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World AIDS Day 2025: भारत में HIV केस रिकॉर्ड स्तर पर, 72% युवाओं में

Harrison
2 Dec 2025 9:40 PM IST
World AIDS Day 2025: भारत में HIV केस रिकॉर्ड स्तर पर, 72% युवाओं में
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Lifestyle, लाइफस्टाइल : विश्व एड्स दिवस 2025 पर जारी नई रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि भारत में HIV (ह्यूमन इम्यूनोडेफिशियेंसी वायरस) के मामले रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच चुके हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय और राष्ट्रीय AIDS नियंत्रण संगठन (NACO) के आंकड़ों के मुताबिक, देश में लगभग 40 लाख लोग HIV पॉज़िटिव हैं और इनमें से 72% केस 15 से 35 साल की उम्र के युवाओं में पाए गए हैं।
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यह आंकड़ा न केवल स्वास्थ्य चुनौती है बल्कि सामाजिक और आर्थिक समस्याओं को भी जन्म दे रहा है। डॉक्टर रीमा सेन, इंटर्नल मेडिसिन विशेषज्ञ और HIV एडवोकेट, कहती हैं, “युवाओं में इतनी बड़ी संख्या में HIV पॉज़िटिव केस होना चिंताजनक है। यह संकेत करता है कि शिक्षा और जागरूकता के स्तर में अभी भी गंभीर कमी है। सुरक्षित सेक्स, नियमित परीक्षण और समय पर इलाज पर ध्यान देने की ज़रूरत है।”
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि युवा वर्ग में संक्रमित होने के कारणों में मुख्य रूप से असुरक्षित यौन गतिविधियाँ, गलत धारणाएँ और जागरूकता की कमी शामिल हैं। इसके अलावा, एड्स के प्रति समाज में अभी भी मौजूद कलंक और भ्रांतियाँ संक्रमित व्यक्तियों तक सही जानकारी और उपचार पहुँचने में बाधा डाल रही हैं।
NACO ने इस अवसर पर बताया कि HIV से बचाव के लिए जागरूकता अभियानों और मुफ्त परीक्षण कार्यक्रमों को और अधिक प्रभावशाली बनाने की योजना बनाई जा रही है। संगठन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि युवाओं तक सुरक्षित सेक्स प्रैक्टिस, PrEP (Pre-Exposure Prophylaxis) और नियमित टेस्टिंग के बारे में सही जानकारी पहुंचे। हमारा लक्ष्य है कि 2030 तक HIV के मामलों में 90% तक की कमी लाई जा सके।”
World AIDS Day 2025 के थीम “Knowledge is Prevention” के तहत पूरे देश में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। स्कूलों, कॉलेजों और कम्युनिटी सेंटरों में सेमिनार, कार्यशालाएँ और मोबाइल हेल्थ कैंप लगाए गए। स्वास्थ्य कर्मियों ने बताया कि जागरूकता अभियान युवाओं में एचआईवी टेस्टिंग और सुरक्षित यौन व्यवहार को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि केवल जागरूकता ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि
सामाजिक कलंक और मानसिक स्वास्थ्य
समर्थन को भी प्राथमिकता देने की आवश्यकता है। डॉक्टर अजय माथुर, एड्स रिसर्च एंड काउंसलिंग सेंटर, कहते हैं, “कई युवा संक्रमित होने के बाद इलाज से कट जाते हैं क्योंकि उन्हें डर है कि समाज या परिवार उन्हें स्वीकार नहीं करेगा। इसलिए मानसिक और सामाजिक समर्थन तंत्र को मजबूत करना भी उतना ही ज़रूरी है।”
सरकार ने 2025 में HIV और एड्स रोकथाम के लिए कई नई पहलें शुरू की हैं, जिनमें डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से जानकारी, मोबाइल टेस्टिंग वैन और फ्री काउंसलिंग शामिल हैं। इसके साथ ही, युवा-केंद्रित प्रोग्रामों में उन्हें PrEP, कंडोम वितरण और स्वास्थ्य शिक्षा प्रदान करने पर जोर दिया गया है।
विशेषज्ञों की राय है कि अगर युवा वर्ग में सुरक्षित व्यवहार और समय पर उपचार सुनिश्चित किया गया, तो HIV संक्रमण की दर को काफी हद तक कम किया जा सकता है। इस अवसर पर सभी से अपील की गई कि वे समय पर जांच कराएँ, सुरक्षित सेक्स प्रैक्टिस अपनाएँ और एड्स के प्रति समाज में जागरूकता फैलाएँ।
विश्व एड्स दिवस 2025 ने एक बार फिर याद दिलाया कि HIV सिर्फ़ स्वास्थ्य समस्या नहीं, बल्कि सामाजिक चुनौती भी है। इसके मुकाबले में शिक्षा, जागरूकता, मानसिक समर्थन और सामुदायिक सहयोग ही सबसे प्रभावी हथियार हैं।
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