- Home
- /
- लाइफ स्टाइल
- /
- Street Food:में छिपा...
लाइफ स्टाइल
Street Food:में छिपा जहर: बार-बार इस्तेमाल किए जाने वाले तेल से होने वाली बीमारी की वजह
Harrison
13 Oct 2025 8:57 PM IST

x
Lifestyle,लाइफस्टाइल : शहर की गलियों में मिलने वाले समोसे, कचौड़ी, पकोड़े और तले हुए चाट आइटम भले ही ज़ुबान को स्वाद दें, लेकिन ये स्वाद आपकी सेहत के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं।हाल ही में हुए कई स्वास्थ्य सर्वे और लैब टेस्ट में सामने आया है कि स्ट्रीट फूड विक्रेता एक ही तेल को बार-बार गर्म करके उसका उपयोग करते हैं, जिससे वह ज़हरीले यौगिकों (toxic compounds) में बदल जाता है। ये यौगिक कैंसर, दिल की बीमारी, हाई ब्लड प्रेशर और पाचन तंत्र की समस्याओं को जन्म दे सकते हैं।
क्या कहती है रिपोर्ट?
भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, 70% से अधिक स्ट्रीट फूड विक्रेता रेयूज़ड कुकिंग ऑयल (Reused Cooking Oil - RCO) का प्रयोग करते हैं। खासकर समोसा, पूड़ी, चाट जैसे तले-भुने व्यंजनों में 3 से 5 बार तक एक ही तेल का प्रयोग किया जाता है। डॉक्टरों का कहना है कि जब तेल को बार-बार गर्म किया जाता है, तो उसमें ट्रांस फैट और एक्रिलामाइड जैसे हानिकारक रसायन बनते हैं, जो शरीर में जाकर कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाते हैं और सूजन, मोटापा व कैंसर जैसी बीमारियों का कारण बनते हैं।
बार-बार इस्तेमाल किए गए तेल से होते हैं ये नुकसान:
कैंसर का खतरा बढ़ता है:
बार-बार गर्म करने से तेल में कैंसरकारी यौगिक बनते हैं।
दिल की बीमारी:
ट्रांस फैट्स धमनियों को संकरा कर हृदय रोग का खतरा बढ़ाते हैं।
पाचन तंत्र पर असर:
यह तेल गैस, एसिडिटी, अपच और अल्सर जैसी समस्याएं उत्पन्न कर सकता है।
फेफड़ों और लिवर पर असर:
लंबे समय तक सेवन करने पर यह शरीर के आंतरिक अंगों को धीमा कर देता है।
हॉर्मोनल असंतुलन:
विषैले तत्व शरीर की प्राकृतिक हार्मोन प्रक्रिया को प्रभावित कर सकते हैं।
स्ट्रीट फूड विक्रेताओं की लापरवाही
लागत कम करने के चक्कर में कई छोटे दुकानदार या ठेलेवाले एक ही तेल को दिनभर और कई दिनों तक उपयोग करते हैं। तेल के काले होने के बावजूद उसका प्रयोग बंद नहीं करते, जिससे ग्राहकों की सेहत पर गंभीर असर पड़ता है।
कुछ जगहों पर तो होटल और स्ट्रीट फूड विक्रेता इंडस्ट्रियल ऑयल (अखाद्य तेल) का भी इस्तेमाल करते पाए गए हैं, जो पूरी तरह से गैर-कानूनी और जानलेवा है।
कैसे बचें इस खतरे से?
घर का बना ताजा खाना खाएं।
स्ट्रीट फूड लेते समय ध्यान दें कि तेल साफ हो और गाढ़ा या काला न लगे।
अगर आप खुद खाना बना रहे हैं, तो किसी भी तेल का दो बार से ज्यादा उपयोग न करें।
FSSAI का लाइसेंस देखना न भूलें अगर आप किसी बड़े आउटलेट से स्ट्रीट फूड ले रहे हैं।
अपने बच्चों को कम से कम बाहर का तला-भुना खाना दें।
"जिन इलाकों में सड़क किनारे स्ट्रीट फूड ज्यादा खाया जाता है, वहां पेट और लीवर से जुड़ी बीमारियां बढ़ती हैं। आम लोगों को यह समझना होगा कि बार-बार गर्म किया गया तेल सिर्फ स्वाद नहीं, बीमारियों का रास्ता भी खोलता है।"
समोसे, पकौड़े और चाट भले ही आपको लुभाते हों, लेकिन इन तले-भुने व्यंजनों में इस्तेमाल हो रहा बार-बार गर्म किया गया तेल धीमे ज़हर की तरह आपकी सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है। जागरूक बनें, सेहतमंद खाएं और दूसरों को भी सतर्क करें।
Tagsस्ट्रीट फूडजहरतेलबीमारीStreet foodpoisonoildiseaseजनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperjantasamachar newsSamacharहिंन्दी समाचार
Next Story





