लाइफ स्टाइल

ब्लड प्रेशर चेक करते समय किस हाथ का करें इस्तेमाल? डॉक्टर ने दूर की उलझन

Ratna Netam
6 Aug 2026 6:25 PM IST
ब्लड प्रेशर चेक करते समय किस हाथ का करें इस्तेमाल? डॉक्टर ने दूर की उलझन
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लाइफ स्टाइल : आज के समय में हाई ब्लड प्रेशर (हाइपरटेंशन) एक आम स्वास्थ्य समस्या बन चुका है। बदलती जीवनशैली, तनाव, अनियमित खानपान और शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण बड़ी संख्या में लोग इस बीमारी से प्रभावित हो रहे हैं। यही वजह है कि अब अधिकांश घरों में डिजिटल ब्लड प्रेशर मॉनिटर उपलब्ध होता है, जिससे लोग समय-समय पर अपना बीपी जांचते रहते हैं। हालांकि, घर पर बीपी मापते समय कई लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि आखिर किस हाथ में ब्लड प्रेशर चेक करना चाहिए और यदि दोनों हाथों में अलग-अलग रीडिंग आए तो किसे सही माना जाए।
हृदय रोग विशेषज्ञों का कहना है कि ब्लड प्रेशर की सही रीडिंग तभी मिलती है, जब उसे सही तरीके से मापा जाए। छोटी-छोटी गलतियां भी गलत परिणाम दे सकती हैं, जिससे व्यक्ति अनावश्यक रूप से घबरा सकता है या वास्तविक समस्या को नजरअंदाज कर सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार दोनों हाथों में ब्लड प्रेशर की रीडिंग में थोड़ा अंतर होना पूरी तरह सामान्य है। सामान्य तौर पर दाएं हाथ का ब्लड प्रेशर बाएं हाथ की तुलना में थोड़ा अधिक हो सकता है। यह अंतर लगभग 20 mmHg तक सिस्टोलिक (ऊपरी) और 10 mmHg तक डायस्टोलिक (निचली) रीडिंग में हो सकता है। यदि अंतर इसी सीमा के भीतर है, तो इसे सामान्य माना जाता है और चिंता की आवश्यकता नहीं होती।
हालांकि कुछ मामलों में बाएं हाथ की रीडिंग दाएं हाथ से अधिक भी आ सकती है। यदि दोनों हाथों की रीडिंग में अंतर बहुत अधिक हो, विशेष रूप से 20/10 mmHg से ज्यादा हो, तो यह शरीर की किसी रक्त वाहिका में रुकावट या अन्य हृदय संबंधी समस्या का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में स्वयं अनुमान लगाने के बजाय तुरंत चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए और आवश्यक जांच करानी चाहिए।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि पहली बार ब्लड प्रेशर मापते समय दोनों हाथों में बीपी अवश्य जांचना चाहिए। इसके बाद जिस हाथ में लगातार अधिक रीडिंग आती है, भविष्य में उसी हाथ का उपयोग नियमित बीपी मॉनिटरिंग के लिए करना चाहिए। इससे रीडिंग की तुलना करना आसान होता है और बीमारी की सही निगरानी हो पाती है।
घर पर बीपी मापते समय कुछ जरूरी सावधानियां बरतना भी बेहद महत्वपूर्ण है। ब्लड प्रेशर मापने से पहले कम से कम पांच मिनट तक आराम से बैठना चाहिए। इस दौरान शरीर पूरी तरह रिलैक्स होना चाहिए और किसी प्रकार की जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए। पीठ कुर्सी से सटी होनी चाहिए और दोनों पैर जमीन पर सीधे टिके होने चाहिए। पैर क्रॉस करके बैठने से भी रीडिंग प्रभावित हो सकती है।
बीपी मापते समय हाथ को दिल की ऊंचाई के बराबर रखना चाहिए और बाजू को किसी टेबल या सहारे पर टिकाना चाहिए। यदि हाथ नीचे या ऊपर रहेगा तो रीडिंग गलत आ सकती है। इसके अलावा कफ को सही तरीके से बांधना भी जरूरी है। बहुत ढीला या बहुत कसकर बांधा गया कफ भी गलत परिणाम दे सकता है।
डॉक्टरों का कहना है कि केवल एक बार बीपी मापकर निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए। बेहतर होगा कि एक से दो मिनट के अंतराल पर दो या तीन बार ब्लड प्रेशर मापा जाए और फिर सभी रीडिंग का औसत निकाला जाए। यही औसत व्यक्ति के वास्तविक ब्लड प्रेशर का बेहतर संकेत देता है।
विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि बीपी मापने से पहले चाय, कॉफी, धूम्रपान या भारी व्यायाम से बचना चाहिए, क्योंकि ये सभी चीजें अस्थायी रूप से ब्लड प्रेशर बढ़ा सकती हैं। यदि किसी व्यक्ति को लगातार उच्च ब्लड प्रेशर की शिकायत रहती है या दोनों हाथों की रीडिंग में बार-बार अत्यधिक अंतर दिखाई देता है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित ब्लड प्रेशर जांच हृदय रोग, स्ट्रोक और किडनी संबंधी गंभीर बीमारियों के खतरे को समय रहते पहचानने में मदद करती है। इसलिए घर पर बीपी मॉनिटर का उपयोग करते समय सही तकनीक अपनाना उतना ही जरूरी है जितना कि नियमित जांच कराना।
हालांकि यह जानकारी सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता के उद्देश्य से है। यदि आपकी ब्लड प्रेशर रीडिंग लगातार सामान्य सीमा से अधिक या कम रहती है, या दोनों हाथों के बीच असामान्य अंतर दिखाई देता है, तो बिना देरी किए चिकित्सक से परामर्श लेना सबसे उचित कदम होगा।
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