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116 साल की नवनीतम्मा ने पैदल पहुंचकर किए तिरुमाला के दर्शन, TTD ने कराया खास VIP ब्रेक दर्शन

तिरुमाला : भक्ति और आस्था की एक अनोखी मिसाल देखने को मिली, जब 116 साल की बुजुर्ग श्रद्धालु नवनीतम्मा ने पैदल यात्रा कर तिरुमाला पहुंचकर भगवान वेंकटेश्वर के दर्शन किए। उनकी श्रद्धा और हिम्मत ने लोगों को हैरान कर दिया। उनकी उम्र को देखते हुए तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) ने उनके लिए विशेष व्यवस्था करते हुए VIP ब्रेक दर्शन कराया।
TTD ने सोमवार को तमिलनाडु की रहने वाली नवनीतम्मा और उनके परिवार के सदस्यों के लिए विशेष दर्शन की व्यवस्था की। मंदिर प्रशासन ने उनकी भक्ति और इच्छा का सम्मान करते हुए उन्हें बिना परेशानी के भगवान के दर्शन करवाए।
TTD चेयरमैन ने दी विशेष जानकारी
TTD के चेयरमैन बी.आर. नायडू ने बताया कि 116 वर्षीय नवनीतम्मा की आस्था और समर्पण को देखते हुए संस्था की ओर से उनके लिए VIP ब्रेक दर्शन की व्यवस्था की गई।
उन्होंने कहा कि इतनी अधिक उम्र में भी नवनीतम्मा ने जिस श्रद्धा के साथ तिरुमाला की यात्रा पूरी की, वह सभी भक्तों के लिए प्रेरणादायक है।
रंगनायकुला मंडपम में हुआ सम्मान
दर्शन के बाद नवनीतम्मा का तिरुमाला स्थित रंगनायकुला मंडपम में विशेष सम्मान किया गया।
TTD के कार्यकारी अधिकारी मुद्दा रविचंद्र ने वैदिक विद्वानों के माध्यम से उनके लिए वैदिक आशीर्वाद कराया। इसके बाद उन्हें रेशमी वस्त्र ओढ़ाकर सम्मानित किया गया और पवित्र प्रसाद भेंट किया गया।
इस दौरान TTD अधिकारी ने नवनीतम्मा को प्रणाम किया और उनका आशीर्वाद भी लिया।
उम्र को मात देती आस्था
116 साल की उम्र में तिरुमाला तक पैदल पहुंचना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। नवनीतम्मा की इस यात्रा ने लोगों को यह संदेश दिया कि मजबूत इच्छाशक्ति और आस्था के आगे उम्र की सीमाएं भी छोटी पड़ जाती हैं।
उनकी यात्रा की जानकारी मिलने के बाद मंदिर प्रशासन और श्रद्धालुओं में भी उत्साह देखा गया।
परिवार ने जताया आभार
नवनीतम्मा के पोते दिकपति ने TTD और चेयरमैन बी.आर. नायडू का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि उनकी दादी की लंबे समय से इच्छा थी कि वह भगवान वेंकटेश्वर के दर्शन करें और परिवार के सभी सदस्य भी इस पवित्र अवसर का हिस्सा बनें।
उन्होंने बताया कि TTD की व्यवस्था के कारण नवनीतम्मा और परिवार के सदस्यों को आसानी से दर्शन का अवसर मिला।
तिरुमाला में विशेष सम्मान की परंपरा
TTD समय-समय पर ऐसे श्रद्धालुओं का सम्मान करता है, जो अपनी भक्ति और समर्पण से लोगों को प्रेरित करते हैं। बुजुर्ग श्रद्धालुओं और विशेष परिस्थितियों वाले भक्तों के लिए मंदिर प्रशासन की ओर से अलग व्यवस्थाएं की जाती हैं।
नवनीतम्मा के मामले में भी उनकी उम्र और भक्ति को देखते हुए विशेष प्रबंध किए गए।
भक्तों के लिए बनी प्रेरणा
नवनीतम्मा की कहानी सोशल मीडिया और श्रद्धालुओं के बीच चर्चा का विषय बन गई है। लोग उनकी भक्ति, धैर्य और भगवान के प्रति विश्वास की प्रशंसा कर रहे हैं।
श्रद्धालुओं का कहना है कि 116 वर्ष की उम्र में इतनी लंबी यात्रा करना सामान्य बात नहीं है। यह उनकी मजबूत इच्छाशक्ति और धार्मिक आस्था को दर्शाता है।
TTD ने निभाई जिम्मेदारी
तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम दुनिया के सबसे प्रसिद्ध धार्मिक संस्थानों में से एक है, जहां हर दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
मंदिर प्रशासन की ओर से नवनीतम्मा के लिए की गई विशेष व्यवस्था ने एक बार फिर यह दिखाया कि बुजुर्ग और विशेष जरूरत वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता दी जाती है।
आस्था और समर्पण की मिसाल
नवनीतम्मा की तिरुमाला यात्रा केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं रही, बल्कि यह आस्था, विश्वास और इच्छाशक्ति की मिसाल बन गई है। उनकी भक्ति ने कई लोगों को प्रेरित किया है और यह संदेश दिया है कि सच्ची श्रद्धा के सामने उम्र और कठिनाइयां बाधा नहीं बनतीं।
TTD द्वारा सम्मान और विशेष दर्शन की व्यवस्था के बाद नवनीतम्मा और उनका परिवार इस यादगार आध्यात्मिक अनुभव के साथ वापस लौटा।





