- Home
- /
- लाइफ स्टाइल
- /
- पश्चिम एशिया संकट:...
लाइफ स्टाइल
पश्चिम एशिया संकट: एशियाई विकास बैंक ने बांग्लादेश की विकास दर घटाकर 4 प्रतिशत की
SHIDDHANT
11 April 2026 9:39 PM IST

x
Delhi दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते वैश्विक राजनीतिक तनाव के बीच एशियाई विकास बैंक (एडीबी) ने बांग्लादेश की आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान को घटाकर चालू वित्त वर्ष (जून में समाप्त) के लिए 4 प्रतिशत कर दिया है। पहले यह अनुमान 4.7 प्रतिशत था। एडीबी की नई रिपोर्ट के मुताबिक, ईंधन की बढ़ती कीमतों और वैश्विक सप्लाई चेन में बाधाओं के कारण यह कटौती की गई है। ‘द डेली स्टार’ की रिपोर्ट के अनुसार, एडीबी ने अगले वित्त वर्ष (2026–27) के लिए बांग्लादेश की विकास दर 4.7 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है।
एडीबी ने तीसरी बार बांग्लादेश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि के अनुमान में संशोधन किया है। इससे पहले दिसंबर में चालू वित्त वर्ष के लिए 4.7 प्रतिशत का अनुमान लगाया गया था, जो सितंबर में 5 प्रतिशत था। वहीं, पिछले साल अप्रैल में यही अनुमान 5.1 प्रतिशत था। रिपोर्ट में कहा गया है कि मौजूदा परिदृश्य में खपत और निवेश में धीरे-धीरे सुधार की उम्मीद है, जिसे आम चुनावों के बाद राजनीतिक अनिश्चितता में कमी से समर्थन मिलेगा।
एडीबी के अनुसार, पश्चिम एशिया में तनाव के कारण वैश्विक सप्लाई चेन में आई अस्थायी बाधाओं का असर पिछले तिमाही में देखा गया, हालांकि इसके धीरे-धीरे कम होने की उम्मीद है। एडीबी के कंट्री डायरेक्टर हो यून जियोंग ने कहा, “बांग्लादेश एक चुनौतीपूर्ण आर्थिक माहौल का सामना कर रहा है, जो वैश्विक अनिश्चितताओं, घरेलू संरचनात्मक बाधाओं और बाहरी तथा वित्तीय क्षेत्रों के दबाव से प्रभावित है। रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 में महंगाई करीब 9 प्रतिशत बनी रह सकती है, जो 2027 में घटकर 8.5 प्रतिशत होने का अनुमान है, क्योंकि बाहरी झटके कम होंगे और घरेलू आपूर्ति स्थिति में सुधार होगा।
रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि यदि पश्चिम एशिया का संकट लंबा खिंचता है, तो आर्थिक परिदृश्य के लिए नकारात्मक जोखिम बने रहेंगे। एडीबी ने कहा कि वैश्विक ऊर्जा बाजार, शिपिंग रूट और सप्लाई चेन में व्यवधान से तेल और गैस की कीमतें बढ़ सकती हैं, जिससे महंगाई का दबाव और बढ़ेगा तथा उसे नियंत्रित करना कठिन हो जाएगा। रिपोर्ट के अनुसार, ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी से राजकोषीय घाटा भी बढ़ सकता है, खासकर यदि ऊर्जा सब्सिडी बढ़ती है या इसका बोझ उपभोक्ताओं तक पहुंचाने में देरी होती है। इसके अलावा, चालू खाते का घाटा वित्त वर्ष 2026 में जीडीपी का 0.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो 2027 में बढ़कर 0.6 प्रतिशत हो सकता है।
TagsADB रिपोर्टबांग्लादेश GDPआर्थिक वृद्धि दरवैश्विक तनावमहंगाई अनुमानसप्लाई चेन संकटएशियाई विकास बैंकआर्थिक समाचारजनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारहिंन्दी समाचारजनताJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperjantasamachar newssamacharHindi news
Next Story





