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New Delhi नई दिल्ली : एडवेंचर और ट्रैकिंग के शौकीन लोगों की संख्या दुनिया भर में लगातार बढ़ रही है। भारत में भी ऐसे यात्रियों की कोई कमी नहीं है जो पहाड़ों की कठिन राहों और जोखिम भरे रास्तों पर सफर करना पसंद करते हैं। हिमालयी क्षेत्र में स्थित कई ट्रैक अपनी ऊंचाई, मौसम और कठिन रास्तों की वजह से बेहद चुनौतीपूर्ण माने जाते हैं। ये ट्रैक केवल अनुभवी ट्रैकर्स के लिए ही उपयुक्त होते हैं, जबकि शुरुआती लोगों के लिए इन्हें पार करना काफी मुश्किल होता है।
भारत में कई ऐसे ट्रैक मौजूद हैं जिन्हें सबसे खतरनाक ट्रैकिंग रूट्स में गिना जाता है। इनमें काफनी ग्लेशियर ट्रैक, गोएचाला ट्रैक, मारखा वैली ट्रैक और रूपकुंड लेक ट्रैक प्रमुख हैं।काफनी ग्लेशियर ट्रैक उत्तराखंड के ऊंचे पहाड़ों में स्थित है। लगभग 85 किलोमीटर लंबे इस ट्रैक को पूरा करने में करीब 7 दिन का समय लगता है। यह ट्रैक डिफिकल्ट से मॉडरेट श्रेणी में आता है, लेकिन ऊंचाई और मौसम की वजह से यह काफी कठिन हो जाता है। यहां रात बिताने के लिए केवल टेंट का ही सहारा होता है।
सिक्किम का गोएचाला ट्रैक भी बेहद चुनौतीपूर्ण माना जाता है। यह ट्रैक युकसोम से शुरू होकर लगभग 90 किलोमीटर लंबा है और इसे पूरा करने में करीब 11 दिन लगते हैं। यह रास्ता घने जंगलों, झरनों और तीखी ढलानों से होकर गुजरता है, जो इसे और कठिन बना देता है।लद्दाख की मारखा वैली ट्रैक अपनी प्राकृतिक सुंदरता और बदलते नजारों के लिए प्रसिद्ध है। यहां ट्रैकिंग के दौरान पुराने गांव, बौद्ध मठ और ऐतिहासिक स्थल देखने को मिलते हैं। इस ट्रैक की खास बात यह है कि वापसी के लिए अलग रास्ता इस्तेमाल किया जाता है, जिससे यह और रोमांचक बन जाता है।
उत्तराखंड का रूपकुंड लेक ट्रैक भी सबसे कठिन ट्रैक्स में शामिल है। लगभग 9 दिनों का यह सफर खूबसूरत बुग्यालों और पहाड़ी गांवों से होकर गुजरता है। लेकिन ऊंचाई पर ऑक्सीजन की कमी और कठिन रास्ते ट्रैकिंग को चुनौतीपूर्ण बना देते हैं।
इनके अलावा भी भारत में कई ऐसे ट्रैक मौजूद हैं जो एडवेंचर प्रेमियों के लिए किसी परीक्षा से कम नहीं हैं। बर्फीले रास्ते, तेज हवाएं, ऊंचाई और बदलता मौसम इन ट्रैक्स को और भी खतरनाक बना देते हैं।विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे ट्रैक पर जाने से पहले पूरी तैयारी, सही गाइड और अनुभव होना बेहद जरूरी है। बिना तैयारी के इन रास्तों पर जाना जानलेवा भी साबित हो सकता है।कुल मिलाकर, भारत के ये ट्रैक न केवल साहस की परीक्षा लेते हैं, बल्कि प्रकृति की खूबसूरती और चुनौती दोनों का अनोखा अनुभव भी कराते हैं।





