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Diwali पर बच्चों को पॉल्यूशन और पटाखों के शोर से ऐसे रखें सुरक्षित

Harrison
17 Oct 2025 9:48 PM IST
Diwali पर बच्चों को पॉल्यूशन और पटाखों के शोर से ऐसे रखें सुरक्षित
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Lifestyle,लाइफस्टाइल : दिवाली रौशनी, मिठाइयों और खुशियों का त्योहार है, लेकिन इसके साथ ही यह वायु प्रदूषण और ध्वनि प्रदूषण भी साथ लाता है — खासकर पटाखों के कारण। वयस्कों के लिए तो यह थोड़ा झेलना संभव होता है, लेकिन छोटे बच्चों, खासकर नवजात शिशुओं और टॉडलर्स के लिए यह स्थिति गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकती है। पटाखों का धुंआ, तेज़ आवाज़ और हवा में तैरते जहरीले कण बच्चों की सांस, त्वचा और नींद पर बुरा असर डाल सकते हैं।
इसलिए जरूरी है कि त्योहार की खुशी के साथ-साथ बच्चों की सेहत को भी प्राथमिकता दी जाए। विशेषज्ञों और डॉक्टरों की सलाह के आधार पर हम आपके लिए लाए हैं कुछ आसान लेकिन कारगर टिप्स, जो आपके बच्चे को दिवाली के प्रदूषण और शोर से बचाने में मदद कर सकते हैं।
1. घर के अंदर ही रखें नवजात और छोटे बच्चे
दिवाली की रात पटाखों का शोर और प्रदूषण चरम पर होता है। ऐसे में छोटे बच्चों को बाहर ले जाना या उन्हें खुली खिड़कियों और दरवाज़ों के पास रखना उनकी सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है। कोशिश करें कि:
बच्चे को पूरी तरह बंद कमरे में रखें।
कमरे में एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें, ताकि धुएं और जहरीले कणों को हटाया जा सके।
खिड़कियों और दरवाजों को सील या पर्दों से ढक दें, जिससे धुआं अंदर न आ पाए।
2. पटाखों से दूरी बनाए रखें
बच्चों को पटाखों के नज़दीक ले जाना पूरी तरह टालें। न केवल प्रदूषण बल्कि पटाखों से जलने या कानों को नुकसान होने का भी खतरा बना रहता है। अगर बच्चे थोड़े बड़े हैं और वे पटाखों की ज़िद कर रहे हैं तो:
उन्हें ईको-फ्रेंडली ग्रीन पटाखों से परिचित कराएं।
साइलेंट पटाखे चुनें जो कम आवाज़ करते हैं।
बच्चों को सुरक्षित दूरी से ही देखने की अनुमति दें और हमेशा निगरानी रखें।
3. बच्चों की डाइट पर रखें ध्यान
प्रदूषण का असर बच्चे की इम्यूनिटी पर भी पड़ता है। ऐसे में उनकी डाइट में इम्यूनिटी बूस्ट करने वाले खाद्य पदार्थ ज़रूर शामिल करें, जैसे:
गर्म दूध में हल्दी मिलाकर दें।
विटामिन C युक्त फल जैसे संतरा, कीवी या आंवला दें।
अगर बच्चा थोड़ा बड़ा है, तो तुलसी, शहद और अदरक का हल्का काढ़ा दिया जा सकता है।
4. सुनिश्चित करें कि बच्चा अच्छी नींद ले
पटाखों के तेज़ शोर के कारण बच्चों की नींद अक्सर डिस्टर्ब होती है, जिससे उनका मूड और सेहत दोनों बिगड़ सकते हैं। इसलिए:
बच्चों को ear muffs (ईयर कवर) पहनाएं, खासकर सोते वक्त।
कमरे में white noise जैसे पंखे या हल्की म्यूजिक चलाएं, जिससे बाहर के शोर को दबाया जा सके।
सोने का समय थोड़ा शिफ्ट कर सकते हैं, ताकि सबसे तेज़ शोर से पहले वे सो जाएं।
5. त्वचा और आंखों की सुरक्षा करें
पटाखों का धुआं और धूल बच्चों की नाज़ुक त्वचा और आंखों को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसके लिए:
बच्चे की त्वचा पर हल्का मॉइस्चराइज़र या नारियल तेल लगाएं।
अगर बाहर जाना ज़रूरी हो, तो बच्चों को स्नग फिटिंग कपड़े पहनाएं जो त्वचा को कवर करें।
आंखों में जलन हो तो ठंडे पानी से आंखें धोएं और डॉक्टर से सलाह लें।
6. बच्चों को सिखाएं पॉल्यूशन के बारे में
थोड़े बड़े बच्चों को यह समझाना जरूरी है कि ज्यादा पटाखे चलाने से पर्यावरण और स्वास्थ्य दोनों को नुकसान होता है। उन्हें:
ग्रीन दिवाली का महत्व बताएं।
क्राफ्ट, रंगोली, दीयों और मिठाइयों के ज़रिए त्योहार का आनंद लेना सिखाएं।
दिवाली को सेफ और हेल्दी बनाना पूरी तरह आपके हाथ में है। पटाखों की बजाय दीयों और प्यार से त्योहार मनाएं, और बच्चों को ऐसे यादें दें जो ज़िंदगी भर उनके साथ रहें — न कि एलर्जी, खांसी या डर की शिकायतें। थोड़ी सी सतर्कता से आप अपने नन्हे-मुन्नों को सुरक्षित रखते हुए दिवाली को वाकई रोशन बना सकते हैं।
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