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रात में नींद नहीं आती तो क्या करें जानें अच्छी नींद पाने के 7 आसान उपाय

हेल्थ डेस्क। रात में बिस्तर पर जाने के बाद भी घंटों नींद नहीं आना, बार-बार नींद खुलना या सुबह उठने के बाद थकान महसूस होना आजकल कई लोगों की परेशानी बन गया है। देर रात तक मोबाइल चलाना, मानसिक तनाव, अनियमित दिनचर्या और कैफीन का अधिक सेवन नींद को प्रभावित कर सकता है। हालांकि, हर बार नींद नहीं आने की वजह खराब जीवनशैली ही नहीं होती। कुछ दवाइयां, स्वास्थ्य समस्याएं और नींद संबंधी विकार भी इसके पीछे जिम्मेदार हो सकते हैं।
पर्याप्त नींद शरीर और दिमाग दोनों के लिए जरूरी है। अमेरिकी रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र (CDC) के अनुसार, 18 से 60 वर्ष के वयस्कों को सामान्यतः रोजाना कम से कम सात घंटे की नींद लेनी चाहिए। लगातार नींद की कमी ध्यान, याददाश्त, मूड और शारीरिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है।
रात में नींद क्यों नहीं आती?
नींद न आने की समस्या को अनिद्रा यानी इंसोम्निया कहा जाता है। इसमें व्यक्ति को सोने में कठिनाई हो सकती है, रात में बार-बार नींद खुल सकती है या सुबह बहुत जल्दी नींद खुलने के बाद दोबारा सोना मुश्किल हो सकता है।
इसके पीछे तनाव, चिंता, अवसाद, देर रात कैफीन लेना, अनियमित काम का समय और कुछ दवाइयों का प्रभाव हो सकता है। स्लीप एपनिया, लगातार दर्द और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं भी नींद प्रभावित कर सकती हैं।
अच्छी नींद पाने के 7 असरदार तरीके
1. रोजाना एक ही समय पर सोएं और उठें
शरीर की एक आंतरिक घड़ी होती है, जिसे सर्केडियन रिदम कहते हैं। नियमित समय पर सोने और उठने से शरीर की नींद-जागने की प्रक्रिया को स्थिर रखने में मदद मिलती है। छुट्टियों में भी दिनचर्या बहुत ज्यादा न बदलें।
2. सोने से पहले मोबाइल का इस्तेमाल कम करें
मोबाइल और लैपटॉप से निकलने वाली रोशनी तथा उत्तेजक सामग्री नींद आने में देरी कर सकती है। सोने से लगभग 30 से 60 मिनट पहले स्क्रीन का इस्तेमाल कम करना उपयोगी हो सकता है।
3. शाम के बाद कैफीन सीमित करें
चाय, कॉफी और कुछ एनर्जी ड्रिंक्स में कैफीन पाया जाता है। इसका असर कई घंटों तक बना रह सकता है। कैफीन के प्रति संवेदनशील लोगों को सोने से कम से कम छह घंटे पहले इसका सेवन बंद करना उपयोगी हो सकता है।
4. बेडरूम को शांत और आरामदायक बनाएं
अच्छी नींद के लिए कमरे को शांत, अंधेरा और आरामदायक तापमान पर रखना मददगार है। सोने के स्थान पर तेज रोशनी और अनावश्यक शोर से बचें।
5. रोजाना शारीरिक गतिविधि करें
नियमित पैदल चलना, योग और हल्का व्यायाम नींद की गुणवत्ता सुधारने में मदद कर सकते हैं। हालांकि, यदि देर रात तीव्र व्यायाम करने से आपकी नींद प्रभावित होती है, तो इसे दिन में पहले करें।
6. सोने से पहले तनाव कम करें
हल्का संगीत सुनना, किताब पढ़ना, ध्यान या धीमी सांस लेने के अभ्यास मन को शांत करने में मदद कर सकते हैं। सोने से ठीक पहले काम और तनावपूर्ण गतिविधियों से दूरी बनाना भी उपयोगी हो सकता है।
7. नींद नहीं आए तो जबरदस्ती न सोएं
यदि लगभग 20 मिनट तक बिस्तर पर रहने के बाद भी नींद नहीं आती, तो उठकर कम रोशनी में कोई शांत गतिविधि करें। नींद महसूस होने पर दोबारा बिस्तर पर जाएं। बार-बार घड़ी देखने से बचें।
नींद नहीं आने पर डॉक्टर को कब दिखाएं?
यदि सप्ताह में तीन या अधिक रातों को नींद आने में परेशानी होती है और यह समस्या तीन महीने या उससे अधिक समय तक बनी रहती है, तो यह क्रॉनिक इंसोम्निया का संकेत हो सकता है। लगातार नींद खराब रहने से दिनचर्या प्रभावित हो रही हो, तो इससे पहले भी डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
लंबे समय से अनिद्रा से परेशान लोगों के लिए कॉग्निटिव बिहेवियरल थेरेपी फॉर इंसोम्निया (CBT-I) प्रभावी उपचार माना जाता है। बिना चिकित्सकीय सलाह के नींद की गोलियां लेना उचित नहीं है।
निष्कर्ष: अच्छी नींद पाने के लिए नियमित दिनचर्या, कैफीन सीमित करना, शांत वातावरण और तनाव नियंत्रण महत्वपूर्ण हैं। हालांकि, लंबे समय से नींद नहीं आने पर केवल घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहने के बजाय उचित उपचार कराना जरूरी है।





