लाइफ स्टाइल

दवा की लाल पट्टी देती है जरूरी चेतावनी, डॉक्टर के पर्चे के बिना न करें सेवन

nidhi
13 Oct 2026 11:52 AM IST
दवा की लाल पट्टी देती है जरूरी चेतावनी, डॉक्टर के पर्चे के बिना न करें सेवन
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लाइफस्टाइल : दवा खरीदते समय अक्सर लोग उसकी एक्सपायरी डेट और कीमत देखते हैं। लेकिन पैकेट या स्ट्रिप पर बनी लाल खड़ी पट्टी का अर्थ समझना भी जरूरी है। यह संकेत बताता है कि संबंधित दवा का इस्तेमाल डॉक्टर के पर्चे और सलाह के अनुसार किया जाना चाहिए। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के ‘रेड लाइन’ जागरूकता अभियान में लोगों से ऐसी लाल पट्टी वाली दवाएं, जिनमें एंटीबायोटिक भी शामिल हैं, बिना डॉक्टर के पर्चे के इस्तेमाल नहीं करने की अपील की गई है।

लाल पट्टी को केवल पैकेजिंग का डिजाइन समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इसका उद्देश्य दवा के जिम्मेदार इस्तेमाल के बारे में सचेत करना है। एक्सपायरी डेट और लाल पट्टी अलग-अलग जानकारी देती हैं। एक्सपायरी दवा की निर्धारित उपयोग अवधि से संबंधित है, जबकि लाल पट्टी डॉक्टर की सलाह की जरूरत बताती है। इसलिए दवा की तारीख सही होने का अर्थ यह नहीं है कि उसे किसी भी बीमारी में अपने आप लिया जा सकता है।
एंटीबायोटिक का गलत या अनावश्यक इस्तेमाल विशेष चिंता का विषय है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, एंटीबायोटिक और अन्य रोगाणुरोधी दवाओं का दुरुपयोग तथा जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल रोगाणुरोधी प्रतिरोध बढ़ने के प्रमुख कारण हैं। यह स्थिति तब पैदा होती है जब बैक्टीरिया जैसे सूक्ष्मजीव दवाओं के प्रति प्रतिरोध विकसित कर लेते हैं। इसके बाद संक्रमण का उपचार कठिन हो सकता है। प्रतिरोध व्यक्ति के शरीर में नहीं, बल्कि संक्रमण पैदा करने वाले सूक्ष्मजीवों में विकसित होता है।
किसी पुराने पर्चे, परिचित के अनुभव या पिछली बीमारी के आधार पर एंटीबायोटिक लेना उचित नहीं है। दवा की जरूरत, उसका प्रकार और इस्तेमाल का तरीका स्वास्थ्य पेशेवर तय करते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन की सलाह है कि एंटीबायोटिक केवल योग्य स्वास्थ्य पेशेवर द्वारा लिखे जाने पर लें और बिल्कुल निर्धारित तरीके से इस्तेमाल करें। किसी दूसरे व्यक्ति के लिए लिखी दवा को अपने इलाज का आधार नहीं बनाना चाहिए।
दवा शुरू करने के बाद उसकी खुराक और अवधि भी डॉक्टर के निर्देश के अनुसार रखें। अपने निर्णय से मात्रा बढ़ाना, घटाना या इलाज की अवधि बदलना सही तरीका नहीं है। दवा कितनी बार लेनी है और कितने दिनों तक जारी रखनी है, यह स्पष्ट समझना जरूरी है। कोई निर्देश समझ में नहीं आए तो डॉक्टर या फार्मासिस्ट से पूछें। एंटीबायोटिक के इस्तेमाल में स्वास्थ्य पेशेवर की सलाह का पालन करना जिम्मेदार उपचार का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
एक्सपायरी डेट की जांच भी उतनी ही जरूरी है। दवा की निर्धारित अवधि उसके गुणवत्ता संबंधी परीक्षणों और भंडारण की शर्तों से जुड़ी होती है। एक्सपायर हो चुकी दवा या गलत तरीके से रखे जाने के कारण खराब हुई दवा के इस्तेमाल से नुकसान हो सकता है। इसलिए खरीदते समय पैक पर लिखी तारीख पढ़ें। घर में पहले से रखी दवाओं का इस्तेमाल करने से पहले भी उनकी एक्सपायरी जांचें।
दवाओं को सुरक्षित रखने के लिए पैकेट पर दिए भंडारण निर्देशों का पालन करें। सही भंडारण दवा को उसकी एक्सपायरी तक सुरक्षित और प्रभावी बनाए रखने में मदद करता है। सभी दवाओं को रखने की शर्तें एक जैसी नहीं होतीं। इसलिए तापमान, नमी और अन्य निर्देशों को पढ़ना जरूरी है। एक्सपायरी निकल चुकी दवा का सेवन नहीं करें।
दवा खरीदने और लेने से पहले उसका लेबल ध्यान से पढ़ना एक जरूरी कदम है। लाल पट्टी मिलने पर डॉक्टर के पर्चे की जरूरत समझें और केवल एक्सपायरी देखकर दवा चुनने से बचें। स्वास्थ्य मंत्रालय का अभियान बिना पर्चे एंटीबायोटिक लेने के खतरों के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर केंद्रित है। सही दवा, निर्धारित खुराक और उचित अवधि का पालन जिम्मेदार इस्तेमाल का आधार है।
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