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Teeth को सड़ने से बचाते हैं ये योग, फंगल इंफेक्शन से भी मिलता है आराम

Harrison
9 Oct 2025 6:36 PM IST
Teeth को सड़ने से बचाते हैं ये योग, फंगल इंफेक्शन से भी मिलता है आराम
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Lifestyle,लाइफस्टाइल : Oral Hygiene: दांतों और मसूड़ों को स्वस्थ रखने के लिए सिर्फ ब्रश करना ही काफी नहीं होता। विशेषज्ञों का मानना है कि कुछ विशेष योगासन और प्राणायाम तकनीकें मौखिक स्वास्थ्य (oral health) को सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ये न केवल दांतों को सड़ने से बचाते हैं, बल्कि मुंह में होने वाले फंगल संक्रमण जैसे कैंडिडियासिस (oral thrush) से भी राहत दिला सकते हैं।
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और असंतुलित खानपान ने दांतों और मसूड़ों से जुड़ी समस्याओं को आम बना दिया है। ब्रश और माउथवॉश के बावजूद भी कई लोगों को सांसों की दुर्गंध, दांतों में सड़न, मसूड़ों से खून आना और फंगल इंफेक्शन जैसी परेशानियां होती हैं।
लेकिन आयुर्वेद और योगशास्त्र में ऐसे कई उपाय हैं जो इन समस्याओं से न केवल राहत दिलाते हैं, बल्कि लंबे समय तक दांतों को मजबूत और मसूड़ों को हेल्दी बनाए रखते हैं।
जानिए कौन-कौन से योगासन और प्राणायाम दांतों की सेहत सुधारते हैं:
1. कपालभाति प्राणायाम (Kapalbhati Pranayama)
कपालभाति एक शक्तिशाली श्वास तकनीक है, जो शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालती है। यह मुंह और गले में मौजूद बैक्टीरिया और फंगस को खत्म करने में मदद करती है। नियमित अभ्यास से मुंह की दुर्गंध और फंगल इंफेक्शन की संभावना कम हो जाती है।
कैसे करें:
आराम से बैठ जाएं, और पेट को अंदर की ओर खींचते हुए जोर से सांस को नाक से बाहर निकालें। यह प्रक्रिया 2-5 मिनट तक करें।
2. शीतली प्राणायाम (Sheetali Pranayama)
यह प्राणायाम शरीर को ठंडक देता है और गले व मुंह में होने वाली जलन, सूजन और संक्रमण में लाभकारी है। यह फंगल इंफेक्शन में विशेष लाभ देता है, क्योंकि यह मुंह के तापमान को संतुलित करता है।
कैसे करें:
जीभ को नली के रूप में बाहर निकालें और मुंह से सांस अंदर लें, फिर नाक से छोड़ें। दिन में 5-7 बार इसका अभ्यास करें।
3. सिंहासन (Simhasana / Lion Pose)
यह योगासन चेहरे, मुंह और गले की मांसपेशियों को सक्रिय करता है। इससे मुंह में जमा बैक्टीरिया खत्म होते हैं और लार ग्रंथियों की क्रिया बेहतर होती है, जिससे मुंह साफ और ताजा रहता है।
कैसे करें:
वज्रासन में बैठें, दोनों हाथ घुटनों पर रखें। मुंह खोलें, जीभ बाहर निकालें और जोर से "हां" जैसी आवाज निकालें। यह क्रिया 4-5 बार दोहराएं।
4. तेल से कुल्ला (Oil Pulling)
यह कोई योगासन नहीं है, लेकिन योगिक जीवनशैली का हिस्सा है। नारियल तेल या तिल के तेल से मुंह में 5-10 मिनट तक कुल्ला करने से बैक्टीरिया मरते हैं, दांत मजबूत होते हैं और मसूड़े स्वस्थ रहते हैं।
फायदे:
कैविटी से बचाव
सांसों की बदबू में राहत
फंगल इंफेक्शन से सुरक्षा
मसूड़ों की सूजन कम होती है
विशेषज्ञों की राय क्या कहती है?
योग विशेषज्ञ और आयुर्वेदाचार्य कहते हैं कि योग और प्राणायाम न केवल शारीरिक बल्कि मौखिक स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक हैं। नियमित अभ्यास से न केवल दांतों की बीमारियां दूर रहती हैं, बल्कि शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है, जिससे मुंह के फंगल संक्रमण खुद-ब-खुद ठीक हो सकते हैं।
क्या करें और क्या न करें?
✅ रोज़ाना दो बार ब्रश करें
✅ ऊपर बताए गए योग और प्राणायाम को सुबह के रूटीन में शामिल करें
✅ ताज़ा और रेशेदार खाद्य पदार्थ खाएं
❌ मीठे, चिपचिपे और प्रोसेस्ड फूड से बचें
❌ धूम्रपान और तंबाकू से परहेज करें
साफ-सुथरे दांत और स्वस्थ मसूड़े ना सिर्फ हमारी पर्सनैलिटी को निखारते हैं, बल्कि यह शरीर की समग्र सेहत के संकेतक भी होते हैं। दांतों को सड़ने और फंगल इंफेक्शन से बचाने के लिए योग और प्राणायाम एक प्राकृतिक और असरदार उपाय हैं। आधुनिक दवाओं और माउथवॉश पर निर्भर रहने की बजाय, यदि हम योग को अपनी दिनचर्या में शामिल कर लें, तो मौखिक स्वास्थ्य लंबे समय तक बना रह सकता है।
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