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लाइफ स्टाइल
सर्दियों में कब्ज और अपच से राहत दिला सकते हैं रसोई के ये 8 मसाले
Rajeshwari Nishad
8 Nov 2026 10:01 PM IST

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लाइफ स्टाइल: सर्दियों का मौसम आते ही लोगों की दिनचर्या और खानपान में कई बदलाव देखने को मिलते हैं। ठंड के दिनों में जहां गर्म कपड़े पहनने और शरीर को गर्म रखने पर अधिक ध्यान दिया जाता है, वहीं पेट और पाचन से जुड़ी समस्याओं को अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। इस मौसम में कई लोगों को पेट भारी रहने, गैस बनने, कब्ज और अपच जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। हालांकि, सर्दी सीधे तौर पर हर व्यक्ति के पाचन तंत्र को कमजोर नहीं करती, लेकिन पानी कम पीना, शारीरिक गतिविधियां घट जाना और खानपान में बदलाव पाचन संबंधी समस्याओं को बढ़ा सकते हैं।
सर्दियों में आमतौर पर लोगों की प्यास कम लगती है। यही कारण है कि कई लोग जरूरत के अनुसार पानी नहीं पी पाते। शरीर में पानी की कमी होने से मल कठोर हो सकता है, जिससे कब्ज की परेशानी बढ़ने लगती है। इसके अलावा ठंड के कारण लोग घरों में अधिक समय बिताते हैं और नियमित व्यायाम या टहलने जैसी गतिविधियां कम कर देते हैं। इसका असर आंतों की सामान्य गतिविधियों पर पड़ सकता है।
ठंड के मौसम में गरमागरम और स्वादिष्ट भोजन खाने की इच्छा भी बढ़ जाती है। कई लोग इस दौरान तली-भुनी चीजों, अधिक मसालेदार भोजन और भारी खाद्य पदार्थों का सेवन करने लगते हैं। ऐसे खाद्य पदार्थ कुछ लोगों में एसिडिटी, पेट फूलने और अपच की समस्या पैदा कर सकते हैं। इसलिए सर्दियों में खानपान का संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी है।
सर्दियों में कब्ज की समस्या क्यों बढ़ती है?
कब्ज पाचन से जुड़ी आम समस्याओं में से एक है। सर्दियों में पानी कम पीना और फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों का पर्याप्त सेवन नहीं करना कब्ज की परेशानी बढ़ा सकता है। जब शरीर को पर्याप्त पानी और फाइबर नहीं मिलता, तो मल त्याग में कठिनाई हो सकती है। इसके कारण पेट भारी महसूस होना, पेट फूलना और असहजता जैसी परेशानियां सामने आ सकती हैं।
कब्ज से बचने के लिए भोजन में हरी सब्जियां, फल, साबुत अनाज और अन्य फाइबर युक्त पदार्थ शामिल करना फायदेमंद हो सकता है। फाइबर आंतों की सामान्य गतिविधियों में मदद करता है। हालांकि, फाइबर की मात्रा अचानक बहुत अधिक बढ़ाने से कुछ लोगों को गैस और पेट फूलने की परेशानी हो सकती है। इसलिए इसे धीरे-धीरे बढ़ाना बेहतर होता है।
गैस और अपच से राहत के लिए खानपान पर दें ध्यान
सर्दियों में पेट से जुड़ी परेशानियों का एक कारण अनियमित खानपान भी हो सकता है। लंबे समय तक भूखे रहने के बाद एक साथ बहुत अधिक भोजन करना कुछ लोगों में अपच और पेट भारी होने की समस्या बढ़ा सकता है। इसलिए भोजन की मात्रा और समय पर ध्यान देना आवश्यक है।
खाना धीरे-धीरे और अच्छी तरह चबाकर खाना चाहिए। जल्दी-जल्दी भोजन करने से अतिरिक्त हवा निगलने की संभावना बढ़ सकती है, जिससे पेट फूलने की समस्या हो सकती है। इसके अलावा भोजन के तुरंत बाद लेटने से बचना चाहिए, खासकर उन लोगों को जिन्हें एसिड रिफ्लक्स या सीने में जलन की शिकायत रहती है।
गुनगुना पानी पीना हो सकता है आरामदायक
