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मामूली सी दिखने वाली चांगेरी घास है गुणों का खजाना, हृदय रोगों से लेकर ल्यूकोरिया तक में असरदार

jantaserishta.com
10 Jan 2026 11:01 AM IST
मामूली सी दिखने वाली चांगेरी घास है गुणों का खजाना, हृदय रोगों से लेकर ल्यूकोरिया तक में असरदार
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नई दिल्ली: आयुर्वेद में औषधीय गुणों से भरपूर ऐसे कई अमूल्य खजाने हैं, जिनका उपयोग सदियों से विभिन्न रोगों के उपचार में किया जाता रहा है। इसमें अनेक जड़ी-बूटियों को संजीवनी के रूप में माना गया है। इन्हीं में से एक ऐसी घास भी है, जो साधारण दिखती जरूर है, लेकिन अपने गुणों के कारण आयुर्वेद में विशेष स्थान रखती है और लंबे समय से औषधि के रूप में प्रयोग में लाई जा रही है।
हम बात कर रहे हैं चांगेरी घास की। यह घास आसानी से हमारे आसपास मिल जाती है, लेकिन इसके औषधीय गुणों से अधिकांश लोग अनजान हैं। आयुर्वेद के अनुसार चांगेरी घास हृदय संबंधी रोगों से लेकर त्वचा की समस्याओं तक में लाभकारी मानी जाती है और शरीर को कई तरह से स्वस्थ रखने में सहायक है।
चांगेरी घास अत्यंत गुणकारी और औषधीय गुणों से भरपूर है, जो अपने आप खाली जगहों से लेकर गमलों तक में उग जाती है। ये खेतों में भी पाई जाती है, लेकिन ज्यादातर लोग इसे खरपतवार समझ कर फेंक देते हैं क्योंकि उन्हें घास की पहचान नहीं होती है। ये घास दिखने में तीन पत्तों वाली होती है, जिसका आकार भी दिल शेप का होता है और इसपर पीले रंग के छोटे-छोटे फूल भी आते हैं। आयुर्वेद में "चांगेरी घास" को बहुत उपयोगी बताया गया है। चरक संहिता और सुश्रुत संहिता में चांगेरी को लेकर संपूर्ण जानकारी दी गई है कि इसका इस्तेमाल कैसे और किन लोगों पर किया जा सकता है।
इसे पाचन तंत्र के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना गया है। चांगेरी के इस्तेमाल से पेट दर्द, गैस, अपच और बवासीर जैसी समस्याओं से निजात पाया जाता है और ये आंतों में होने वाले खराब बैक्टीरिया को भी कंट्रोल करता है। चांगेरी घास दिल के लिए भी लाभकारी होती है क्योंकि इसमें पोटेशियम, कैल्शियम, विटामिन सी, कैरोटीन और ऑक्सलेट होते हैं जो हृदय को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करते हैं। ये रक्त धमनियों पर वसा को जमने से रोकते हैं और सूजन को भी कम करने में मदद करते हैं।
चांगेरी त्वचा की कई समस्याओं में लाभकारी है। अगर चेहरे पर मुहांसे बार-बार आते हैं तो चांगेरी घास का पेस्ट लाभकारी होता है, क्योंकि इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटीफंगल, और एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं, जो संक्रमण को रोकते हैं। ज्यादातर महिलाओं में ल्यूकोरिया (व्हाइट डिस्चार्ज) की समस्या देखी जाती है। दवा खाने के बाद भी ल्यूकोरिया की परेशानी बनी रहती है और इससे धीरे-धीरे हड्डियां कमजोर हो जाती हैं। ल्यूकोरिया में चांगेरी के पत्तों के रस का सेवन लाभकारी रहेगा। ये हड्डियों को मजबूत करने का काम करती हैं और कमर दर्द में भी राहत मिलती है।
चांगेरी में विटामिन सी भरपूर मात्रा में होता है, और विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट होने की वजह से चांगेरी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने में मदद करती है। इसके अलावा, चांगेरी सूजन, जोड़ों के दर्द, वजन को नियंत्रण करने और मसूड़ों के लिए लाभकारी होती है।
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