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मीठे ड्रिंक्स आपके ब्रेन और याददाश्त के लिए खतरा

Tara Tandi
22 Sep 2021 1:22 PM GMT
मीठे ड्रिंक्स आपके ब्रेन और याददाश्त के लिए खतरा
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दिमाग आपकी बॉडी का सबसे अहम हिस्सा है

जनता से रिश्ता वेबडेस्क| दिमाग आपकी बॉडी का सबसे अहम हिस्सा है जो पूरी बॉडी को कंट्रोल में रखता है। दिमाग ही हमारी बॉडी को सुचारू रूप से चलाने के लिए ऑर्डर देता है। ब्रेन की वजह से ही दिल धड़कता है, हम लंग्स से सांस लेते हैं और हमारी बॉडी सुचारू रूप से काम करती है। दिमाग में चलने वाले सभी विचार, यादें, बातें,और सोच का पैदा होना सभी दिमाग की ही देन है। बॉडी के लिए इतने उपयोगी अंग की हिफ़ाज़त करना बेहद जरूरी है। हमारे ब्रेन और याददाश्त के लिए हमारी डाइट बेहद मायने रखती है। कुछ फूड हमारे ब्रेन के लिए बेहद उपयोगी होते है तो कुछ ब्रेन और याददाश्त को नुकसान पहुंचाते हैं। आइए जानते हैं ऐसे फूड्स के बारे में जो हमारे ब्रेन को नुकसान पहुंचाते हैं और याददाश्त को कमज़ोर करते हैं।

मीठे ड्रिंक्स आपके ब्रेन और याददाश्त के लिए खतरा:
हम अक्सर प्यास लगने पर मीठे ड्रिंक्स जैसे सोड़ा पानी, स्‍पोर्टस ड्रिंक, एनर्जी ड्रिंक्स और फलों के जूस का सेवन करते है। प्यास बुझाने वाले यह ठंडे ड्रिंक आपके दिमाग की सेहत को नुकसान पहुंचाते हैँ। इन ड्रिंक्स में पोषक तत्वों का अभाव होता है और शुगर ज्यादा होती है जिसकी वजह से यह ड्रिंक शुगर, हाई ब्लड प्रेशर और अल्जाइमर का कारण बनते हैं। इन ड्रिंक में मौजूद फ्रुक्‍टोज सीखने की क्षमता और आपकी याददाश्त को कमज़ोर करता है। दिमाग की सेहत के लिए इन ड्रिंक का सेवन कम करें।
प्रोसेस और पैक्ड फूड से करें परहेज:
हम लोग अक्सर घर से बाहर रहते हैं या काम की मसरूफियत में रहते हैं तो भूख लगने पर प्रोसेस और पैक फूड का सेवन करते हैं। हमारी यह डाइट हेबिट हमारे ब्रेन के लिए बेहद खराब है। इन फूड में नमक और चीनी का ज्यादा सेवन होता है जो हमारे ब्रेन को नुकसान पहुंचाता है। घर में पकाए गए भोजन में पोषक तत्‍वों और खनिज पदार्थ की उचित मात्रा होती है जो ब्रेन की सेहत के साथ-साथ ऑवर ऑल सेहत के लिए भी उपयोगी है।
ब्रेन के लिए हानिकारक है शराब का सेवन:
शराब का बार-बार और लगातार सेवन करने से ब्रेन सिकुड़ जाता है और न्‍यूरोट्रांसमीटर को बाधित करता है। न्‍यूरोट्रांसमीटर का उपयोग ब्रेन संवाद करने के लिए करता है। अधिक शराब पीने से बॉडी में विटामिन बी1 की कमी हो जाती है जो कोर्साकॉफ सिंड्रोम के विकास का कारण बनती है। यह सिंड्रोम ब्रेन को बेहद नुकसान पहुंचाता है।
ज्यादा मछली का सेवन:
मछली में ओमेगा-3 फैटी एसिड, विटामिन बी 12 और आयरन ज्यादा होता है। इन पोषक तत्वों के साथ ही कुछ खास मछलियों में पारा भी होता है जो ब्रेन को नुकसान पहुंचाता है। अगर आप मछली खाते हैं तो ट्यूना, स्वोर्डफिश, ऑरेज रफटी, मैकेरल, शार्क और टाइलफिश का सेवन कम करें, क्योंकि इनमें पारा अधिक मौजूद होता है।
कृत्रिम स्वीटनर:
बेहतर स्वाद के लिए कुछ लोग कृत्रिम स्‍वीटनर का उपयोग करते हैं जो ब्रेन के लिए हानिकारक है। कृत्रिम स्‍वीटनर से बने खाद्य पदार्थ मस्तिक के लिए सबसे खराब उत्‍पादों में से एक हैं। यह फूड ब्रेन में तनाव पैदा करते हैं, साथ ही सीखने और समझने की क्षमता को प्रभावित करते हैं। इनके सेवन से मानसिक थकान, चिड़चिड़ापन और उदासी जैसे लक्षण होते हैं
डिस्क्लेमर: स्टोरी के टिप्स और सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन्हें किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर नहीं लें। बीमारी या संक्रमण के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।


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