सर्दियों में कई लोगों को ठंडा पानी पीने का मन नहीं करता। ऐसे में गुनगुना पानी पीना एक अच्छा विकल्प हो सकता है। पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से शरीर में तरल पदार्थों का संतुलन बना रहता है और कब्ज की समस्या से बचाव में मदद मिल सकती है।
हालांकि, यह जरूरी नहीं कि गुनगुना पानी सामान्य तापमान वाले पानी की तुलना में पाचन के लिए अधिक प्रभावी हो। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि शरीर को पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ मिलते रहें। पानी के अलावा सूप और अन्य स्वास्थ्यवर्धक पेय भी दैनिक तरल सेवन में योगदान दे सकते हैं।
रोजाना टहलने से पाचन को मिल सकती है मदद
ठंड के दिनों में लोग अक्सर शारीरिक गतिविधियां कम कर देते हैं। सुबह देर तक बिस्तर पर रहना और दिनभर बैठे रहना कई लोगों की दिनचर्या का हिस्सा बन जाता है। ऐसी स्थिति में नियमित शारीरिक गतिविधि बनाए रखना जरूरी है।
रोजाना टहलना, हल्का व्यायाम करना और अपनी क्षमता के अनुसार सक्रिय रहना आंतों की सामान्य गतिविधियों को बेहतर बनाए रखने में मदद कर सकता है। भोजन के बाद थोड़ी देर टहलना भी कुछ लोगों के लिए आरामदायक हो सकता है। हालांकि, व्यायाम की तीव्रता व्यक्ति की उम्र, स्वास्थ्य और शारीरिक क्षमता के अनुसार होनी चाहिए।
इन खाद्य पदार्थों को भोजन में करें शामिल
सर्दियों में पाचन को बेहतर बनाए रखने के लिए संतुलित आहार लेना जरूरी है। मौसमी फल, हरी पत्तेदार सब्जियां, गाजर, साबुत अनाज और दालें पोषण के अच्छे स्रोत हो सकते हैं। इनमें मौजूद फाइबर पाचन संबंधी स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद करता है।
दही जैसे खाद्य पदार्थ भी संतुलित आहार का हिस्सा हो सकते हैं, बशर्ते व्यक्ति को उनसे कोई परेशानी न होती हो। कुछ लोगों को दूध और दुग्ध उत्पादों के सेवन से गैस या पेट फूलने की समस्या हो सकती है। ऐसे में अपनी शारीरिक प्रतिक्रिया के अनुसार खाद्य पदार्थों का चयन करना चाहिए।
पेट की परेशानी को कब नहीं करना चाहिए नजरअंदाज?
सर्दियों में गैस, कब्ज या अपच की समस्या होना हमेशा किसी गंभीर बीमारी का संकेत नहीं होता, लेकिन लगातार बनी रहने वाली परेशानी को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यदि पेट में तेज दर्द हो, बार-बार उल्टी आए, मल में खून दिखाई दे, बिना वजह वजन घटने लगे या कब्ज लंबे समय तक बनी रहे, तो चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
पेट दर्द के साथ मल और गैस दोनों का निकलना बंद हो जाए या पेट अत्यधिक फूलने लगे, तो तत्काल चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए। बिना चिकित्सकीय सलाह के लगातार जुलाब या अन्य दवाओं का इस्तेमाल करना भी उचित नहीं है।
सर्दियों में पाचन संबंधी परेशानियों से बचने के लिए सबसे जरूरी है कि लोग अपनी दिनचर्या को संतुलित रखें। पर्याप्त पानी पीना, नियमित शारीरिक गतिविधि करना, फाइबर युक्त भोजन लेना और अत्यधिक तली-भुनी चीजों से बचना पाचन स्वास्थ्य के लिए लाभदायक हो सकता है।
कुल मिलाकर, ठंड का मौसम अपने साथ कई तरह के बदलाव लेकर आता है, लेकिन सही खानपान और जीवनशैली अपनाकर पेट से जुड़ी कई सामान्य समस्याओं को कम किया जा सकता है। सर्दियों में शरीर को गर्म रखने के साथ पाचन स्वास्थ्य पर भी ध्यान देना जरूरी है, ताकि गैस, कब्ज और अपच जैसी परेशानियां रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित न करें।
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