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ठंडा खाने पर दर्द क्यों उठता है, ब्रेन फ्रीज पर विशेषज्ञों की राय

Lifestyle लाइफ स्टाइल : गर्मियों का मौसम हो और ठंडी-ठंडी आइसक्रीम का जिक्र न हो, ऐसा कम ही देखने को मिलता है। बच्चों से लेकर बड़ों तक लगभग सभी को आइसक्रीम खाना पसंद होता है। लेकिन कई लोगों के साथ एक अजीब अनुभव भी होता है कि जैसे ही वे आइसक्रीम की बड़ी बाइट लेते हैं, अचानक सिर में तेज दर्द उठने लगता है। यह दर्द कुछ सेकंड से लेकर कुछ मिनट तक रह सकता है। इसे आम भाषा में “ब्रेन फ्रीज” कहा जाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, ब्रेन फ्रीज कोई बीमारी नहीं है, बल्कि एक अस्थायी शारीरिक प्रतिक्रिया है। जब बहुत ठंडी चीजें जैसे आइसक्रीम या ठंडा पेय तेजी से खाया या पिया जाता है, तो मुंह और गले के ऊपरी हिस्से का तापमान अचानक गिर जाता है। इसका असर दिमाग तक पहुंचने वाले रक्त प्रवाह पर भी पड़ता है। इस बदलाव के कारण दिमाग की रक्त वाहिकाएं तेजी से सिकुड़ती और फिर फैलती हैं, जिससे तेज और चुभन जैसा सिरदर्द महसूस होता है।
यह दर्द आमतौर पर माथे के बीच या कनपटी के पास महसूस होता है। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह शरीर की एक सुरक्षा प्रतिक्रिया हो सकती है, जिससे दिमाग को अचानक तापमान में बदलाव का संकेत मिलता है। हालांकि यह स्थिति गंभीर नहीं होती और अपने आप ठीक हो जाती है।
ब्रेन फ्रीज से बचने के लिए विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि आइसक्रीम या कोई भी बहुत ठंडी चीज धीरे-धीरे खानी चाहिए। बड़े-बड़े टुकड़ों में खाने के बजाय छोटे-छोटे बाइट लेना बेहतर होता है। इसके अलावा, ठंडी चीज को मुंह में कुछ समय तक रखने के बाद निगलना भी इस समस्या को कम कर सकता है।
अगर किसी को ब्रेन फ्रीज हो जाए तो कुछ आसान उपाय अपनाए जा सकते हैं। जैसे कि जीभ को तालू से लगाना, गर्म पानी पीना या मुंह को हल्का गर्म करने की कोशिश करना। इससे दर्द जल्दी कम हो सकता है।
हालांकि यह समस्या सामान्य है, लेकिन अगर किसी व्यक्ति को बार-बार या बहुत ज्यादा सिरदर्द की समस्या होती है, तो उसे डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। अन्यथा, सामान्य रूप से ब्रेन फ्रीज एक अस्थायी और हानिरहित स्थिति है।
गर्मी के मौसम में आइसक्रीम का आनंद लेते समय थोड़ी सावधानी बरतकर इस अजीब लेकिन सामान्य अनुभव से बचा जा सकता है और ठंडी मिठास का पूरा मजा लिया जा सकता है।





