- Home
- /
- लाइफ स्टाइल
- /
- गणेश चतुर्थी पर कैसी...
लाइफ स्टाइल
गणेश चतुर्थी पर कैसी हो बप्पा की मूर्ति शास्त्रों में बताए गए हैं ये नियम
nidhi
21 Aug 2026 12:11 PM IST

x
बप्पा की मूर्ति में किन बातों का रखें ध्यान शास्त्रों में बताए गए संकेत
नई दिल्ली: गणेश चतुर्थी का पर्व भगवान गणेश की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। इस दौरान भक्त अपने घरों और पंडालों में भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करते हैं। हालांकि कई बार लोग आकर्षक और आधुनिक डिजाइन वाली मूर्तियां पसंद करते हैं, लेकिन धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गणपति बप्पा की मूर्ति का स्वरूप शास्त्रों में बताए गए नियमों के अनुरूप होना शुभ माना जाता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान गणेश की मूर्ति में उनके पारंपरिक स्वरूप का ध्यान रखना चाहिए। शास्त्रों में गणेश जी को बुद्धि, ज्ञान, शुभता और विघ्नहर्ता के रूप में पूजा जाता है, इसलिए उनकी प्रतिमा भी इसी भाव को दर्शाने वाली होनी चाहिए।
कैसी होनी चाहिए गणेश जी की मूर्ति?
मान्यता के अनुसार, गणेश जी की मूर्ति में उनका चेहरा शांत और प्रसन्न मुद्रा में होना शुभ माना जाता है। गणपति की सूंड किस दिशा में हो, इसे लेकर भी धार्मिक परंपराओं में विशेष महत्व बताया गया है। कई मान्यताओं के अनुसार, घर में स्थापित गणेश जी की सूंड बाईं ओर मुड़ी हुई हो तो इसे शुभ और गृहस्थ जीवन के लिए अनुकूल माना जाता है। वहीं दाईं ओर सूंड वाली मूर्ति को विशेष पूजा और नियमों से जोड़कर देखा जाता है।
बैठी हुई मुद्रा वाली मूर्ति शुभ
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, घर के लिए गणेश जी की बैठी हुई मुद्रा वाली प्रतिमा शुभ मानी जाती है। इसे स्थिरता, सुख और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। वहीं कार्यालय या व्यापारिक स्थानों पर कुछ लोग खड़ी मुद्रा वाली गणेश प्रतिमा भी स्थापित करते हैं।
मूर्ति में दिखना चाहिए पारंपरिक स्वरूप
शास्त्रों के अनुसार, गणेश जी की प्रतिमा में उनका पारंपरिक स्वरूप होना चाहिए। इसमें बड़ा सिर ज्ञान का प्रतीक, बड़े कान ध्यानपूर्वक सुनने का संकेत और उनका वाहन मूषक विनम्रता और इच्छाओं पर नियंत्रण का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गणेश जी को किसी फिल्मी किरदार, आधुनिक अवतार या अलग-अलग रूपों में दिखाने वाली मूर्तियों की जगह पारंपरिक स्वरूप वाली प्रतिमा स्थापित करना अधिक शुभ माना जाता है।
मूर्ति का आकार भी है महत्वपूर्ण
मान्यता है कि घर के पूजा स्थान के लिए बहुत बड़ी मूर्ति रखने से बचना चाहिए। घर में ऐसी प्रतिमा स्थापित करनी चाहिए जिसकी पूजा और देखभाल आसानी से की जा सके। सार्वजनिक पंडालों में बड़ी प्रतिमाएं स्थापित करने की परंपरा अलग होती है।
मिट्टी की मूर्ति को माना जाता है शुभ
गणेश चतुर्थी पर मिट्टी से बनी प्रतिमा स्थापित करने की परंपरा भी काफी पुरानी है। पर्यावरण के लिहाज से भी मिट्टी की मूर्तियों को बेहतर विकल्प माना जाता है। पूजा के बाद इनका विसर्जन भी आसानी से किया जा सकता है। धार्मिक विशेषज्ञों का कहना है कि गणेश जी की पूजा में सबसे महत्वपूर्ण श्रद्धा और भक्ति होती है। मूर्ति का स्वरूप धार्मिक मान्यताओं के अनुसार रखना शुभ माना जाता है, लेकिन पूजा का मुख्य आधार भक्त की भावना होती है। इस गणेश चतुर्थी पर अगर आप घर में बप्पा की स्थापना करने जा रहे हैं तो पारंपरिक स्वरूप, शुभ मुद्रा और श्रद्धा के साथ गणपति की प्रतिमा चुनना धार्मिक दृष्टि से अच्छा माना जाता है।
Next Story





