लाइफ स्टाइल

पूल में मस्ती के बाद बच्चे को क्यों लगती है ठंड

Ratna Netam
10 Aug 2026 5:51 PM IST
पूल में मस्ती के बाद बच्चे को क्यों लगती है ठंड
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लाइफ स्टाइल : गर्मी के मौसम में बच्चों को स्वीमिंग पूल में समय बिताना काफी पसंद होता है। पानी में छप-छप करना, तैरना और घंटों खेलना उनके लिए किसी मजेदार एक्टिविटी से कम नहीं होता। यही वजह है कि स्वीमिंग पूल देखते ही बच्चे उसमें जाने के लिए उत्साहित हो जाते हैं। हालांकि, कई माता-पिता की एक आम शिकायत होती है कि स्वीमिंग करने के बाद उनका बच्चा बीमार पड़ जाता है। पूल से निकलने के कुछ समय बाद या अगले एक-दो दिनों में बच्चों को नाक बहना, सर्दी-जुकाम या हल्का बुखार जैसी परेशानी होने लगती है। ऐसे में अक्सर इसका कारण सीधे पूल के पानी या उसमें मौजूद क्लोरीन को माना जाता है, लेकिन बच्चों के बीमार पड़ने की वजह केवल पानी ही नहीं होती।
पूल के पानी को साफ रखने के लिए आमतौर पर क्लोरीन जैसे केमिकल का इस्तेमाल किया जाता है। कई माता-पिता को लगता है कि इसी वजह से बच्चे को सर्दी या बुखार हो रहा है। हालांकि, दी गई जानकारी के अनुसार स्वीमिंग के बाद बच्चे की कुछ आदतें और आसपास का तापमान भी समस्या की वजह बन सकता है। खासतौर पर पूल से बाहर निकलने के बाद अगर बच्चा लंबे समय तक गीले कपड़ों में रहता है या गीले बालों के साथ ठंडी हवा और एयर कंडीशनर के संपर्क में आता है, तो उसे ठंड लग सकती है।
कंटेंट क्रिएटर मॉम स्वाति ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए ऐसी कुछ सामान्य गलतियों के बारे में बताया है, जो स्वीमिंग के बाद बच्चों की परेशानी बढ़ा सकती हैं। उनके मुताबिक, बच्चा पूल में खुशी-खुशी कई घंटे बिता सकता है, लेकिन इसके एक-दो दिन बाद उसकी नाक बहने लगती है या हल्का बुखार हो सकता है। उन्होंने खासतौर पर स्वीमिंग के बाद शरीर को जल्दी से गर्म और सूखा रखने पर जोर दिया है।
पूल से निकलने के बाद सबसे जरूरी है कि बच्चे को ज्यादा देर तक गीले स्विमसूट में न रहने दिया जाए। कई बार माता-पिता सामान समेटने या बाकी चीजों को व्यवस्थित करने में लग जाते हैं और बच्चा गीले कपड़ों में ही बैठा रहता है। इससे शरीर ठंडा हो सकता है। इसलिए स्वीमिंग खत्म होने के तुरंत बाद बच्चे के गीले कपड़े बदलकर उसे पूरी तरह सूखे और आरामदायक कपड़े पहनाने चाहिए।
बच्चे के बाल और सिर भी अच्छी तरह सुखाना जरूरी है। पूल से निकलने के बाद गीले बालों के साथ ठंडी हवा या एसी में बैठने से बच्चे को ठंड महसूस हो सकती है। ऐसे में उसके सिर को सूखे तौलिए से अच्छी तरह लपेटा जा सकता है। लक्ष्य यह होना चाहिए कि बच्चे का स्कैल्प और बाल जल्द से जल्द सूख जाएं और उसे ठंडी हवा के सीधे संपर्क में न रखा जाए।
स्वीमिंग के बाद बच्चे के खाने-पीने का भी ध्यान रखना चाहिए। लंबे समय तक पानी में खेलने के बाद बच्चों को भूख और थकान महसूस हो सकती है। ऐसे में केवल मीठी चीजें देने के बजाय संतुलित स्नैक देना बेहतर माना गया है। बच्चे को उसकी उम्र और जरूरत के अनुसार प्रोटीन और कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट वाले खाद्य पदार्थ दिए जा सकते हैं। गर्म पेय भी कुछ बच्चों को आरामदायक लग सकता है।
पेरेंट्स को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि हर बार स्वीमिंग के बाद सर्दी, नाक बहना या बुखार होने का मतलब यह नहीं है कि बीमारी सिर्फ पूल के पानी की वजह से हुई है। बच्चों के आसपास मौजूद वायरस और दूसरे संक्रमण भी बीमारी का कारण हो सकते हैं। इसलिए बच्चे की परेशानी को केवल क्लोरीन या पानी से जोड़कर देखना सही नहीं होगा।
स्वीमिंग बच्चों के लिए मजेदार होने के साथ शारीरिक गतिविधि का अच्छा माध्यम भी हो सकती है। लेकिन इसके बाद कुछ सावधानियां बरतना जरूरी है। बच्चे को गीले कपड़ों में लंबे समय तक न रहने देना, बाल और सिर अच्छी तरह सुखाना और स्वीमिंग के बाद संतुलित खाना-पानी देना जैसी छोटी सावधानियां अपनाकर माता-पिता बच्चे को आरामदायक अनुभव दे सकते हैं। अगर बच्चे को बार-बार या तेज बुखार, सांस लेने में परेशानी अथवा अन्य गंभीर लक्षण दिखाई दें, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
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