लाइफ स्टाइल

स्टडी में खुलासा: वेंटिलेटर से कोरोना के गंभीर मरीज कैसे बचे

Triveni
16 Dec 2022 11:39 AM GMT
स्टडी में खुलासा: वेंटिलेटर से कोरोना के गंभीर मरीज कैसे बचे
x

फाइल फोटो 

कोरोना के कई गंभीर मरीज वेंटिलेटर मिलने पर भी नहीं बच पाए। इसे लेकर भोपाल एम्स के डॉक्टरों ने मरीजों पर शोध किया।

जनता से रिश्ता वेबडेस्क | कोरोना काल में मौत का भयानक मंजर कमोबेश हर परिवार ने देखा। सांस लेने तक को तड़पते किसी अपने को लेकर एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल भागने का दृश्य हम कभी नहीं भूल सकते। भोपाल एम्स ने ऐसे मरीजों पर ही एक स्टडी रिपोर्ट तैयार की है। इसके मुताबिक कोविड-19 के जिन गंभीर मरीजों को समय पर वेंटिलेटर की सुविधा मिली, उनके बचने की संभावना भी बढ़ गई। कम उम्र और कोई पुरानी गंभीर बीमारी न होना भी इसमें बड़े फैक्टर रहे। शुरुआती दिनों में तो वेंटिलेटर पर जाने के बाद शायद ही कोई जिंदा लौटता था, लेकिन समय के साथ इसमें भी सुधार आया। रिपोर्ट के अनुसार जो मरीज लंबे समय तक वेंटिलेटर पर रहे, उनमें डर और चिड़चिड़ापन जैसे लक्षण दिखने लगे। उन्हें सामान्य होने में छह महीने तक का समय लग गया।

Next Story