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लाइफ स्टाइल : जिंदगी में हर व्यक्ति सफल होना चाहता है, लेकिन सफलता हासिल करने का रास्ता हमेशा आसान नहीं होता। कई बार लगातार मेहनत करने के बावजूद मनचाहा परिणाम नहीं मिलता तो निराशा घेरने लगती है। कुछ लोग असफलता से सीखकर आगे बढ़ते हैं, जबकि कुछ अपनी मंजिल से भटक जाते हैं। ऐसे में सही सोच, लगातार मेहनत और खुद पर भरोसा बेहद जरूरी हो जाता है। IAS अधिकारी सोनल गोयल ने सफलता को लेकर तीन ऐसी अहम बातें साझा की हैं, जिन्हें जीवन में अपनाकर व्यक्ति अपने लक्ष्य की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ सकता है।सिविल सेवा जैसी कठिन परीक्षा में सफलता हासिल करने वाली सोनल गोयल सोशल मीडिया पर भी युवाओं को करियर, मेहनत, अनुशासन और जीवन से जुड़ी प्रेरक बातें बताती रहती हैं। उनका मानना है कि सफलता केवल किसी एक परीक्षा को पास करने या अच्छी नौकरी हासिल करने तक सीमित नहीं है। असली सफलता के लिए इंसान को अपनी सोच और आदतों पर भी काम करना पड़ता है।
पहला मंत्र- खुद पर भरोसा रखें
सफलता की शुरुआत आत्मविश्वास से होती है। जब तक आपको अपनी क्षमता पर भरोसा नहीं होगा, तब तक मुश्किल परिस्थितियों में आगे बढ़ना कठिन हो सकता है। जिंदगी में कई बार ऐसे मौके आते हैं जब आसपास के लोग आपकी क्षमता पर सवाल उठा सकते हैं। कभी परीक्षा में कम नंबर मिल सकते हैं तो कभी नौकरी या कारोबार में असफलता का सामना करना पड़ सकता है।ऐसे समय में खुद पर भरोसा बनाए रखना सबसे जरूरी होता है। आत्मविश्वास का मतलब यह नहीं कि आप अपनी कमजोरियों को नजरअंदाज कर दें। इसका मतलब है कि अपनी कमियों को पहचानकर उन्हें सुधारने की कोशिश करें और यह विश्वास रखें कि लगातार मेहनत से बेहतर परिणाम हासिल किए जा सकते हैं।अगर किसी छात्र को प्रतियोगी परीक्षा में पहली बार सफलता नहीं मिलती तो उसे खुद को असफल मानने के बजाय यह समझना चाहिए कि तैयारी में कहां कमी रह गई। कमजोर विषयों पर ज्यादा मेहनत करके और सही रणनीति बनाकर अगला प्रयास बेहतर किया जा सकता है।
दूसरा मंत्र- लगातार मेहनत करते रहें
सफलता का दूसरा महत्वपूर्ण नियम निरंतर मेहनत है। बड़े लक्ष्य एक दिन या कुछ दिनों की मेहनत से पूरे नहीं होते। उनके लिए लंबे समय तक अनुशासन के साथ काम करना पड़ता है।अक्सर लोग शुरुआत में बहुत उत्साह के साथ किसी लक्ष्य की तैयारी करते हैं, लेकिन कुछ समय बाद उनका उत्साह कम होने लगता है। यही वह समय होता है जब अनुशासन काम आता है। प्रेरणा हर दिन एक जैसी नहीं रहती, लेकिन अच्छी आदतें और नियमित मेहनत आपको लक्ष्य की ओर आगे बढ़ाती रहती हैं।अगर आपका लक्ष्य किसी प्रतियोगी परीक्षा को पास करना है तो हर दिन तय समय पर पढ़ाई करने की आदत बनाएं। छोटे-छोटे लक्ष्य निर्धारित करें और उन्हें पूरा करते हुए आगे बढ़ें। इसी तरह नौकरी, बिजनेस, खेल या किसी दूसरी फील्ड में सफलता पाने के लिए रोजाना अपने कौशल को बेहतर करना जरूरी है।एक दिन में बहुत ज्यादा काम करने और फिर कई दिनों तक कुछ न करने की तुलना में रोज थोड़ा-थोड़ा आगे बढ़ना ज्यादा प्रभावी साबित हो सकता है।
तीसरा मंत्र- असफलता से सीखना जरूरी
