धर्म-अध्यात्म

जीवन में सफलता प्राप्‍त करने के लिए बुद्धिमान व्यक्ति को किसी ऐसे देश में कभी नहीं जाना चाहिए जहां ये 5 चीजें न हों

Sarita
10 Feb 2022 5:10 PM IST
जीवन में सफलता प्राप्‍त करने के लिए बुद्धिमान व्यक्ति को किसी ऐसे देश में कभी नहीं जाना चाहिए जहां ये 5 चीजें न हों
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आचार्य चाणक्य कि ही बताई कुछ अहम बातें

जनता से रिश्ता वेबडेस्क। आचार्य चाणक्य (Acharya Chanakya) बहुत विद्वान व्यक्ति थे. जहां उनकी बुद्धि बहुत कुशाग्र थी, वहीं उन्हें विभिन्न विषयों की गहरी समझ भी थी. आचार्य चाणक्य द्वारा वर्णित नीतियां आज भी प्रासंगिक हैं, जो जीवन में सफलता प्राप्‍त करने की प्रेरणा देती हैं. आज हम आपको बताते हैं आचार्य चाणक्य कि ही बताई कुछ अहम बातें. आचार्य चाणक्य के अनुसार बुद्धिमान व्यक्ति को नीचे दी गई इन बातों का अनुसरण जरूर करना चाहिए. उनके अनुसार बुद्धिमान व्यक्ति किसी ऐसे देश में कभी न जाए जहां ये 5 चीजें न हों.

आचार्य चाणक्य के अनुसार बुद्धिमान व्यक्ति किसी ऐसे देश में रहने का निश्‍चय कभी न करें, जहां रोजगार न हो. क्‍योंकि रोजगार न होने पर उसका जीवन दुश्वार हो जाएगा. परिवार के भरण पोषण के लिए रोजगार बहुत जरूरी है. इसलिए जहां रोजगार का माध्‍यम और साधन हों, वहीं रहें.

आचार्य चाणक्य के अनुसार बुद्धिमान व्यक्ति किसी ऐसे देश में रहने का निश्‍चय कभी न करें, जहां रोजगार न हो. क्‍योंकि रोजगार न होने पर उसका जीवन दुश्वार हो जाएगा. परिवार के भरण पोषण के लिए रोजगार बहुत जरूरी है. इसलिए जहां रोजगार का माध्‍यम और साधन हों, वहीं रहें.
बुद्धिमान व्यक्ति को ऐसे स्‍थान पर रहने का निश्‍चय नहीं करना चाहिए, जहां लोग किसी भी बात से डरते न हों. उनके अंदर बुरे काम करके उसके परिणामों को भुगतने का भय न हो.
बुद्धिमान व्यक्ति को ऐसे स्‍थान पर रहने का निश्‍चय नहीं करना चाहिए, जहां लोग किसी भी बात से डरते न हों. उनके अंदर बुरे काम करके उसके परिणामों को भुगतने का भय न हो.
आचार्य चाणक्य के अनुसार व्यक्ति में लज्‍जा का होना बहुत जरूरी है, क्‍योंकि निर्लज्ज व्‍यक्ति किसी का सम्‍मान नहीं कर सकता. इसलिए ऐसे स्‍थान पर रहने का चुनाव कदापि न करें, जहां लोगों में किसी बात की लज्‍जा न हो.
आचार्य चाणक्य के अनुसार व्यक्ति में लज्‍जा का होना बहुत जरूरी है, क्‍योंकि निर्लज्ज व्‍यक्ति किसी का सम्‍मान नहीं कर सकता. इसलिए ऐसे स्‍थान पर रहने का चुनाव कदापि न करें, जहां लोगों में किसी बात की लज्‍जा न हो.
आचार्य चाणक्य के अनुसार, ऐसी जगह और ऐसे लोगों के बीच कभी न रहें जो बुद्धिमान न हों. किसी बुद्धिमान व्‍यक्ति का जीवन मूर्ख लोगों के बीच व्‍यतीत होना सरल नहीं है. इसलिए ऐसी जगह और ऐसे लोगों के बीच रहें जो बुद्धिमान हों.
आचार्य चाणक्य के अनुसार, ऐसी जगह और ऐसे लोगों के बीच कभी न रहें जो बुद्धिमान न हों. किसी बुद्धिमान व्‍यक्ति का जीवन मूर्ख लोगों के बीच व्‍यतीत होना सरल नहीं है. इसलिए ऐसी जगह और ऐसे लोगों के बीच रहें जो बुद्धिमान हों.
जीवन में दान धर्म करना बहुत जरूरी है. इसलिए किसी बुद्धिमान व्‍यक्ति को ऐसे लोगों के बीच नहीं रहना चाहिए, जिनकी वृत्ति दान धर्म करने की न हो. उन्‍हीं लोगों के बीच रहें, जो दान धर्म जरूर करते हों.


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