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देर तक कुर्सी पर बैठकर काम करना पहुंचा सकता है अस्पताल के बेड पर, हो सकती हैं ये बीमारियां

SANTOSI TANDI
28 April 2024 12:29 PM GMT
देर तक कुर्सी पर बैठकर काम करना पहुंचा सकता है अस्पताल के बेड पर, हो सकती हैं ये बीमारियां
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अधिकतर समय तक कम्प्यूटर स्क्रीन के सामने बैठे रहना कई शारीरिक परेशानियों को निमंत्रण देता है। ब्रिटिश मेडिकल जर्नल में पब्लिश हुई स्टडी के मुताबिक, जो लोग एक दिन में 6-8 घंटे से अधिक समय तक कुर्सी पर बैठे रहते हैं उन लोगों को पोश्चर संबंधित समस्या काफी बढ़ जाती है। इसके साथ ही गर्दन, पीठ, घुटने, कंधे, हिप, लोअर बैक में दर्द और अकड़न होने लगती है। इसके अलावा मौत का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे में लोग कंफर्टेबल फर्नीचर का उपयोग करते हैं और स्ट्रेचिंग और एक्सरसाइज का सहारा लेते हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर कोई कम्यूटर पर सही तरीके या पोश्चर से बैठता है तो सेहत से जुड़ी समस्याओं से बच सकता है। ऐसे में आज हम आपको कम्प्यूटर डेस्क पर बैठने का सही तरीके के बारे में बताने जा रहे साथ ही यह भी बताएँगे की लंबे समय तक कुर्सी पर बैठकर काम करने से सेहत को क्या-क्या नुकसान हो सकते हैं...
सही सिटिंग पोजिशन
झुके कंधे, झुकी गर्दन और घुमावदार रीढ़। ये सारे कम्यूटर डेस्क पर बैठने के गलत तरीके हैं। लंबे समय तक ऐसे बैठे रहने से शरीर में दर्द की शिकायत रह सकती है और साथ ही पोश्चर भी बिगड़ जाता है, रीढ़ की हड्डी में चोट लगने का डर भी बना रहता है, डिप्रेशन हो सकता है, मेटाबॉलिज्म पर भी इसका बुरा असर पड़ता है। अगर आप इन समस्याओं से बचना चाहते है तो कम्प्यूटर के सामने सही पोश्चर में बैठे साथ ही कुर्सी की ऊंचाई पर ध्यान देना चाहिए। कम्यूटर डेस्क पर बैठते समय ध्यान दें कि कुर्सी की ऊंचाई इतनी हो कि आपके पैर फर्श से स्पर्श करें और घुटने के पीछे की ओर 90 डिग्री का एंगल बन सके। हिप्स को हमेशा कुर्सी के पीछे चिपकाकर रखें। गर्दन हमेशा रीढ़ की हड्डी की सीध में होना चाहिए ताकि स्क्रीन देखने के लिए गर्दन नीचे ना झुकानी पढ़े। आँखों को स्क्रीन से करीब 20 इंच दूर रखे और कंधों को आराम की स्थिति में रखें न कि उन्हें आगे या पीछे झुकाकर रखें।
लगातार ना बैठें
एक्सपर्ट का कहना है कि एक बार में 30 मिनट से अधिक समय तक कम्यूटर स्क्रीन के सामने नहीं बैठना चाहिए। अगर आप 30 मिनट के बाद कुर्सी से उठकर थोड़ा टहल लेते है तो मसल्स और टेंडन में जकड़न नहीं होती है और थकान भी नहीं होती है। साथ ही ब्लड सर्कुलेशन भी सही बना रहता है जो सेहत के लिए बेहद जरुरी है।
कंफर्टेबल चेयर पर बैठें
हमेशा कंफर्टेबल, सपोर्टिव, एडजस्टेबल कुर्सी पर बैठकर कंप्यूटर पर काम करना चाहिए। कुर्सी में हमेशा बैकरेस्ट (बैक सपोर्ट) होना चाहिए जो अपर और लोअर बैक को सपोर्ट देता है। इस सपोर्ट से रीढ़ की हड्डी कर्व में रहती है। इसके लिए एर्गोनॉमिक रूप से डिजाइन की गई कुर्सियां खरीदें, जो विशेष रूप से डेस्क सिटिंग के लिए बनाई जाती हैं। कुर्सी में हमेशा उसकी ऊंचाई, आर्मरिस्ट की ऊंचाई और बैकरेस्ट को एडजस्ट करने वाले फंक्शन होने चाहिए। कुर्सी में सिर हेडरेस्ट (सिर को सपोर्ट देने वाला हिस्सा) होना चाहिए। इसके साथ ही कुर्सी में कंफर्टेबल पेडिंग होना चाहिए, ताकि बैठते समय कंफर्टेबल रहें।
एक्सरसाइज और स्ट्रेचिंग
कम्यूटर डेस्क पर बैठकर भी कुछ एक्सरसाइज और स्ट्रेचिंग की जाती है। दरअसल, कुछ देर बैठने के बाद लोअर बैक, शोल्डर, कंधे आदि में अकड़न हो जाती है। एक्सरसाइज करने से थकावट महसूस नहीं होगी और मसल्स में अकड़न नहीं होगी।
माउस को दूर न रखें
माउस की गलत स्थिति आपको आगे झकने या फिर हाथों को दूर तक ले जाने के लिए मजबूर करती है इसलिए माउस को अधिक दूर न रखें बल्कि कीबोर्ड के पास ही रखें। टाइप करते या अपने माउस का उपयोग करते समय अपनी कलाइयों को सीधा रखें, हाथों को अपने शरीर के पास रखें और अपने हाथों को अपनी कोहनी के लेवल से हल्का सा नीचे रखें। माउस का कम उपयोग करने के लिए कीबोर्ड की शॉर्टकट का उपयोग कर सकते हैं।
ज्यादा देर तक बैठे रहने से हो सकती हैं कई बीमारियां
हाई ब्लड प्रेशर
लंबे समय तक बैठने से शरीर के कई अंगों को नुकसान हो सकता है। हाई ब्लड प्रेशर की समस्या हो सकती है और कोलेस्ट्रॉल बढ़ सकता है। बिल्कुल नहीं या बहुत कम बैठने वाले लोगों की तुलना में लंबे समय तक बैठने वालों को इन बीमारियों के होने की दोगुनी आशंका होती है।
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