- Home
- /
- लाइफ स्टाइल
- /
- Migraine के मरीजों के...
लाइफ स्टाइल
Migraine के मरीजों के लिए चेतावनी: ये दो फल बिल्कुल न खाएं
Harrison
21 Nov 2025 8:30 PM IST

x
Lifestyle, लाइफस्टाइल : माइग्रेन से परेशान लोग अक्सर अपनी डाइट पर ध्यान नहीं देते, जिससे उनकी तबीयत और भी बिगड़ सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि माइग्रेन के दौरान कुछ फल ऐसे होते हैं जो दर्द को बढ़ा सकते हैं और स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर डाल सकते हैं। खासकर केला और संतरा के सेवन से माइग्रेन की स्थिति गंभीर हो सकती है।
माइग्रेन और खानपान का कनेक्शन
माइग्रेन केवल सिर दर्द नहीं है, बल्कि यह एक न्यूरोलॉजिकल स्थिति है जिसमें सिर के एक हिस्से में तेज दर्द, उल्टी, चक्कर और रोशनी या आवाज के प्रति संवेदनशीलता जैसी परेशानियाँ होती हैं।
डॉक्टरों के अनुसार, माइग्रेन की वजह से शरीर में ट्रिप्टामिन और सेरोटोनिन जैसे न्यूरोट्रांसमीटर असंतुलित हो जाते हैं। यही कारण है कि कुछ खाद्य पदार्थ, विशेषकर फल और ड्रिंक, माइग्रेन को ट्रिगर कर सकते हैं।
भूलकर भी न खाएं: केला और संतरा
केला:
केला सामान्यत: स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद माना जाता है, लेकिन माइग्रेन के मरीजों के लिए यह हानिकारक हो सकता है। केले में टायरोसिन और पोटैशियम की मात्रा अधिक होती है, जो माइग्रेन के दौरान सिर दर्द को और बढ़ा सकती है। इसके अलावा, पके हुए केले में शुगर की मात्रा अधिक होती है, जिससे ब्लड शुगर लेवल जल्दी बढ़ता और गिरता है। यह अचानक बदलाव माइग्रेन को ट्रिगर कर सकता है।
संतरा:
संतरे में विटामिन C और एसीडिटी अधिक होती है। माइग्रेन के दौरान एसिडिक फल खाने से पेट की समस्याएँ, उल्टी और सिर दर्द और बढ़ सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि एसिडिक और साइट्रस फल माइग्रेन पीड़ितों के लिए खतरनाक साबित हो सकते हैं।
विशेषज्ञों की राय
डॉक्टर और न्यूट्रिशनिस्ट बताते हैं कि माइग्रेन के दौरान खानपान में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
डॉ. रीना गुप्ता, न्यूरोलॉजिस्ट, कहती हैं, "माइग्रेन के मरीजों को चाहिए कि वे अपने आहार से ऐसे फल और खाद्य पदार्थ हटा दें जो दर्द को बढ़ा सकते हैं। केला और संतरा जैसी चीजें अक्सर अनजाने में माइग्रेन ट्रिगर करती हैं। इसके बजाय सूखे मेवे, हरी सब्जियां और पानी का सेवन बढ़ाना चाहिए।"
क्या खाएं, क्या न खाएं
माइग्रेन से राहत पाने के लिए डॉक्टर सलाह देते हैं:
न खाएं: केला, संतरा, अनानास, बहुत मीठे और एसिडिक फल, कैफीनयुक्त ड्रिंक
खाएं: सेब, पपीता, तरबूज, हरी सब्जियां, ओट्स, बादाम और पानी
जीवनशैली में बदलाव भी जरूरी
केवल खानपान ही नहीं, बल्कि जीवनशैली में बदलाव भी माइग्रेन को कम कर सकते हैं। नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद और तनाव कम करने वाली तकनीक जैसे मेडिटेशन या योग माइग्रेन की तीव्रता और अवधि को कम कर सकते हैं।
चेतावनी
माइग्रेन के मरीजों को बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी दवा या फल लेने से बचना चाहिए। केला और संतरे जैसी चीजें खाकर समस्या को और बढ़ाना स्वास्थ्य के लिए जोखिमपूर्ण हो सकता है। अगर लगातार सिर दर्द, चक्कर या उल्टी जैसी शिकायत हो रही है, तो तुरंत विशेषज्ञ से संपर्क करें।
माइग्रेन केवल दर्द की समस्या नहीं, बल्कि यह जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित करता है। खानपान और जीवनशैली में छोटे बदलाव करके इस समस्या से काफी हद तक राहत पाई जा सकती है। खासकर केले और संतरे जैसे फल माइग्रेन के दौरान बिल्कुल न खाएं, अन्यथा स्थिति गंभीर हो सकती है।
Tagsमाइग्रेनमरीजोंचेतावनीMigraine Patients Warningजनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperjantasamachar newsSamacharहिंन्दी समाचार
Next Story





