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फिटनेस के बावजूद हाई कोलेस्ट्रॉल का खतरा, इन 3 बातों को न करें नजरअंदाज

nidhi
26 Sept 2026 10:32 AM IST
फिटनेस के बावजूद हाई कोलेस्ट्रॉल का खतरा, इन 3 बातों को न करें नजरअंदाज
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हाई कोलेस्ट्रॉल
नियमित जिम जाने, वजन नियंत्रित रखने और बाहर से पूरी तरह फिट दिखाई देने के बावजूद किसी व्यक्ति का कोलेस्ट्रॉल बढ़ा हुआ हो सकता है। हाई कोलेस्ट्रॉल हमेशा मोटापे या खराब फिटनेस से जुड़ा नहीं होता। आनुवंशिक कारण, खानपान, उम्र, धूम्रपान, डायबिटीज और कुछ अन्य स्वास्थ्य स्थितियां भी रक्त में कोलेस्ट्रॉल के स्तर को प्रभावित कर सकती हैं।
हाई कोलेस्ट्रॉल की सबसे बड़ी परेशानी यह है कि आमतौर पर इसके स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देते। कई लोगों को इसका पता नियमित ब्लड टेस्ट या लिपिड प्रोफाइल कराने के बाद ही चलता है। लंबे समय तक LDL यानी खराब कोलेस्ट्रॉल अधिक रहने से धमनियों में प्लाक जमा हो सकता है, जिससे हृदय रोग और स्ट्रोक का जोखिम बढ़ता है।
फिट हैं तो भी क्यों बढ़ सकता है कोलेस्ट्रॉल?
शरीर का वजन और दिखावट किसी व्यक्ति के हृदय स्वास्थ्य की पूरी तस्वीर नहीं बताते। कोई व्यक्ति नियमित व्यायाम कर सकता है और उसका वजन भी सामान्य हो सकता है, लेकिन परिवार में कम उम्र में हृदय रोग या बहुत अधिक कोलेस्ट्रॉल का इतिहास होने पर उसका जोखिम अलग हो सकता है।
खाने में अधिक सैचुरेटेड और ट्रांस फैट, धूम्रपान और कुछ स्वास्थ्य स्थितियां भी LDL कोलेस्ट्रॉल बढ़ा सकती हैं। इसलिए केवल यह मान लेना कि जिम जाने से कोलेस्ट्रॉल की समस्या नहीं हो सकती, सही नहीं है।
डॉक्टर से पहला सवाल- मेरा LDL कितना होना चाहिए?
लिपिड प्रोफाइल में कुल कोलेस्ट्रॉल के अलावा LDL, HDL और ट्राइग्लिसराइड्स जैसे आंकड़े आते हैं। इनमें LDL को अक्सर 'बैड कोलेस्ट्रॉल' कहा जाता है। लेकिन हर व्यक्ति के लिए इसका लक्ष्य एक जैसा नहीं होता।
डॉक्टर से पूछें कि आपकी उम्र, ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, धूम्रपान, पारिवारिक इतिहास और हृदय रोग के जोखिम को देखते हुए LDL का लक्ष्य कितना होना चाहिए। जिन लोगों को पहले से हृदय संबंधी बीमारी है, उनके लिए लक्ष्य अन्य लोगों की तुलना में अलग हो सकता है।
दूसरा सवाल- क्या मेरे परिवार का इतिहास जोखिम बढ़ाता है?
अगर माता-पिता या नजदीकी रिश्तेदारों में कम उम्र में हार्ट अटैक या बहुत अधिक कोलेस्ट्रॉल का इतिहास रहा है तो इसकी जानकारी डॉक्टर को जरूर दें। कुछ लोगों में फैमिलियल हाइपरकोलेस्ट्रोलेमिया जैसी आनुवंशिक स्थिति के कारण LDL का स्तर कम उम्र से ही काफी अधिक हो सकता है।
ऐसे मामलों में सिर्फ एक्सरसाइज और सामान्य डाइट बदलाव पर्याप्त होंगे या अतिरिक्त जांच और दवा की जरूरत है, यह डॉक्टर व्यक्ति की स्थिति के आधार पर तय कर सकते हैं।
तीसरा सवाल- सिर्फ लाइफस्टाइल बदलाव काफी हैं या इलाज भी चाहिए?
हाई कोलेस्ट्रॉल मिलने पर डॉक्टर से स्पष्ट रूप से पूछें कि डाइट और एक्सरसाइज में क्या बदलाव जरूरी हैं और दोबारा लिपिड प्रोफाइल कब कराना चाहिए। साथ ही यह भी जानें कि आपके समग्र हृदय जोखिम के आधार पर दवा की जरूरत है या नहीं।
नियमित शारीरिक गतिविधि, संतुलित आहार, धूम्रपान से दूरी और स्वस्थ वजन हृदय स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण हैं। लेकिन कोलेस्ट्रॉल की दवा खुद से शुरू या बंद नहीं करनी चाहिए।
जांच ही बताएगी वास्तविक स्थिति
हाई कोलेस्ट्रॉल अक्सर बिना लक्षण के रहता है। इसलिए केवल शरीर की फिटनेस या वजन देखकर इसका अनुमान नहीं लगाया जा सकता। अपने व्यक्तिगत जोखिम और जांच की जरूरत डॉक्टर से समझना बेहतर है। खासकर परिवार में हृदय रोग का इतिहास, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर या अन्य जोखिम मौजूद हों तो नियमित स्वास्थ्य जांच महत्वपूर्ण हो सकती है।
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