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Silent Heart Attack : लक्षण और किन लोगों को है ज्यादा खतरा

Uma Verma
1 April 2025 3:39 PM IST
Silent Heart Attack : लक्षण और किन लोगों को है ज्यादा खतरा
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हेल्थ | साइलेंट हार्ट अटैक वह स्थिति है जिसमें दिल का दौरा होता है, लेकिन इसके लक्षण सामान्य रूप से महसूस नहीं होते। इसे 'साइलेंट' इसीलिए कहा जाता है, क्योंकि व्यक्ति को इसके लक्षण तुरंत महसूस नहीं होते और वह बिना किसी चेतावनी के हृदय की समस्या का सामना कर सकता है। यह स्थिति ज्यादा गंभीर हो सकती है, क्योंकि व्यक्ति को सही समय पर इलाज नहीं मिलता, जिससे जान का खतरा भी हो सकता है।

साइलेंट हार्ट अटैक के लक्षण:

थकान और कमजोरी:

साइलेंट हार्ट अटैक के दौरान व्यक्ति में अचानक अत्यधिक थकान और कमजोरी महसूस हो सकती है। यह लक्षण सामान्य रूप से असहजता पैदा करते हैं और लोग इसे नजरअंदाज कर सकते हैं।

छाती में हल्का दर्द या दबाव:

दिल के दौरे में कई बार छाती में हल्का दर्द, दबाव या जलन महसूस हो सकती है। यह दर्द सामान्य दिल के दौरे की तुलना में कम तीव्र होता है और इसे अक्सर गैस या पाचन समस्याओं से जोड़कर देखा जाता है।

सांस लेने में कठिनाई:

साइलेंट हार्ट अटैक के दौरान सांस की कठिनाई महसूस हो सकती है, लेकिन यह आमतौर पर अन्य शारीरिक समस्याओं से जुड़ा होता है। सांस का उखड़ना बिना किसी स्पष्ट कारण के हो सकता है।

बेहोशी या चक्कर आना:

कई बार साइलेंट हार्ट अटैक के दौरान व्यक्ति को चक्कर आ सकते हैं, और कुछ लोग बेहोश भी हो सकते हैं। यह लक्षण अक्सर रक्त प्रवाह की कमी के कारण होते हैं।

पसीना आना:

गर्मियों में भी अचानक से अत्यधिक पसीना आना एक संकेत हो सकता है कि शरीर में कोई गंभीर समस्या है। साइलेंट हार्ट अटैक के दौरान पसीना आना एक सामान्य लक्षण हो सकता है।

किन लोगों को है सबसे ज्यादा खतरा?

उम्र बढ़ने वाले लोग:

वृद्धावस्था में शरीर के अंगों की कार्य क्षमता कम होती है, और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। 45 साल से ऊपर के पुरुषों और 55 साल से ऊपर की महिलाओं में साइलेंट हार्ट अटैक का खतरा ज्यादा होता है।

हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज के मरीज:

हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज से पीड़ित लोग अधिक जोखिम में होते हैं। इन स्थितियों के कारण रक्त वाहिकाएं संकुचित हो जाती हैं और रक्त प्रवाह में बाधा उत्पन्न होती है, जो हार्ट अटैक का कारण बन सकता है।

धूम्रपान करने वाले लोग:

धूम्रपान से दिल के दौरे का खतरा कई गुना बढ़ जाता है, क्योंकि यह रक्त वाहिकाओं को संकुचित करता है और खून का थक्का बनने की संभावना को बढ़ाता है।

मोटापे से पीड़ित लोग:

अत्यधिक वजन और मोटापा भी दिल के दौरे के खतरे को बढ़ाता है, क्योंकि यह शरीर में उच्च कोलेस्ट्रॉल, हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज जैसी समस्याओं का कारण बन सकता है।

परिवार में हृदय रोग का इतिहास:

अगर परिवार के किसी सदस्य को हृदय रोग रहा है, तो उस व्यक्ति को साइलेंट हार्ट अटैक का खतरा अधिक हो सकता है। परिवार में दिल की बीमारियों का इतिहास होने पर व्यक्ति को विशेष ध्यान रखना चाहिए।

बचाव के उपाय:

नियमित रूप से स्वास्थ्य जांच करवाएं।

सही आहार और शारीरिक व्यायाम से वजन को नियंत्रित रखें।

तनाव को कम करने के उपाय अपनाएं, जैसे योग और ध्यान।

धूम्रपान से बचें और शराब का सेवन सीमित करें।

साइलेंट हार्ट अटैक के लक्षणों को पहचानना और समय रहते उपचार करवाना अत्यंत महत्वपूर्ण है। अगर आपको इन लक्षणों में से कोई भी लक्षण महसूस होता है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

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