जिंदगी में असफलता से पूरी तरह बचना संभव नहीं है। हर सफल व्यक्ति को किसी न किसी दौर में हार, निराशा या रिजेक्शन का सामना करना पड़ता है। अंतर केवल इतना होता है कि कुछ लोग असफलता को अंत मान लेते हैं, जबकि कुछ उससे सीखकर अगली बार बेहतर तैयारी करते हैं।अगर किसी कोशिश में सफलता नहीं मिली तो सबसे पहले उसका कारण समझना चाहिए। अपनी गलतियों का विश्लेषण करें और देखें कि अगली बार क्या बदलाव किया जा सकता है।उदाहरण के लिए, अगर आप किसी इंटरव्यू में चयनित नहीं हुए तो निराश होकर कोशिश बंद करने के बजाय अपनी कम्युनिकेशन स्किल, विषय की जानकारी और आत्मविश्वास पर काम किया जा सकता है। हर असफल प्रयास आपको यह बता सकता है कि सुधार की जरूरत कहां है।
लक्ष्य को छोटे हिस्सों में बांटें
किसी बड़े लक्ष्य को देखकर कई बार मन में डर पैदा हो जाता है। ऐसे में पूरे लक्ष्य पर एक साथ ध्यान देने के बजाय उसे छोटे हिस्सों में बांटना बेहतर तरीका हो सकता है।मान लीजिए किसी छात्र को एक साल बाद बड़ी प्रतियोगी परीक्षा देनी है। अगर वह हर समय पूरे सिलेबस के बारे में सोचता रहेगा तो दबाव बढ़ सकता है। इसके बजाय महीने, सप्ताह और दिन के हिसाब से लक्ष्य तय करना ज्यादा आसान होगा।हर छोटा लक्ष्य पूरा होने से आत्मविश्वास बढ़ता है और व्यक्ति अपनी बड़ी मंजिल के करीब पहुंचता जाता है।
दूसरों से तुलना करने से बचें
आज सोशल मीडिया के दौर में दूसरों की उपलब्धियों को देखकर खुद की तुलना करना बेहद आसान हो गया है। कोई कम उम्र में अच्छी नौकरी हासिल कर लेता है तो कोई जल्दी बिजनेस में सफल हो जाता है। इसे देखकर कई लोग सोचने लगते हैं कि वे पीछे रह गए हैं।लेकिन हर व्यक्ति की परिस्थितियां, क्षमताएं और यात्रा अलग होती है। इसलिए दूसरों की सफलता से प्रेरणा लेना अच्छा है, लेकिन उससे अपनी जिंदगी की तुलना करना सही रणनीति नहीं है।अपनी पिछली स्थिति से तुलना करें। देखें कि छह महीने या एक साल पहले आप जहां थे, वहां से आज कितना आगे बढ़े हैं।
अनुशासन को बनाएं जिंदगी का हिस्सा
सफलता में टैलेंट की भूमिका हो सकती है, लेकिन लंबे समय तक बेहतर प्रदर्शन करने के लिए अनुशासन बेहद महत्वपूर्ण है। समय पर उठना, अपने काम की प्राथमिकता तय करना, मोबाइल और सोशल मीडिया पर अनावश्यक समय कम करना और जरूरी काम समय पर पूरा करना जैसी छोटी आदतें लंबे समय में बड़ा फर्क पैदा कर सकती हैं।दिन की शुरुआत में अपने तीन सबसे महत्वपूर्ण काम तय किए जा सकते हैं। कोशिश करें कि दिन खत्म होने से पहले उन्हें पूरा कर लिया जाए। इससे काम को टालने की आदत कम होगी।
सफलता एक लंबी यात्रा
सफलता का कोई ऐसा शॉर्टकट नहीं है जो हर व्यक्ति पर एक जैसा लागू हो। परिस्थितियां अलग हो सकती हैं और मंजिल तक पहुंचने में लगने वाला समय भी अलग-अलग हो सकता है।लेकिन खुद पर भरोसा, लगातार मेहनत और असफलताओं से सीखने की आदत किसी भी लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ने में मदद कर सकती है। IAS सोनल गोयल की सफलता से जुड़े ये तीन मूल मंत्र भी इसी सोच को मजबूत करते हैं। लक्ष्य चाहे पढ़ाई का हो, नौकरी का, कारोबार का या व्यक्तिगत जीवन का, धैर्य और अनुशासन के साथ लगातार आगे बढ़ना ही मंजिल तक पहुंचने का सबसे मजबूत आधार बन सकता है।
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