लाइफ स्टाइल

मोटापा क्यों बढ़ता है जानें 7 बड़े कारण और बचाव

Rajeshwari Nishad
17 Oct 2026 11:11 AM IST
मोटापा क्यों बढ़ता है जानें 7 बड़े कारण और बचाव
x

हेल्थ डेस्क। आजकल मोटापा एक आम लेकिन गंभीर स्वास्थ्य समस्या बनता जा रहा है। गलत खानपान, शारीरिक गतिविधियों की कमी, नींद का बिगड़ा हुआ समय और तनाव जैसी कई वजहों से लोगों का वजन तेजी से बढ़ सकता है। अक्सर लोग मोटापे को केवल ज्यादा खाने से जोड़कर देखते हैं, लेकिन वैज्ञानिक शोध बताते हैं कि इसके पीछे हार्मोन, आनुवंशिक कारण और कुछ बीमारियां भी जिम्मेदार हो सकती हैं।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, वर्ष 2024 में दुनियाभर में लगभग 94 करोड़ वयस्क मोटापे से प्रभावित थे। मोटापा डायबिटीज, हृदय रोग, हाई ब्लड प्रेशर और कुछ प्रकार के कैंसर का खतरा बढ़ा सकता है।

मोटापा क्या होता है और इसकी पहचान कैसे करें?

मोटापा ऐसी स्थिति है, जिसमें शरीर में जरूरत से अधिक वसा जमा होने लगती है और स्वास्थ्य संबंधी जोखिम बढ़ जाते हैं। मोटापे की पहचान के लिए बॉडी मास इंडेक्स (BMI) का उपयोग किया जाता है। WHO के अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार, वयस्कों में 25 या उससे अधिक BMI को अधिक वजन और 30 या उससे अधिक BMI को मोटापा माना जाता है। हालांकि, भारतीय और अन्य एशियाई आबादी में कम BMI पर भी स्वास्थ्य जोखिम बढ़ सकते हैं।

मोटापा बढ़ने के 7 प्रमुख कारण

1. जरूरत से ज्यादा कैलोरी लेना: नियमित रूप से शरीर की ऊर्जा जरूरत से अधिक कैलोरी लेने पर अतिरिक्त ऊर्जा वसा के रूप में जमा हो सकती है। मीठे पेय, तले हुए खाद्य पदार्थ और अधिक कैलोरी वाले स्नैक्स वजन बढ़ाने में योगदान देते हैं।

2. शारीरिक गतिविधियों की कमी: लंबे समय तक बैठे रहने और नियमित व्यायाम नहीं करने से ऊर्जा खर्च कम हो सकती है, जिससे वजन बढ़ने का जोखिम रहता है।

3. पर्याप्त नींद नहीं लेना: नींद की कमी भूख और पेट भरने का एहसास नियंत्रित करने वाली प्रक्रियाओं को प्रभावित कर सकती है।

4. लगातार मानसिक तनाव: लंबे समय तक तनाव रहने से खानपान की आदतों और भूख पर असर पड़ सकता है।

5. हार्मोन संबंधी समस्याएं: हाइपोथायरॉइडिज्म, कुशिंग सिंड्रोम और महिलाओं में पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS) जैसी स्थितियां वजन बढ़ने में योगदान दे सकती हैं।

6. आनुवंशिक कारण: परिवार में मोटापे का इतिहास होने पर कुछ लोगों में वजन बढ़ने की प्रवृत्ति अधिक हो सकती है।

7. कुछ दवाइयों का प्रभाव: स्टेरॉयड और कुछ मानसिक स्वास्थ्य संबंधी दवाएं वजन बढ़ा सकती हैं। हालांकि, बिना डॉक्टर की सलाह के दवा बंद नहीं करनी चाहिए।

मोटापे से कौन-कौन सी बीमारियां हो सकती हैं?

शरीर में अतिरिक्त वसा जमा होने से टाइप-2 डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग, स्ट्रोक और फैटी लिवर का खतरा बढ़ सकता है। मोटापे का संबंध जोड़ों की समस्याओं, स्लीप एपनिया और कुछ प्रकार के कैंसर से भी पाया गया है। हालांकि, मोटापे से प्रभावित हर व्यक्ति को ये बीमारियां हों, ऐसा जरूरी नहीं है।

मोटापे से बचने और वजन कंट्रोल करने के आसान तरीके

मोटापा नियंत्रित करने के लिए लंबे समय तक अपनाई जा सकने वाली स्वस्थ आदतें जरूरी हैं।

- भोजन में हरी सब्जियां, फल, दालें, साबुत अनाज और पर्याप्त प्रोटीन शामिल करें।

- मीठे पेय, अत्यधिक तले हुए भोजन और अधिक कैलोरी वाले पैकेटबंद खाद्य पदार्थ सीमित करें।

- सप्ताह में कम से कम 150 मिनट मध्यम तीव्रता वाला व्यायाम करें।

- रोजाना पर्याप्त नींद लें और तनाव नियंत्रित करने की कोशिश करें।

- भोजन की मात्रा पर ध्यान दें और वजन तथा कमर की माप की नियमित निगरानी करें।

- वजन घटाने के लिए बिना चिकित्सकीय सलाह के दवाइयां या सप्लीमेंट न लें।

अमेरिकी रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र (CDC) के अनुसार, धीरे-धीरे वजन घटाना अधिक टिकाऊ होता है। लगभग 0.45 से 0.9 किलोग्राम प्रति सप्ताह वजन कम करने की गति कई वयस्कों के लिए व्यावहारिक हो सकती है, हालांकि लक्ष्य व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार तय होना चाहिए।

अचानक वजन बढ़ने पर कब डॉक्टर को दिखाएं?

यदि बिना खानपान बदले वजन तेजी से बढ़ रहा है, लगातार थकान रहती है, पैरों में सूजन है या सांस लेने में परेशानी होती है, तो डॉक्टर से जांच कराएं। जरूरत पड़ने पर थायरॉइड, ब्लड शुगर और अन्य जांच की सलाह दी जा सकती है।

निष्कर्ष: मोटापा केवल ज्यादा खाने का परिणाम नहीं है। यह कई जैविक, सामाजिक और जीवनशैली संबंधी कारणों से विकसित हो सकता है। संतुलित भोजन, नियमित शारीरिक गतिविधि और चिकित्सकीय मार्गदर्शन से वजन नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है।

Next Story