लाइफ स्टाइल

मीठे सोडा की जगह अपनाएं ये 7 आसान ड्रिंक्स

nidhi
3 Nov 2026 9:15 AM IST
मीठे सोडा की जगह अपनाएं ये 7 आसान ड्रिंक्स
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लाइफस्टाइल : गर्मी हो या मेहमानों का स्वागत, खाने के साथ कुछ पीने की इच्छा हो या काम के बीच ताजगी की जरूरत—कई लोग तुरंत कोल्ड ड्रिंक की ओर हाथ बढ़ा देते हैं। लेकिन रोजाना मीठे पेय पीने से आहार में अतिरिक्त चीनी और कैलोरी बढ़ सकती है। अमेरिकी स्वास्थ्य संस्था सीडीसी के अनुसार, सामान्य सोडा और दूसरे मीठे पेय कैलोरी तो देते हैं, लेकिन उनका पोषण संबंधी योगदान कम होता है। ऐसे में बिना अतिरिक्त चीनी वाले विकल्प अपनाना उपयोगी बदलाव हो सकता है।

हालांकि, किसी एक ड्रिंक को पाचन सुधारने या इम्युनिटी बढ़ाने का निश्चित उपाय मानना सही नहीं है। पर्याप्त पानी, संतुलित भोजन और पोषक तत्वों की जरूरत पूरी करना शरीर के सामान्य कामकाज में मदद करता है। प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए भी विविध और संतुलित आहार महत्वपूर्ण है। नीचे दिए गए सात विकल्पों को अपनी जरूरत और सहनशीलता के अनुसार दिनचर्या में जगह दी जा सकती है। सभी पेय रोज पीना आवश्यक नहीं है।
पहला और सबसे आसान विकल्प सादा पानी है। प्यास बुझाने के लिए इसमें चीनी, नमक या किसी खास सामग्री को मिलाने की जरूरत नहीं होती। पानी शरीर से निकलने वाले तरल की भरपाई करता है। इसे घर, कार्यालय या यात्रा के दौरान आसानी से साथ रखा जा सकता है। पानी सामान्य तापमान पर पीना है या ठंडा, यह अपनी पसंद के अनुसार चुन सकते हैं। गुनगुने पानी को पाचन या वजन घटाने का कोई विशेष जादुई उपाय समझने की जरूरत नहीं है।
दूसरा विकल्प बिना चीनी का नींबू पानी है। सादे पानी का स्वाद पसंद नहीं आने पर उसमें नींबू की कुछ बूंदें या पतला टुकड़ा डाल सकते हैं। इससे स्वाद बदल जाता है और मीठे पेय की जगह पानी चुनना आसान हो सकता है। इसमें अधिक चीनी, शहद या सिरप मिलाने से अतिरिक्त मिठास फिर बढ़ जाएगी। एनएचएस भी पानी में नींबू या लाइम का टुकड़ा मिलाने का सुझाव देता है। इसे ‘डिटॉक्स’ या संक्रमण रोकने वाला पेय बताना उचित नहीं है।
तीसरा विकल्प खीरा और पुदीना मिला पानी है। अच्छी तरह धुले खीरे के कुछ टुकड़े और पुदीने की पत्तियां साफ पीने के पानी में डालकर स्वाद बदला जा सकता है। इसमें चीनी मिलाने की जरूरत नहीं है। यह उन लोगों के लिए सुविधाजनक विकल्प है, जिन्हें बार-बार अलग स्वाद वाला पेय चाहिए। इसकी भूमिका मुख्य रूप से पानी को स्वादिष्ट बनाना है; इसे शरीर की गंदगी निकालने, पेट की हर परेशानी दूर करने या इम्युनिटी बढ़ाने का उपचार न मानें।
चौथा विकल्प सादी छाछ है। दही को पानी में फेंटकर बिना चीनी की छाछ बनाई जा सकती है। स्वाद के लिए थोड़ा भुना जीरा डाल सकते हैं और नमक सीमित रखें। दूध से परेशानी होने वाले कुछ लोग दही को बेहतर सहन कर सकते हैं, लेकिन यह सभी पर लागू नहीं होता। लैक्टोज असहिष्णुता में डेयरी उत्पादों से गैस, पेट दर्द या दस्त हो सकते हैं। इसलिए छाछ पीने के बाद असुविधा होती है तो उसे रोज पीने की मजबूरी न बनाएं।
पांचवां विकल्प बिना चीनी का सादा दूध है, बशर्ते वह आपको पचता हो। मीठे फ्लेवर्ड दूध या मिल्कशेक के बजाय सादा दूध चुना जा सकता है। जरूरत के अनुसार कम वसा वाला विकल्प भी उपलब्ध है। हालांकि, दूध पानी का पूरी तरह विकल्प नहीं है और इसे भोजन में मिलने वाली ऊर्जा के हिस्से के तौर पर देखना चाहिए। दूध से एलर्जी या लैक्टोज संबंधी समस्या होने पर अपने लिए उपयुक्त विकल्प चुनें। एनएचएस मीठे पेय की जगह पानी और कम वसा वाले दूध जैसे विकल्प सुझाता है।
छठा विकल्प बिना चीनी की ग्रीन टी है। इसे मीठी बोतलबंद आइस्ड टी की जगह घर पर तैयार किया जा सकता है। ग्रीन टी में पौधों से मिलने वाले पॉलीफेनॉल होते हैं, लेकिन इसे बीमारी से सुरक्षा की गारंटी नहीं माना जा सकता। इसमें कैफीन भी होती है, जिसका असर हर व्यक्ति पर अलग हो सकता है। बेचैनी या नींद में परेशानी महसूस होने पर मात्रा और पीने का समय बदलें। बहुत मीठा बनाकर पीने से चीनी घटाने का उद्देश्य पूरा नहीं होगा।
सातवां विकल्प बिना चीनी की हल्की काली चाय है। दूध और कई चम्मच चीनी वाली चाय के बजाय इसे कम तीव्रता में बनाया जा सकता है। स्वाद के लिए चीनी कम करने की आदत धीरे-धीरे विकसित करें। हार्वर्ड की पोषण संबंधी जानकारी के मुताबिक, बिना अतिरिक्त मिठास वाली चाय स्वस्थ पेय विकल्पों में शामिल हो सकती है। फिर भी कैफीन के प्रति संवेदनशील लोगों को अपनी सहनशीलता का ध्यान रखना चाहिए।
इन विकल्पों में सबसे जरूरी बात अतिरिक्त चीनी कम रखना है। ‘नेचुरल’ लिखे होने से कोई पेय अपने आप सेहतमंद नहीं हो जाता। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, शहद, सिरप और फलों के जूस में मौजूद शुगर भी फ्री शुगर में गिनी जाती है। इसलिए कोल्ड ड्रिंक हटाकर रोज मीठा शरबत या बड़ी मात्रा में जूस पीना समान उद्देश्य पूरा नहीं करेगा। पेय के साथ पर्याप्त फाइबर वाला भोजन भी रखें और लगातार पाचन संबंधी परेशानी होने पर उसका कारण पता कराएं।

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