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नई दिल्ली: दीपावली का त्योहार रोशनी और खुशियों का प्रतीक है। लेकिन इस दौरान पटाखों से होने वाली दुर्घटनाएं गंभीर परेशानी खड़ी कर सकती हैं। खासकर बच्चों और युवाओं में पटाखे जलाते समय हाथ, उंगलियां, चेहरा और आंखें घायल होने का खतरा रहता है। ऐसे में यदि पटाखे से हाथ जल जाए तो शुरुआती कुछ मिनटों में सही प्राथमिक उपचार करना बेहद जरूरी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, जली हुई त्वचा को तुरंत ठंडे बहते पानी के नीचे लगभग 20 मिनट तक रखने से चोट की गंभीरता कम करने में मदद मिल सकती है।
जलने के तुरंत बाद क्या करें?
ब्रिटिश रेड क्रॉस और ब्रिटेन की राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (NHS) के अनुसार, त्वचा जलने पर सबसे पहले व्यक्ति को आग या गर्म वस्तु से दूर करना चाहिए। इसके बाद प्रभावित हिस्से को सामान्य ठंडे बहते पानी के नीचे करीब 20 मिनट तक रखना चाहिए। पानी इतना ठंडा नहीं होना चाहिए कि त्वचा को नुकसान पहुंचे। बर्फ या अत्यधिक ठंडे पानी का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए। विशेषज्ञ बताते हैं कि जलने के बाद त्वचा के भीतर गर्मी बनी रह सकती है। बहता पानी प्रभावित हिस्से को ठंडा करने और आगे होने वाली क्षति को कम करने में मदद करता है। ध्यान रहे कि 20 मिनट तक पानी से ठंडा करने का अर्थ यह नहीं है कि इसके बाद गंभीर चोट के लिए डॉक्टर की जरूरत नहीं होगी।
अंगूठी और कड़ा तुरंत निकालें
यदि हाथ या उंगलियां जली हैं तो अंगूठी, घड़ी, कड़ा या अन्य आभूषण सावधानी से निकाल देना चाहिए। जलने के बाद त्वचा में सूजन आ सकती है, जिससे बाद में इन वस्तुओं को निकालना मुश्किल हो सकता है। यदि कोई कपड़ा या वस्तु जली हुई त्वचा से चिपक गई है तो उसे जबरदस्ती नहीं हटाना चाहिए। ऐसा करने से त्वचा को अधिक नुकसान पहुंच सकता है।
टूथपेस्ट, घी और तेल लगाने से बचें
घरों में अक्सर जलने पर तुरंत टूथपेस्ट, घी, तेल या अन्य घरेलू पदार्थ लगाने की सलाह दी जाती है। लेकिन चिकित्सकीय दिशानिर्देशों के अनुसार ऐसा करना उचित नहीं है। इन पदार्थों से जलन बढ़ सकती है और घाव का सही मूल्यांकन करना कठिन हो सकता है। जलने पर सीधे बर्फ लगाने से भी नुकसान होने का खतरा रहता है। प्राथमिक उपचार के लिए सबसे सुरक्षित कदम प्रभावित हिस्से को बहते पानी से ठंडा करना है।
फफोले पड़ जाएं तो क्या करें?
यदि जलने के बाद त्वचा पर फफोले बन जाएं तो उन्हें खुद से फोड़ना नहीं चाहिए। फफोले त्वचा की अंदरूनी परत को सुरक्षा प्रदान करते हैं। इन्हें फोड़ने से संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। घाव ठंडा करने के बाद उसे साफ, न चिपकने वाली ड्रेसिंग या साफ प्लास्टिक फिल्म से ढीले तरीके से ढका जा सकता है। हाथ जलने पर साफ प्लास्टिक बैग भी अस्थायी सुरक्षा के लिए उपयोगी हो सकता है। ड्रेसिंग को कसकर नहीं बांधना चाहिए।
इन परिस्थितियों में तुरंत अस्पताल जाएं
- हाथ या उंगलियों में गहरा घाव हो।
- त्वचा सफेद, काली या चमड़े जैसी दिखाई दे।
- बड़े फफोले बन जाएं या त्वचा उतरने लगे।
- उंगलियां हिलाने में परेशानी हो।
- जलने के साथ पटाखे के विस्फोट से कटने या फटने की चोट लगी हो।
- चेहरे या आंखों पर चोट आई हो।
- सांस लेने में परेशानी हो या धुआं अंदर जाने का संदेह हो।
अमेरिकन बर्न एसोसिएशन के अनुसार, हाथ, चेहरे, पैरों और जोड़ों के आसपास गंभीर जलने की चोटों में तत्काल चिकित्सकीय जांच जरूरी है। पटाखों से हाथ जलने पर छोटी दिखने वाली चोट भी गहरी हो सकती है, इसलिए चिकित्सक से जांच कराना समझदारी है।
बच्चों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दें
दीपावली के दौरान बच्चों को पटाखे जलाते समय अकेला नहीं छोड़ना चाहिए। पटाखे जलाने के लिए सुरक्षित दूरी बनाए रखें और पास में पानी की व्यवस्था रखें।
यदि किसी बच्चे का हाथ जल जाए तो तत्काल प्राथमिक उपचार शुरू करें और चिकित्सकीय सलाह लें। गंभीर स्थिति में एंबुलेंस बुलाने या नजदीकी आपातकालीन विभाग जाने में देरी न करें। विशेषज्ञों का कहना है कि जलने के बाद सही फर्स्ट एड से चोट की गंभीरता कम करने में मदद मिल सकती है। इसलिए घबराने या घरेलू नुस्खे अपनाने के बजाय 20 मिनट तक बहते पानी से प्रभावित हिस्सा ठंडा करना और जरूरत पड़ने पर तुरंत अस्पताल पहुंचना सबसे महत्वपूर्ण है।
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