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Lifestyle, लाइफस्टाइल : हम अक्सर दांतों की सफाई के लिए ब्रशिंग पर ध्यान देते हैं, लेकिन विशेषज्ञ कहते हैं कि डेंटल फ्लॉसिंग दांतों और मसूड़ों के स्वास्थ्य के लिए उतनी ही जरूरी है। ब्रश केवल दांतों की सतह को साफ कर पाता है, जबकि फ्लॉस दांतों के बीच के उन हिस्सों तक पहुंचता है जहां ब्रश नहीं पहुँच सकता। यह न सिर्फ दांतों की सेहत बनाए रखता है, बल्कि हार्ट हेल्थ और अन्य गंभीर बीमारियों को भी रोकने में मदद कर सकता है।
डेंटल एक्सपर्ट्स के अनुसार, रोजाना फ्लॉसिंग करने से कई स्वास्थ्य लाभ होते हैं। आइए जानते हैं फ्लॉसिंग के 4 प्रमुख फायदे:
1. मसूड़ों की बीमारी से सुरक्षा:
डेंटल फ्लॉसिंग दांतों के बीच जमा हुए प्लाक और खाने के कणों को निकालने में मदद करता है। यदि इन्हें साफ न किया जाए तो मसूड़ों में सूजन, लालिमा और ब्लीडिंग जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं। नियमित फ्लॉसिंग से मसूड़ों की सूजन और पैरडोंटाइटिस जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा कम होता है।
2. दांतों में कैविटी रोकता है:
दांतों के बीच फंसे भोजन के टुकड़े बैक्टीरिया का भोजन बन जाते हैं, जिससे एसिड बनता है और दांतों की सतह को नुकसान पहुँचता है। फ्लॉसिंग इन्हें साफ कर देती है, जिससे कैविटी और दांतों की सड़न से बचाव होता है।
3. दिल की बीमारी का खतरा कम करता है:
शोध बताते हैं कि मसूड़ों की सूजन और संक्रमण हृदय रोग के जोखिम को बढ़ा सकते हैं। फ्लॉसिंग और दांतों की सही सफाई से मुँह में बैक्टीरिया की संख्या कम होती है, जिससे ब्लडप्रेशर और हार्ट अटैक जैसी समस्याओं का खतरा घटता है।
4. ताजी सांस और बेहतर मुँह की स्वच्छता:
फ्लॉसिंग से दांतों के बीच फंसे खाने के कण निकल जाते हैं, जिससे मुँह में दुर्गंध नहीं होती। यह नियमित ब्रशिंग के साथ फ्लॉसिंग को जोड़कर ताजी सांस और बेहतर मुँह की स्वच्छता सुनिश्चित करता है।
डेंटल डॉक्टर्स का कहना है कि बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक सभी को दिन में कम से कम एक बार फ्लॉस करना चाहिए। फ्लॉस का सही इस्तेमाल करना भी जरूरी है। इसे दांतों के बीच हल्के हाथ से और ऊपर-नीचे गति में चलाना चाहिए, ताकि मसूड़ों को नुकसान न पहुंचे।
विशेषज्ञ यह भी बताते हैं कि फ्लॉसिंग को केवल ब्रशिंग का विकल्प नहीं, बल्कि इसे ब्रशिंग के साथ जोड़कर करना चाहिए। ब्रश और फ्लॉस का संयोजन दांतों और मसूड़ों के स्वास्थ्य के लिए सबसे प्रभावी तरीका है।
हाल के अध्ययन बताते हैं कि जो लोग नियमित रूप से फ्लॉस करते हैं, उनके मसूड़े स्वस्थ रहते हैं और हृदय रोग का जोखिम कम होता है। वहीं, जो लोग फ्लॉसिंग को नजरअंदाज करते हैं, उनमें मुँह के संक्रमण और दांतों की समस्याओं के साथ-साथ दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
कुल मिलाकर, डेंटल फ्लॉसिंग सिर्फ दांतों की सफाई का माध्यम नहीं है, बल्कि यह संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए भी महत्वपूर्ण है। यह न सिर्फ दांतों और मसूड़ों को स्वस्थ रखता है, बल्कि दिल और पूरे शरीर को भी बीमारियों से बचाने में मदद करता है।
इसलिए, सिर्फ ब्रशिंग पर निर्भर न रहें। रोजाना डेंटल फ्लॉसिंग को अपनी रूटीन में शामिल करें और अपने दांतों और दिल दोनों को स्वस्थ रखें।
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