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World Hypertension Day: भारत का न्यू नॉर्मल और 'Silent Killer' बन रहा हाई BP? ऐसे रखें कंट्रोल
Ashish verma
19 May 2025 5:01 PM IST

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अपने ब्लड प्रेशर को सही तरीके से मापें, कंट्रोल करें
Lifestyle लाइफस्टाइल: आज यानी 17 मई को विश्व उच्च रक्तचाप दिवस है। इस खास दिन पर हमें थोड़ा ठहरकर अपने शरीर की उन सभी रक्त वाहिकाओं के बारे में सोचना चाहिए। कैसे वे दिन-रात हमारे लिए काम कर रही हैं। क्या हमें उनका हालचाल पूछने का मौका मिलता है? शायद उनका हालचाल पूछने की उम्मीद से ही इस बार विश्व उच्च रक्तचाप दिवस की थीम 'अपने रक्तचाWorld Hypertension Day: भारत का न्यू नॉर्मल और 'साइलेंट किलर' बन रहा हाई BP? ऐसे रखें कंट्रोल
को सही तरीके से मापें, नियंत्रित करें, लंबी उम्र जिएं' रखी गई है।
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में जब भारत में उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन) एक नई सामान्य बात बन गई है। यह चुपचाप लोगों के स्वास्थ्य को प्रभावित कर रही है। ऐसे में इस भागदौड़ भरी जिंदगी में आप अपने लिए कुछ समय निकाल सकते हैं और अपने रक्तचाप को नियंत्रण में रखने के बारे में सोच सकते हैं। थीम में रक्तचाप को सही तरीके से मापने का मतलब है उसे नियंत्रित करना। आइए जानते हैं कि विशेषज्ञ डॉक्टर उच्च रक्तचाप से बचने के लिए क्या सलाह दे रहे हैं।
सबसे पहले देखें कि हाइपरटेंशन के आंकड़े क्या हैं
हाल ही में हुए एक अध्ययन के अनुसार, हर 3 में से 2 भारतीय प्री-हाइपरटेंसिव हैं, यानी उनका बीपी सामान्य से ज़्यादा है लेकिन अभी तक हाइपरटेंशन की श्रेणी में नहीं आया है। मायानगरी कही जाने वाली मुंबई में हाइपरटेंशन की व्यापकता दर 26% है। एक अध्ययन से पता चलता है कि 20% से 45% विवाहित जोड़ों में दोनों को हाई बीपी है। ये वो लोग हैं जो साथ रह रहे हैं और एक जैसी जीवनशैली जी रहे हैं।
हाई बीपी 'साइलेंट किलर' क्यों बन रहा है?
सर गंगा राम अस्पताल दिल्ली के वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. अश्विनी मेहता कहते हैं कि हाइपरटेंशन को 'साइलेंट किलर' कहना गलत नहीं होगा। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण यह है कि यह अक्सर बिना किसी स्पष्ट लक्षण के होता है लेकिन यह हार्ट अटैक, स्ट्रोक और किडनी फेलियर जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है।
प्राथमिक एल्डोस्टेरोनिज्म (पीए) भी इसका कारण है
प्राथमिक एल्डोस्टेरोनिज्म (पीए) एक हार्मोनल विकार है जिसमें एड्रेनल ग्रंथियां अत्यधिक एल्डोस्टेरोन हार्मोन का उत्पादन करती हैं, जिससे नमक प्रतिधारण और पोटेशियम की कमी होती है जो उच्च रक्तचाप का कारण बनती है। टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, मुंबई के किंग एडवर्ड मेमोरियल (केईएम) अस्पताल में अनुमानित 8-10% उच्च रक्तचाप के रोगियों में पीए पाया गया है।
उच्च रक्तचाप के लिए जोखिम कारक क्या हैं
- अत्यधिक नमक का सेवन
- तनाव और चिंता
- शारीरिक निष्क्रियता
- मोटापा
- परिवार में उच्च रक्तचाप का इतिहास
इस तरह से आप इसे रोक सकते हैं
- प्रतिदिन या सप्ताह में तीन से चार दिन रक्तचाप की जांच करने की आदत डालें।
- संतुलित आहार और व्यायाम उच्च रक्तचाप को रोकने में मदद करते हैं।
- जीवन में तनाव प्रबंधन तकनीकों का उपयोग करें।
- नमक और प्रोसेस्ड फूड या डिब्बाबंद भोजन का सेवन कम से कम करें
- हमेशा डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवा लें
डॉ. अश्वनी मेहता कहते हैं कि आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में हाई बीपी को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है। अगर समय रहते सही इलाज किया जाए तो इस 'साइलेंट किलर' को मात दी जा सकती है।
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