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लाइफ स्टाइल
विटामिन B12 की कमी में काम आएंगे ये होममेड ड्रिंक्स, जानें क्या पिएं
nidhi
22 Sept 2026 9:13 AM IST

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शरीर में विटामिन B12 बढ़ाने
हेल्थ डेस्क: विटामिन B12 शरीर के लिए बेहद जरूरी पोषक तत्व है। यह लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण, नर्वस सिस्टम के सामान्य कामकाज और डीएनए बनाने की प्रक्रिया में भूमिका निभाता है। इसकी कमी होने पर थकान, कमजोरी, हाथ-पैर में झनझनाहट और ध्यान लगाने में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। हालांकि केवल घरेलू ड्रिंक्स के भरोसे गंभीर B12 की कमी का इलाज नहीं किया जाना चाहिए। विटामिन B12 प्राकृतिक रूप से मुख्यतः पशु-आधारित खाद्य पदार्थों में मिलता है। ऐसे में दूध से बने कुछ घरेलू पेय इसे आहार में शामिल करने का आसान तरीका हो सकते हैं।
दूध: रोजाना दूध पीने से प्रोटीन और कैल्शियम के साथ विटामिन B12 भी मिलता है। नाश्ते के साथ या दिन में किसी भी सुविधाजनक समय पर दूध लिया जा सकता है। इसमें अतिरिक्त चीनी डालने से बचना बेहतर विकल्प है।
छाछ: दही से तैयार छाछ गर्मी में शरीर को तरल देने के साथ कुछ मात्रा में विटामिन B12 भी उपलब्ध करा सकती है। घर पर दही और पानी से छाछ बनाकर उसमें जीरा या पुदीना मिलाया जा सकता है। बहुत अधिक नमक डालने से बचें, खासकर उन लोगों को जिन्हें सोडियम सीमित रखने की सलाह दी गई हो।
दही की लस्सी: बिना ज्यादा चीनी वाली घर की लस्सी भी डेयरी उत्पाद होने के कारण B12 का स्रोत हो सकती है। मीठी लस्सी में ज्यादा चीनी डालने की जगह सादी लस्सी लेना बेहतर है।
फोर्टिफाइड प्लांट मिल्क: शाकाहारी या वीगन लोगों के लिए B12 से फोर्टिफाइड सोया, ओट या बादाम पेय उपयोगी विकल्प हो सकते हैं। लेकिन सभी प्लांट-बेस्ड पेय में B12 प्राकृतिक रूप से मौजूद नहीं होता। इसलिए पैकेट पर न्यूट्रिशन लेबल देखकर यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि उसमें विटामिन B12 मिलाया गया है।
यह समझना भी जरूरी है कि फल और सब्जियों के सामान्य जूस विटामिन B12 के भरोसेमंद प्राकृतिक स्रोत नहीं हैं। इसलिए चुकंदर, गाजर या पालक का जूस स्वास्थ्यवर्धक हो सकता है, लेकिन उसे B12 की कमी दूर करने वाला पेय मानना सही नहीं होगा।
अगर जांच में विटामिन B12 की कमी सामने आई है तो डॉक्टर कारण के आधार पर सप्लीमेंट या इंजेक्शन की सलाह दे सकते हैं। खासकर लंबे समय से कमजोरी, सुन्नपन, झनझनाहट, संतुलन में समस्या या एनीमिया जैसे लक्षण होने पर केवल घरेलू उपायों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए।
संतुलित आहार के साथ दूध, छाछ और दही से बने पेय B12 की दैनिक जरूरत पूरी करने में योगदान दे सकते हैं, लेकिन गंभीर कमी होने पर सही जांच और उपचार सबसे जरूरी है।
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