा किया कि चुनावी अनियमितताएं केवल पुलिवेंदुला तक सीमित नहीं हैं। उन्होंने कडप्पा, जम्मलमडुगु, चित्तूर, माचेरला, चिलकलुरिपेट, ताड़ीपत्री, मदनपल्ले और चिमाकुर्ती सहित कई स्थानों पर भी ऐसी घटनाएं होने का आरोप लगाया।उन्होंने कहा कि मतदाताओं की पर्चियां छीने जाने, मतदान केंद्रों पर दबाव बनाने और विपक्षी एजेंटों को बाहर रखने जैसी शिकायतें सामने आई हैं। जगन ने मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू की सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत निष्पक्ष तरीके से होने चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि चुनाव में इस तरह की घटनाओं को नजरअंदाज किया गया तो लोकतांत्रिक व्यवस्था पर लोगों का भरोसा कमजोर होगा।
राज्य में 92 शहरी निकायों में हुआ मतदान
आंध्र प्रदेश में रविवार को 13 नगर निगमों और 79 नगरपालिकाओं एवं नगर पंचायतों सहित कुल 92 शहरी स्थानीय निकायों में मतदान कराया गया। मतदान सुबह 7 बजे शुरू हुआ। राज्य निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार, दोपहर एक बजे तक राज्य में 37.13 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था, जबकि पुलिवेंदुला में मतदान प्रतिशत 51.51 रहा।चुनाव के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। पुलिवेंदुला में भी सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, TDP और YSRCP समर्थकों के बीच पथराव की घटनाएं सामने आईं। पुलिस ने स्थिति नियंत्रित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए।
3 नवंबर को होगी मतगणना
आंध्र प्रदेश के शहरी स्थानीय निकाय चुनावों की मतगणना 3 नवंबर को निर्धारित है। हालांकि, पुलिवेंदुला में दोबारा मतदान की मांग ने चुनावी प्रक्रिया को लेकर नई बहस शुरू कर दी है। YSRCP ने स्पष्ट किया है कि वह कथित अनियमितताओं के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेगी और जरूरत पड़ने पर न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाएगी।फिलहाल चुनाव आयोग और संबंधित अधिकारियों की ओर से YSRCP की सभी मांगों पर अंतिम निर्णय की जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में अब निगाहें राज्य निर्वाचन आयोग की जांच, राजनीतिक दलों की शिकायतों और दोबारा मतदान को लेकर लिए जाने वाले फैसले पर टिकी हैं।
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