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एम-टेक ने मैट्रिमोनियल साइट्स पर महिलाओं से 1.19 करोड़ रुपये ठगे

बेरहामपुर: पुलिस ने बताया कि कंधमाल जिले के रहने वाले 39 वर्षीय एम-टेक पोस्टग्रेजुएट व्यक्ति को गोवा से गिरफ्तार किया गया है। उस पर आरोप है कि उसने मैट्रिमोनियल वेबसाइटों पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर कई महिलाओं से 1.19 करोड़ रुपये की ठगी की। आरोपी ने महिलाओं का भरोसा जीतने के लिए शादी का झूठा वादा किया और जाली मेडिकल दस्तावेज दिखाए।
गंजम के एसपी हरीशा बीसी ने बताया, "आरोपी, फूलबनी कस्बे के पियोनपाडा गांव का रहने वाला जिनु साहनी उर्फ राकेश राजपूत है। उसे गंजम के साइबर क्राइम एंड इकोनॉमिक ऑफेंस (CC & EO) पुलिस स्टेशन की एक टीम ने गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी 10 जुलाई 2026 को दर्ज किए गए केस नंबर 16 के सिलसिले में हुई है, जिसमें BNS की विभिन्न धाराओं और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) की धारा 66(D) के तहत मामला दर्ज किया गया है।" उन्होंने बताया कि आरोपी को शुक्रवार को पकड़ा गया और सोमवार को गंजम लाया गया।
यह मामला तब सामने आया जब भंजनगर की एक 31 वर्षीय विधवा ने शिकायत दर्ज कराई। उसने बताया कि एक मैट्रिमोनियल साइट पर उसकी मुलाकात भुवनेश्वर के 'साई कृपा दास' बताने वाले एक व्यक्ति से हुई, जिसने उसके साथ लगभग 60 लाख रुपये की ठगी की। पुलिस के अनुसार, वह व्यक्ति असल में साहनी ही निकला।
पुलिस जांच के मुताबिक, आरोपी ने शादी का वादा करके महिला का भरोसा जीता। इसके बाद उसने अपने पिता की बीमारी और मौत को लेकर कई झूठी कहानियां सुनाईं। उसने यह भी दावा किया कि वह सोरायसिस (त्वचा से जुड़ी एक ऑटोइम्यून बीमारी) से पीड़ित है। उसने व्हाट्सएप के जरिए फर्जी तस्वीरें और जाली मेडिकल दस्तावेज भी भेजे।
उसने अपनी पहचान पक्की करने और महिला का भरोसा और ज्यादा जीतने के लिए वीडियो कॉल का भी सहारा लिया। आरोपी ने महिला को यह कहकर राजी कर लिया कि वह उसके बैंक अकाउंट का इस्तेमाल कर सकता है, क्योंकि उसका अपना बैंक अकाउंट फ्रीज हो गया है। महिला ने उस पर भरोसा कर लिया और अपने सोने के गहने गिरवी रख दिए, साथ ही परिवार के सदस्यों और अन्य लोगों से पैसे उधार लिए। इसके बाद उसने कई बैंक ट्रांजेक्शन के जरिए लगभग 60 लाख रुपये आरोपी को ट्रांसफर कर दिए।
आरोपी से पूछताछ करने पर पता चला कि वह ठगी के कई मामलों में शामिल रहा है, जिसमें मैट्रिमोनियल साइटों से जुड़े अन्य धोखाधड़ी के मामले भी शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि उसने भुवनेश्वर में एक महिला से 53.75 लाख रुपये और बेरहामपुर में एक महिला से 5.30 लाख रुपये की ठगी की है।
जांचकर्ताओं के अनुसार, आरोपी ने अपनी पहचान छिपाने और पकड़े जाने से बचने के लिए दूसरों के नाम पर लिए गए फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट और सिम कार्ड का इस्तेमाल किया। ठगी से हासिल की गई रकम को उसने अपने निजी खर्चों, होटल में ठहरने, ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी (बेटिंग) ऐप्स पर खर्च किया। पुलिस ने आरोपी के पास से सात मोबाइल फोन, सात सिम कार्ड, छह पावर-केबल चार्जर, एक ब्लैक ट्रैवल एडाप्टर किट, 12 रबर स्टैम्प, दो स्टैम्प पैड, एक डेबिट कार्ड, एक आधार कार्ड, एक वोटर आईडी कार्ड, एक भारतीय रेलवे आईडी कार्ड, एक फर्जी कोर्ट ऑर्डर, एसबीआई (SBI) के दो कथित जाली 'ब्लॉक्ड डिमांड ड्राफ्ट' रसीदें और 2,080 रुपये नकद जब्त किए हैं।
पुलिस ने इस मामले से जुड़ी लगभग 12.31 लाख रुपये की रकम को फ्रीज (होल्ड) कर दिया है। बताया जाता है कि साहनी ने 2015 में रेलवे में नौकरी दिलाने के बहाने एक व्यक्ति से 1.08 लाख रुपये की ठगी करके अपने आपराधिक सफर की शुरुआत की थी। इसके बाद 2017 में उसने 1.80 लाख रुपये की इसी तरह की एक और ठगी की, और फिर बाद में वैवाहिक (मैट्रिमोनियल) धोखाधड़ी करने लगा।
साहनी का आपराधिक रिकॉर्ड पुरी जिले के कोणार्क पुलिस स्टेशन, बेरहामपुर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन, भुवनेश्वर के चंद्रशेखरपुर पुलिस स्टेशन और भुवनेश्वर के CC & EO पुलिस स्टेशन में दर्ज मामलों से सामने आया है।
गंजम मामले में एक अन्य आरोपी, कंधमाल जिले के चाकापाडा पुलिस स्टेशन के अंतर्गत पसारा गांव निवासी उत्तम कुमार साहू उर्फ मिकी (32) को 2 अगस्त 2026 को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया था।





